छत्तीसगढ़ के रामनामी: बिना मंदिर, शरीर पर राम नाम की अनूठी भक्ति

छत्तीसगढ़ के हृदय में एक ऐसा समुदाय निवास करता है, जिसकी भक्ति की परिभाषा पारंपरिक मंदिरों और मूर्तियों से परे है।

रामनामी समुदाय, जो मुख्य रूप से छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों जैसे जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर और बलौदाबाजार में फैला हुआ है, अपनी अनूठी आध्यात्मिक पहचान के लिए जाना जाता है।

इस समुदाय के सदस्य भगवान राम की आराधना शरीर पर 'राम' नाम गुदवाकर (टैटू) करते हैं।

यह परंपरा लगभग 130 साल पहले शुरू हुई थी, जब सामाजिक भेदभाव और जातिगत असमानता के चलते निम्न जाति के लोगों को मंदिरों में प्रवेश की अनुमति नहीं थी।

छत्तीसगढ़ के रामनामी: बिना मंदिर, शरीर पर राम नाम की अनूठी भक्ति

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