स्वयं सहायता समूह से जुड़कर दशमत साहू ने कमाए 2 लाख रुपए, बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल। मेहनत, लगन और सही मार्गदर्शन जब एक साथ मिलते हैं, तो बदलाव की नई इबारत लिखी जाती है।
छत्तीसगढ़ शासन के 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत ग्रामीण अंचल से सफलता की ऐसी ही एक प्रेरक कहानी सामने आई है, जहाँ सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के ग्राम मल्दा-अ की श्रीमती दशमत साहू ने मिर्च की वैज्ञानिक व व्यवस्थित खेती से न सिर्फ अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ किया है, बल्कि पूरे क्षेत्र की महिलाओं के लिए प्रेरणापुंज बन गई हैं।
पारंपरिक खेती की सीमाओं से बाहर निकलकर आजीविका के नए अवसर तलाश रहीं दशमत साहू 'दुर्गा महिला स्वयं सहायता समूह' से जुड़ीं।
समूह से मिलने वाले सहयोग और प्रोत्साहन ने उन्हें उन्नत कृषि की ओर प्रेरित किया, जिसके बाद उन्होंने स्थानीय संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करते हुए व्यावसायिक स्तर पर मिर्च का उत्पादन शुरू किया।