रायपुर। भारतीय ज्योतिष शास्त्र में नवग्रहों का व्यक्ति के जीवन, स्वभाव, स्वास्थ्य और मानसिक स्थिति पर प्रभाव माना जाता है।
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, जन्मकुंडली में ग्रहों की स्थिति, दृष्टि और बल व्यक्ति के जीवन के विभिन्न पहलुओं से जुड़े होते हैं।
विशेष रूप से नवग्रहों को शरीर के अलग-अलग अंगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का कारक माना गया है।Vastu Guruji Rana Sikander के अनुसार, कुंडली में किसी ग्रह की कमजोर स्थिति को पारंपरिक ज्योतिष में कुछ स्वास्थ्य समस्याओं से जोड़कर देखा जाता है।
हालांकि, ये ज्योतिषीय मान्यताएं हैं और इनका वैज्ञानिक चिकित्सा प्रमाण के रूप में उपयोग नहीं किया जाना चाहिए।