रायपुर। वास्तु शास्त्र में भगवान गणेश को बुद्धि, विवेक, शुभता और विघ्नों के निवारण का प्रतीक माना जाता है।
किसी भी शुभ कार्य से पहले भगवान गणेश की पूजा करने की परंपरा भारतीय संस्कृति में लंबे समय से चली आ रही है।
वास्तु गुरुजी राणा सिकंदर के अनुसार, घर या कार्यस्थल पर भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करते समय केवल धार्मिक आस्था ही नहीं, बल्कि स्थान, स्वच्छता और प्रतिमा के स्वरूप का भी ध्यान रखना चाहिए।भगवान गणेश क्यों माने जाते हैं शुभता के प्रतीक?भगवान गणेश को प्रथम पूज्य माना जाता है।
उनकी पूजा शुभ कार्यों की शुरुआत में की जाती है। वास्तु की मान्यताओं के अनुसार, गणेश जी की प्रतिमा घर या कार्यालय में सकारात्मक और शांत वातावरण का प्रतीक मानी जाती है।