इंटरनेट पर वायरल MMS वीडियो: सच्चाई, अफवाह और विश्वसनीयता पर सवालनई दिल्ली। इंटरनेट और सोशल मीडिया के दौर में “MMS वीडियो वायरल” जैसे शब्द आए दिन ट्रेंड करते रहते हैं।
पिछले कुछ दिनों में भी कई प्लेटफॉर्म्स पर ऐसे दावे सामने आए हैं, जिनमें कथित MMS वीडियो के वायरल होने की बात कही जा रही है।
हालांकि, इन दावों की सच्चाई और विश्वसनीयता (credibility) को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।डिजिटल विशेषज्ञों और साइबर कानून से जुड़े जानकारों का कहना है कि इंटरनेट पर वायरल होने वाले अधिकांश MMS वीडियो या तो पुराने, एडिटेड, भ्रामक होते हैं या फिर क्लिकबेट (Clickbait) के तौर पर फैलाए जाते हैं।
कई बार इनका उद्देश्य केवल व्यूज, ट्रैफिक या सोशल मीडिया फॉलोअर्स बढ़ाना होता है, जबकि वास्तविकता से उनका कोई सीधा संबंध नहीं होता।कैसे फैलती हैं MMS वीडियो से जुड़ी अफवाहेंसोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे WhatsApp, Telegram, X (Twitter), Facebook और Instagram पर किसी भी संदिग्ध वीडियो या लिंक को बिना सत्यापन के साझा कर दिया जाता है।