गुरुवार को भारतीय मूल के नासा अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन ने अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) के बाहर अपना पहला स्पेसवॉक सफलतापूर्वक पूरा किया।
यह मिशन उनके लिए सिर्फ एक नियमित रखरखाव कार्य से कहीं अधिक था, क्योंकि उन्होंने ISS की बिजली प्रणाली को उन्नत करने और भविष्य के मिशनों के लिए इसकी ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अंतरिक्ष के निर्वात में कदम रखा।
यह उनके करियर का एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है और अंतरिक्ष अन्वेषण में भारत की बढ़ती भागीदारी का प्रतीक भी है।ऐतिहासिक स्पेसवॉक और मिशन का उद्देश्ययह साढ़े छह घंटे की एक्स्ट्रावेहिकुलर एक्टिविटी (EVA) थी, जिसमें अनिल मेनन ने अनुभवी नासा अंतरिक्ष यात्री जेसिका मीर के साथ मिलकर काम किया, जो अपना छठा स्पेसवॉक कर रही थीं।
इस जोड़ी ने ISS की दीर्घकालिक बिजली आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण कार्य किया। उनका प्राथमिक उद्देश्य स्टेशन के **3B पावर चैनल