इंदौर की सेंट राफेल हायर सेकेंडरी स्कूल में नौवीं कक्षा में पढ़ने वाली श्रेया गुप्ता ने अपनी कम उम्र में ही साहित्यिक दुनिया में एक महत्वपूर्ण पहचान बनाई है।
उन्होंने पर्यावरण जैसे गंभीर विषय पर 'प्रकृति की पुकार' नामक एक पुस्तक लिखी है, जो उनके गहन चिंतन और प्रकृति के प्रति प्रेम को दर्शाती है।
इसके साथ ही, उनके कविता संग्रह 'जीवन के रंग' को हाल ही में एक प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय काव्य महोत्सव में अवार्ड से सम्मानित किया गया है, जिसने उन्हें युवा लेखकों की श्रेणी में एक प्रेरणादायक व्यक्तित्व के रूप में स्थापित किया है।
यह उपलब्धि न केवल श्रेया के साहित्यिक कौशल को उजागर करती है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और समाज को सकारात्मक संदेश देने की उनकी इच्छा को भी दर्शाती है।युवा लेखिका का पर्यावरण प्रेमश्रेया गुप्ता की लेखन यात्रा का मूल उनके पर्यावरण प्रेम में निहित है।