देशभर के धान उत्पादक किसान इन दिनों एक गंभीर वित्तीय संकट का सामना कर रहे हैं, क्योंकि राज्य सरकारों द्वारा धान की सरकारी खरीद शुरू करने में लगातार देरी हो रही है।
विशेषकर छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश जैसे धान बहुल राज्यों में, जहां फसल की कटाई लगभग पूरी हो चुकी है, लाखों किसान अपनी उपज बेचने के लिए सरकारी मंडियों के खुलने का इंतजार कर रहे हैं।
यह देरी ऐसे समय में हो रही है जब आगामी त्योहारी सीजन नजदीक है, और किसानों को अपने परिवार की जरूरतों के लिए पैसों की सख्त आवश्यकता है।
इस अनिश्चितता के चलते, अन्नदाताओं के मन में यह सवाल गहराता जा रहा है कि सरकार कब उनकी मेहनत का मोल चुकाएगी और उनके लिए 'तिहार' मनाना कैसे संभव होगा।खरीदी में देरी और किसानों की आर्थिक बदहालीधान की फसल, जो भारत के ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, किसानों के लिए वर्ष भर की मेहनत का फल होती है।