ओटीटी सामग्री पर कसेगा शिकंजा, CBFC मंजूरी अनिवार्य

भारत में डिजिटल सामग्री के बढ़ते प्रभाव और हाल ही में उठे विवादों के मद्देनजर, केंद्र सरकार ने ओटीटी (ओवर-द-टॉप) प्लेटफॉर्म्स पर रिलीज होने वाली फिल्मों और वेब सीरीज के लिए केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) की मंजूरी को अनिवार्य करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।

यह कदम पंजाबी सुपरस्टार दिलजीत दोसांझ की आगामी फिल्म 'जट्ट एंड जूलियट 3' के गाने 'सतलुज' को लेकर उठे विवाद के ठीक बाद आया है, जिसमें सतलुज-यमुना लिंक (SYL) नहर से संबंधित संवेदनशील मुद्दों पर गीत के बोलों को लेकर आपत्ति जताई गई थी।

इस नए नियम का उद्देश्य ओटीटी सामग्री की जवाबदेही सुनिश्चित करना, विभिन्न प्लेटफार्मों पर एकरूपता लाना और संवेदनशील विषयों पर सामग्री के गैर-जिम्मेदाराना प्रस्तुतीकरण को रोकना है।

यह नीतिगत बदलाव सभी भारतीय ओटीटी प्लेटफार्मों पर लागू होगा और जल्द ही इसके औपचारिक दिशानिर्देश जारी होने की उम्मीद है, जिससे कंटेंट निर्माताओं और प्लेटफार्म संचालकों दोनों के लिए नई चुनौतियां और अवसर पैदा होंगे।ओटीटी सामग्री पर कसता शिकंजाअब तक, पारंपरिक सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली फिल्मों के विपरीत, ओटीटी प्लेटफॉर्म पर जारी होने वाली सामग्री को CBFC की पूर्व-मंजूरी की आवश्यकता नहीं थी।

ओटीटी सामग्री पर कसेगा शिकंजा, CBFC मंजूरी अनिवार्य

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