गुजरात के प्रसिद्ध गिर वन क्षेत्र में संदिग्ध संक्रमण के कारण चार शेर शावकों की दुखद मौत हो गई है, जिससे राज्य के वन्यजीव संरक्षण प्रयासों पर चिंता बढ़ गई है।
इस घटना के बाद, एहतियाती कदम उठाते हुए कुल 17 वयस्क शेरों को अलग-अलग रखकर उनकी गहन निगरानी और उपचार किया जा रहा है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने बुधवार को गांधीनगर में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की, जिसमें वन विभाग के अधिकारियों को तत्काल और प्रभावी उपाय करने के निर्देश दिए गए।
यह घटना गिर गढ़डा और बाबरिया क्षेत्र के आसपास घटित हुई है, और प्रशासन अब पूरे 10 किलोमीटर के दायरे में आने वाले सभी शेरों के स्वास्थ्य पर कड़ी नजर रख रहा है।संक्रमण का खतरा और बचाव के उपायगिर वन क्षेत्र में शावकों की मौत के बाद, वन विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संदिग्ध संक्रमण के स्रोत और प्रसार को रोकने के लिए व्यापक कदम उठाए हैं।