पश्चिम बंगाल आज केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा योजना का हिस्सा बन जाएगा, जिससे राज्य के लगभग छह करोड़ 'स्वास्थ्य साथी' लाभार्थियों को आठ साल बाद इस योजना का लाभ मिल सकेगा।
राज्य सरकार और राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) के बीच नई दिल्ली में एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।
इस ऐतिहासिक कदम से पश्चिम बंगाल आयुष्मान भारत योजना को लागू करने वाला देश का 36वां राज्य बन जाएगा, जो आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को बेहतर और व्यापक स्वास्थ्य सुविधाएँ प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।
यह समझौता केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी.