भारतीय मूल की दिग्गज उद्यमी और पेप्सिको की पूर्व सीईओ इंद्र नूयी ने हाल ही में एक सनसनीखेज बयान देकर वैश्विक मंच पर बहस छेड़ दी है।
उन्होंने दावा किया है कि वह अमेरिका के अलावा दुनिया के किसी भी अन्य देश में, यहां तक कि अपने गृह देश भारत में भी, एक वैश्विक कंपनी की सीईओ नहीं बन पातीं।
यह बयान पूर्व अमेरिकी विदेश मंत्री और वर्तमान में स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय के हूवर इंस्टीट्यूशन की निदेशक कोंडोलीज़ा राइस के साथ एक बातचीत के दौरान आया, जिसमें नूयी ने अमेरिकी प्रणाली को योग्यता-आधारित बताया।
उनका मानना है कि यह प्रणाली प्रतिभा को पुरस्कृत करती है और व्यक्तियों के लिए अपार अवसर पैदा करती है, चाहे उनकी पृष्ठभूमि कुछ भी हो।अमेरिकी योग्यता प्रणाली: नूयी का दृष्टिकोणइंद्र नूयी का यह बयान अमेरिका में अवसरों की समानता और योग्यता के महत्व पर प्रकाश डालता है।