चौथी पीढ़ी के लड़ाकू विमानों की बढ़ती मांग: क्यों मिल रहे अरबों डॉलर के ऑर्डर?

दुनिया की वायु सेनाएं भले ही पांचवीं और छठी पीढ़ी के स्टील्थ लड़ाकू विमानों की दौड़ में लगी हों, लेकिन इसके समानांतर एक और महत्वपूर्ण प्रवृत्ति सामने आ रही है।

कई देश लगातार चौथी और 4.5वीं पीढ़ी के विमानों के लिए बड़े ऑर्डर दे रहे हैं।

फ्रांस का राफेल, अमेरिका का F-15EX और स्वीडन का ग्रिपेन जैसे कई प्लेटफॉर्म अभी भी बड़े ऑर्डर आकर्षित कर रहे हैं, जिससे इन लड़ाकू विमानों के ऑर्डर बुक में लगातार वृद्धि हो रही है, जबकि अत्याधुनिक स्टील्थ कार्यक्रम सुर्खियों में छाए हुए हैं।

ये विमान लागत-प्रभावशीलता, उच्च उपलब्धता, निरंतर अपग्रेड और भारी हथियार ले जाने की क्षमता के कारण वैश्विक रक्षा बाजारों में अपनी मजबूत पकड़ बनाए हुए हैं।प्रमुख सौदे और वैश्विक पहुंचफ्रांस के डसॉल्ट राफेल ने 2026 की शुरुआत तक 200 से अधिक विमानों के ऑर्डर का आंकड़ा पार किया है, जिसमें इंडोनेशिया को 2022 के 42 जेट के ऑर्डर की डिलीवरी इस साल से शुरू हो गई है।

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