देश में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत और पारदर्शी बनाने के लिए सरकार ने शिक्षा का अधिकार (RTE) कानून को लेकर सख्त रुख अपनाया है।
हाल के निर्देशों में यह साफ किया गया है कि अब निजी स्कूलों में RTE के तहत होने वाले एडमिशन, फीस और चयन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सरकार का मानना है कि शिक्षा केवल एक सुविधा नहीं बल्कि हर बच्चे का मौलिक अधिकार है।
इसी उद्देश्य के तहत अब शिक्षा विभाग द्वारा निगरानी तंत्र को मजबूत किया जा रहा है और स्कूलों पर सख्त नियम लागू किए जा रहे हैं।निजी स्कूलों पर कड़ी निगरानीनए निर्देशों के तहत निजी स्कूलों को स्पष्ट रूप से कहा गया है कि वे RTE के तहत दाखिला लेने वाले बच्चों से किसी भी प्रकार की अतिरिक्त फीस नहीं ले सकते।