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राष्ट्रपति मुर्मू का छत्तीसगढ़ दौरा: भव्य स्वागत, ₹200 का सिक्का जारी

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राष्ट्रपति मुर्मू का छत्तीसगढ़ दौरा: भव्य स्वागत, ₹200 का सिक्का जारी
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 22 अक्टूबर, 2026 को दो दिवसीय दौरे पर छत्तीसगढ़ पहुंचीं, जहाँ राजधानी रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उनका भव्य स्वागत किया। इस ऐतिहासिक दौरे का उद्देश्य राज्य के सांस्कृतिक, सामाजिक और आध्यात्मिक महत्व से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेना है। महामहिम राष्ट्रपति ने लोकभवन में पूज्य माता हासी देवी जी के सम्मान में 200 रुपये का स्मारक सिक्का जारी किया, साथ ही नुआखाई पर्व, सेवा सम्मान पर्व और युवा प्रबोधन जैसे महत्वपूर्ण आयोजनों में अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। यह दौरा छत्तीसगढ़ के लिए विशेष महत्व रखता है, जो राज्य के गौरव और परंपराओं को राष्ट्रीय पटल पर उजागर करता है।

भव्य स्वागत और महत्वपूर्ण घोषणाएं

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के रायपुर आगमन पर हवाई अड्डे पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गर्मजोशी से उनका स्वागत किया। इस अवसर पर राज्यपाल रमेश डेका, मंत्री विजय शर्मा, मंत्री खुशवंत साहेब, मंत्री राजेश अग्रवाल, मंत्री ओपी चौधरी, मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल और सांसद विजय बघेल सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। यह स्वागत समारोह राज्य सरकार और जनता की ओर से महामहिम राष्ट्रपति के प्रति सम्मान का प्रतीक था। अपने आगमन के तुरंत बाद, राष्ट्रपति मुर्मू दोपहर 12:45 बजे रायपुर स्थित लोकभवन में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में शामिल हुईं। इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण पूज्य माता हासी देवी जी के सम्मान में 200 रुपये का स्मारक सिक्का जारी करना था। यह सिक्का देश की समृद्ध विरासत और आध्यात्मिक व्यक्तित्वों को श्रद्धांजलि देने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है, जो भविष्य की पीढ़ियों को प्रेरणा देगा। इस घोषणा ने छत्तीसगढ़ के आध्यात्मिक और सामाजिक क्षेत्र में एक नई ऊर्जा का संचार किया है, क्योंकि यह एक महत्वपूर्ण धार्मिक और सामाजिक हस्ती के योगदान को मान्यता देता है।

रायपुर में सांस्कृतिक और युवा कार्यक्रम

अपने दौरे के पहले दिन, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रायपुर में कई महत्वपूर्ण सांस्कृतिक और युवा केंद्रित कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। शाम 4 बजे उन्होंने रायपुर के इंडोर स्टेडियम में नुआखाई पर्व के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शिरकत की। नुआखाई पश्चिमी ओडिशा और दक्षिणी छत्तीसगढ़ में मनाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण कृषि पर्व है, जो नई फसल के आगमन का प्रतीक है। इस अवसर पर राष्ट्रपति ने सेवा सम्मान पर्व एवं युवा प्रबोधन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देना और युवाओं को प्रेरित करना था। सेवा सम्मान पर्व समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों को सम्मानित करने का एक मंच प्रदान करता है, जबकि युवा प्रबोधन कार्यक्रम युवाओं को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित करता है। राष्ट्रपति की उपस्थिति ने इन आयोजनों को विशेष गरिमा प्रदान की, और उनके संबोधन से उपस्थित जनसमूह में उत्साह का संचार हुआ।

बस्तर में आध्यात्मिक और पारंपरिक जुड़ाव

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अपने दो दिवसीय दौरे के दूसरे दिन बस्तर प्रवास पर रहेंगी, जो छत्तीसगढ़ की आदिवासी संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत का केंद्र है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, वे सुबह 11 बजे जगदलपुर स्थित मां दंतेश्वरी मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगी। मां दंतेश्वरी बस्तर क्षेत्र की आराध्य देवी हैं और यह मंदिर लाखों भक्तों की आस्था का केंद्र है। राष्ट्रपति का यह दौरा न केवल उनकी व्यक्तिगत श्रद्धा को दर्शाता है, बल्कि यह आदिवासी समुदायों की आस्था और परंपराओं के प्रति राष्ट्रीय सम्मान को भी मजबूत करता है। मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद, दोपहर 12:45 बजे राष्ट्रपति मुरिया दरबार एवं बस्तर दशहरा के अवसर पर आयोजित सार्वजनिक कार्यक्रम में शामिल होंगी। बस्तर दशहरा अपनी अनोखी परंपराओं और 75 दिनों तक चलने वाले लंबे आयोजन के लिए विश्व प्रसिद्ध है। मुरिया दरबार बस्तर के आदिवासी समाज की एक प्राचीन न्यायिक और प्रशासनिक परंपरा है, जहाँ स्थानीय मुद्दों पर चर्चा की जाती है। राष्ट्रपति की उपस्थिति इन पारंपरिक आयोजनों को एक नई पहचान देगी और आदिवासी संस्कृति के संरक्षण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को मजबूत करेगी।

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मुख्यमंत्री साय ने जताया आभार, प्रदेश के लिए गौरव

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के छत्तीसगढ़ दौरे को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपनी प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि "छत्तीसगढ़ के लिए सौभाग्य का विषय है कि राष्ट्रपति यहां आ रही हैं। उनका सभी की तरफ़ से स्वागत अभिनंदन है।" मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि राष्ट्रपति द्वारा 200 रुपये के स्मारक सिक्के का विमोचन और बस्तर के प्रवास के दौरान एक आम सभा को संबोधित करना राज्य के लिए अत्यंत गौरव का विषय है। यह दौरा न केवल राज्य के विकास और सांस्कृतिक पहचान को बढ़ावा देगा, बल्कि यह केंद्र और राज्य के बीच संबंधों को भी मजबूत करेगा। राष्ट्रपति का आगमन छत्तीसगढ़ के लोगों के लिए एक प्रेरणा का स्रोत है, जो उन्हें अपनी संस्कृति, परंपराओं और विकास के प्रति प्रतिबद्ध रहने के लिए प्रोत्साहित करेगा। यह दौरा राज्य के पर्यटन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को भी बढ़ावा देगा, जिससे छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी।

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लेखक
Dipti Das
दिप्ति दास साकार भारत की रिपोर्टर हैं। वे छत्तीसगढ़ और देश की ताज़ा खबरें, राजनीति, समाज और जनहित के विषयों पर रिपोर्ट करती हैं।

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