छत्तीसगढ़ में तूफान 'अर्नब' का असर घटा, पर अब भी बारिश और गरज-चमक के साथ बिजली गिरने का खतरा -
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Fourth Revision - Section 4: ## मौसम परिवर्तन और दीर्घकालिक चुनौतियां।
हाल के वर्षों में छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में मौसम के मिजाज में अप्रत्याशित बदलाव देखने को मिल रहे हैं। चक्रवाती तूफानों की बढ़ती आवृत्ति और उनकी तीव्रता जलवायु परिवर्तन के स्पष्ट संकेत हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि समुद्र के बढ़ते तापमान और वायुमंडलीय अस्थिरता ऐसी मौसमी घटनाओं के लिए जिम्मेदार हैं। तूफान 'अर्नब' का कमजोर पड़ना एक राहत है, लेकिन गरज-चमक और बिजली गिरने का खतरा ग्रामीण क्षेत्रों में चिंता का विषय बना हुआ है, जहां हर साल कई लोग इसकी चपेट में आते हैं।
सरकार और मौसम विभाग आधुनिक तकनीक का उपयोग करके पूर्वानुमानों को और सटीक बनाने पर काम कर रहे हैं। किसानों को भी मौसम संबंधी सलाह समय पर उपलब्ध कराने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग किया जा रहा है। दीर्घकालिक रणनीति के तहत आपदा प्रतिरोधी बुनियादी ढांचे का निर्माण और जन जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। नागरिकों को मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों को गंभीरता से लेने और सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करने की आवश्यकता है। यह जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा और भविष्य की चुनौतियों से निपटने में सहायक होगा। (139 words) - This section is fine.
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