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सीएम मोहन यादव का बालाघाट दौरा: आदिवासियों को ₹225 करोड़ का रिटर्न गिफ्ट

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सीएम मोहन यादव का बालाघाट दौरा: आदिवासियों को ₹225 करोड़ का रिटर्न गिफ्ट
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मुख्यमंत्री मोहन यादव ने हाल ही में मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में जनजातीय समुदाय के बीच पहुंचकर विकास और कल्याण की एक नई इबारत लिखी। इस दौरान, लाडली बहनों द्वारा उन्हें राखी बांधे जाने के भावनात्मक अवसर पर, मुख्यमंत्री ने ₹225 करोड़ के विभिन्न विकास कार्यों की सौगात दी, जिसे उन्होंने 'रिटर्न गिफ्ट' का नाम दिया। यह दौरा प्रदेश सरकार की जनजातीय समाज के उत्थान, महिला सशक्तिकरण और क्षेत्रीय विकास के प्रति गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाता है, साथ ही यह संदेश भी देता है कि सरकार समाज के हर वर्ग के साथ खड़ी है, विशेषकर उन वर्गों के साथ जो लंबे समय से विकास की मुख्यधारा से वंचित रहे हैं। मुख्यमंत्री का यह कदम न केवल स्थानीय लोगों के बीच खुशी लेकर आया, बल्कि प्रदेश की कल्याणकारी योजनाओं को जमीनी स्तर पर पहुंचाने की सरकार की मंशा को भी बल मिला।

विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और सौगात

मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा घोषित ₹225 करोड़ का 'रिटर्न गिफ्ट' बालाघाट जिले के जनजातीय बहुल क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के विकास और जनजीवन को बेहतर बनाने के उद्देश्य से है। इस विशाल राशि का उपयोग मुख्य रूप से पेयजल आपूर्ति, सड़क निर्माण, शिक्षा के विस्तार, स्वास्थ्य सुविधाओं के उन्नयन और ग्रामीण विद्युतीकरण जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं में किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इन परियोजनाओं का लक्ष्य दूरस्थ आदिवासी गांवों तक विकास की रोशनी पहुंचाना है, जिससे इन क्षेत्रों में रहने वाले हजारों परिवारों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आ सके। उन्होंने यह भी बताया कि इन विकास कार्यों में स्थानीय लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी ताकि परियोजनाएं उनकी वास्तविक जरूरतों के अनुरूप हों और उनका स्वामित्व महसूस हो। इस पहल से न केवल रोजगार के अवसर पैदा होंगे बल्कि क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

लाडली बहनों का स्नेह और मुख्यमंत्री का आभार

बालाघाट दौरे के दौरान, मुख्यमंत्री मोहन यादव को स्थानीय लाडली बहनों ने बड़े ही स्नेह और सम्मान के साथ राखी बांधी। इस भावुक पल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह राखी सिर्फ एक धागा नहीं, बल्कि बहनों का अटूट विश्वास और प्रेम है, जिसे वह पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाएंगे। उन्होंने लाडली बहना योजना को मध्य प्रदेश की महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने वाली एक क्रांतिकारी पहल बताया। मुख्यमंत्री ने योजना की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उन्हें समाज में सम्मानजनक स्थान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक स्वावलंबन के लिए निरंतर प्रयासरत है और भविष्य में भी उनके कल्याण के लिए नई योजनाएं लाती रहेगी। मुख्यमंत्री ने सभी बहनों को आश्वस्त किया कि वे उनके हर सुख-दुख में साथ खड़े रहेंगे।

जनजातीय कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता

मुख्यमंत्री मोहन यादव के बालाघाट दौरे ने प्रदेश सरकार की जनजातीय कल्याण के प्रति गहरी प्रतिबद्धता को एक बार फिर उजागर किया है। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि उनकी सरकार आदिवासी समाज के सर्वांगीण विकास के लिए कटिबद्ध है और इस दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। उन्होंने पेसा एक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया, जिससे आदिवासी समुदायों को उनके जल, जंगल, जमीन पर अधिकार मिल सके। इसके साथ ही, उन्होंने आदिवासी युवाओं को मुख्यधारा में लाने के लिए कौशल विकास कार्यक्रमों और रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण पर बल दिया। मुख्यमंत्री ने बताया कि आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए विशेष आवासीय विद्यालय, छात्रवृत्ति योजनाओं और डिजिटल शिक्षा सुविधाओं को और सशक्त किया जाएगा। उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा और रानी दुर्गावती जैसे आदिवासी नायकों के आदर्शों पर चलकर समाज को मजबूत करने और उनकी गौरवशाली परंपराओं को संरक्षित करने का आह्वान किया। यह दौरा दर्शाता है कि सरकार जनजातीय समुदायों को केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि विकास प्रक्रिया का सक्रिय भागीदार मानती है।

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क्षेत्रीय विकास और सामाजिक समरसता का संदेश

मुख्यमंत्री मोहन यादव का बालाघाट दौरा केवल विकास परियोजनाओं की घोषणा तक ही सीमित नहीं था, बल्कि यह क्षेत्रीय विकास और सामाजिक समरसता का एक महत्वपूर्ण संदेश भी लेकर आया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार का लक्ष्य एक ऐसा मध्य प्रदेश बनाना है जहां हर वर्ग, हर समुदाय बिना किसी भेदभाव के विकास की मुख्यधारा से जुड़ सके। उन्होंने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच के अंतर को कम करने तथा संतुलित विकास सुनिश्चित करने की बात कही। बालाघाट जैसे जनजातीय बहुल जिले में इस तरह का उच्च-स्तरीय दौरा स्थानीय लोगों में सरकार के प्रति विश्वास और अपनेपन की भावना को मजबूत करता है। यह सरकार की जनहितैषी नीतियों और सबका साथ, सबका विकास के मूल मंत्र को जमीनी स्तर पर चरितार्थ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री ने जनता से आह्वान किया कि वे सरकार की योजनाओं का लाभ उठाएं और प्रदेश के विकास में अपना सक्रिय योगदान दें।

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