छत्तीसगढ़ 7 मिनट पढ़ें

देहरादून की 40 सड़कों का जिम्मा छत्तीसगढ़ को, पंजाब करेगा निगरानी

इस खबर की वेब स्टोरी देखें
6 व्यूज़
देहरादून की 40 सड़कों का जिम्मा छत्तीसगढ़ को, पंजाब करेगा निगरानी
छत्तीसगढ़

देहरादून, 16 सितंबर 2026। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून की 40 महत्वपूर्ण सड़कों के मरम्मत और रखरखाव का कार्य अब छत्तीसगढ़ की आरकेटीसी इंफ्राटेक रायपुर कंपनी को सौंपा गया है। इन 108 किलोमीटर लंबी सड़कों की गुणवत्ता और कार्यप्रणाली पर अगले पांच साल तक पंजाब की एक विशेषज्ञ कंपनी निगरानी रखेगी। यह निर्णय देहरादून की जर्जर और गड्ढों से भरी सड़कों की लंबे समय से चली आ रही समस्या का स्थायी समाधान खोजने के लिए लिया गया है। उत्तराखंड लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा शुरू की गई इस पायलट परियोजना का उद्देश्य शहर की सड़कों को हर मौसम में गड्ढामुक्त और सुगम बनाए रखना है। इस पहल से उम्मीद है कि अब देहरादून के नागरिकों को बरसात में सड़कों के बार-बार खराब होने की परेशानी से मुक्ति मिलेगी।

दीर्घकालिक समाधान की ओर एक कदम

देहरादून में खराब सड़कों की समस्या वर्षों से आमजन के लिए एक बड़ी चुनौती रही है। बरसात के मौसम में सड़कें गड्ढों में तब्दील हो जाती हैं और बड़े-बड़े पैच उखड़ जाते हैं, जिससे न केवल यातायात बाधित होता है बल्कि दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है। इस समस्या से निपटने के लिए बार-बार निविदाएं जारी करनी पड़ती थीं और पैचवर्क के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता था। इसी के मद्देनजर, पीडब्ल्यूडी ने एक दीर्घकालिक और प्रभावी समाधान की दिशा में कदम उठाया है। विभाग ने शहर की कुल 108 किलोमीटर लंबी 40 सड़कों के रखरखाव का जिम्मा एक ही कंपनी को सौंपने का निर्णय लिया है। यह अपनी तरह का एक अनूठा प्रयोग है, जिसमें मरम्मत और रखरखाव के लिए छत्तीसगढ़ की आरकेटीसी इंफ्राटेक रायपुर कंपनी का चयन किया गया है, जबकि इसके सुपरविजन का काम पंजाब की एक कंपनी को दिया गया है। इस पूरी परियोजना पर करीब 95 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। पीडब्ल्यूडी का मानना है कि यह कदम सड़कों के निर्माण और रखरखाव में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है

कार्यप्रणाली और निगरानी तंत्र

इस नई व्यवस्था के तहत, आरकेटीसी इंफ्राटेक रायपुर कंपनी अगले पांच साल तक देहरादून की इन 40 सड़कों की मरम्मत और रखरखाव का कार्य देखेगी। इस दौरान, सड़कों की गुणवत्ता और कंपनी के काम पर पंजाब की कंपनी द्वारा स्वतंत्र निगरानी रखी जाएगी। पीडब्ल्यूडी के अधीक्षण अभियंता ओमपाल सिंह ने बताया कि "दून की 40 सड़कों की मरम्मत का जिम्मा अब आरकेटीसी इंफ्राटेक रायपुर छत्तीसगढ़ को दिया गया है। सुपरविजन पंजाब की कंपनी करेगी। अगले 15 दिनों में दोनों कंपनियां दून में काम करना शुरू कर देंगी।" यह सुनिश्चित करने के लिए कि काम समय पर और गुणवत्तापूर्ण हो, परियोजना में देरी होने पर कंपनी पर पेनल्टी लगाने का भी प्रावधान किया गया है। पीडब्ल्यूडी के प्रमुख अभियंता राजेश शर्मा ने इस संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि "दून में पायलट प्रोजेक्ट के तहत यह काम होगा। हमारा उद्देश्य सड़कों को हर मौसम में गड्ढामुक्त रखना है। यदि कंपनी देरी करेगी तो पेनल्टी भी लगेगी।" यह कड़ा प्रावधान कंपनियों को अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा से करने के लिए प्रेरित करेगा और नागरिकों को बेहतर सड़कें मिलेंगी।

प्रमुख सड़कें और भविष्य की योजनाएँ

इस महत्वाकांक्षी परियोजना में देहरादून की कई महत्वपूर्ण सड़कें शामिल हैं, जिन पर काम किया जाएगा। इनमें दून-मसूरी मार्ग, राजपुर से कुठालगेट, दून-रायपुर मार्ग (एस्लेहॉल से सहस्रधारा क्रॉसिंग), हरिद्वार रोड (आराघर चौक से अग्रवाल बेकर्स तक), सहस्रधारा मार्ग (किरसाली चौक से सहस्रधारा तक), हरबर्टपुर-आसन बैराज मार्ग (किशननगर चौक से बल्लूपुर), बल्लूपुर से गढ़ी कैंट तक, किशननगर से एफआरआई बैक गेट, धोरण आईटी पार्क मार्ग, राजपुर-सहस्रधारा मार्ग, लैंसडौन मार्ग, कॉन्वेंट मार्ग, ग्लोब चौक से सुभाष रोड, न्यू रोड, पटेल मार्ग, रेसकोर्स मार्ग, क्रॉस रोड, कचहरी मार्ग, माजरा-भुड्डी से शेखूवाला-धर्मावाला मार्ग, कांवली रोड से पंडितवाड़ी से सीमाद्वार, शिमला बाईपास से ट्रांसपोर्टनगर, निरंजनपुर मोड़ से शिमला बाईपास, टर्नर मार्ग (झील तक) और हरिद्वार बाईपास जैसी सड़कें प्रमुख हैं। इन सड़कों की मरम्मत और रखरखाव से यह न केवल सड़कों की गुणवत्ता में सुधार करेगा, बल्कि शहर की यातायात व्यवस्था को भी सुगम बनाएगा। प्रमुख अभियंता राजेश शर्मा ने यह भी बताया कि यदि यह पायलट प्रोजेक्ट देहरादून में सफल रहा, तो इसी तर्ज पर बाकी शहरों में भी सड़कों के रखरखाव का काम किया जाएगा। यह मॉडल अन्य शहरों के लिए एक मिसाल बन सकता है और इससे भविष्य में शहरी विकास परियोजनाओं के लिए एक नया दृष्टिकोण मिलेगाइस कदम से स्थानीय निवासियों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है, जो लंबे समय से खराब सड़कों से जूझ रहे थे।

उत्पाद लोड हो रहे हैं…

टैग्स

और पढ़ें

लेखक
Dipti Das
दिप्ति दास साकार भारत की रिपोर्टर हैं। वे छत्तीसगढ़ और देश की ताज़ा खबरें, राजनीति, समाज और जनहित के विषयों पर रिपोर्ट करती हैं।

आपकी प्रतिक्रिया