छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026: योजना विभाग का स्टॉल बना ज्ञान का केंद्र
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छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 में राज्य शासन के योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग द्वारा लगाए गए स्टॉल ने न केवल आगंतुकों को आकर्षित किया, बल्कि उन्हें राज्य की प्रगति और भविष्य की दिशा से भी अवगत कराया। 1 नवंबर से 5 नवंबर, 2026 तक रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित इस भव्य आयोजन में विभाग का स्टॉल ज्ञान, सूचना और तकनीकी नवाचार का संगम बनकर उभरा। इसका मुख्य उद्देश्य आम जनता, छात्रों, शोधकर्ताओं और नीति निर्माताओं को छत्तीसगढ़ की आर्थिक स्थिति, विकास योजनाओं, सामाजिक संकेतकों और भविष्य की रणनीतियों के बारे में विस्तृत और प्रामाणिक जानकारी प्रदान करना था। स्टॉल ने अपनी इंटरैक्टिव प्रस्तुतियों और आकर्षक डिस्प्ले के माध्यम से दर्शकों को राज्य के विकास पथ से गहराई से जोड़ा, जिससे यह पूरे उत्सव का एक महत्वपूर्ण और शिक्षाप्रद हिस्सा बन गया।
विकास की झलक और आंकड़ों का महत्व
योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग का स्टॉल अपनी अभिनव डिजाइन और जानकारीपूर्ण सामग्री के लिए विशेष रूप से सराहा गया। स्टॉल में राज्य के आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के प्रमुख निष्कर्षों, बजट 2026-27 के मुख्य बिंदुओं और विभिन्न क्षेत्रों में हासिल की गई प्रगति को प्रदर्शित किया गया था। ग्राफिकल डिस्प्ले, इंफोग्राफिक्स और डिजिटल कियोस्क के माध्यम से जटिल आर्थिक आंकड़ों को सरल और सुलभ तरीके से प्रस्तुत किया गया, जिससे आम नागरिक भी राज्य की आर्थिक स्थिति को आसानी से समझ सके। विशेष रूप से, छत्तीसगढ़ द्वारा संयुक्त राष्ट्र सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) की प्राप्ति की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को प्रमुखता से उजागर किया गया था, जिसमें गरीबी उन्मूलन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, लैंगिक समानता और स्वच्छ ऊर्जा जैसे लक्ष्यों पर विभाग की भूमिका को दर्शाया गया।
स्टॉल पर प्रदर्शित जानकारी ने यह स्पष्ट किया कि कैसे योजना विभाग राज्य के विकास एजेंडे को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कृषि विकास दर, औद्योगिक उत्पादन, सेवा क्षेत्र का योगदान, और प्रति व्यक्ति आय जैसे महत्वपूर्ण आर्थिक संकेतकों को विस्तृत रूप से समझाया गया। लगभग 50,000 से अधिक आगंतुकों ने इस स्टॉल का दौरा किया, जिनमें से एक बड़ा हिस्सा छात्र और युवा थे। उन्होंने विशेष रूप से राज्य के भविष्य की योजनाओं और रोजगार सृजन के अवसरों के बारे में जानकारी प्राप्त करने में गहरी रुचि दिखाई। विभाग के अधिकारियों ने प्रत्येक प्रश्न का धैर्यपूर्वक उत्तर दिया, जिससे दर्शकों को सरकारी योजनाओं और नीतियों की बेहतर समझ मिली।
नवोन्मेषी पहलें और जनभागीदारी
इस स्टॉल की एक और उल्लेखनीय विशेषता नवीनतम तकनीकों का उपयोग था। आगंतुकों के लिए वर्चुअल रियलिटी (VR) हेडसेट उपलब्ध थे, जिनके माध्यम से वे राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों में चल रही विकास परियोजनाओं जैसे सड़कों का निर्माण, सिंचाई परियोजनाएं और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का अनुभव कर सकते थे। यह अद्वितीय अनुभव दर्शकों को जमीनी स्तर पर हो रहे परिवर्तनों को समझने में सहायक रहा। इसके अतिरिक्त, एक इंटरैक्टिव टचस्क्रीन लगाई गई थी, जहाँ लोग विभिन्न सरकारी योजनाओं जैसे मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लिनिक योजना, नरवा गरवा घुरवा बारी योजना और राजीव गांधी किसान न्याय योजना के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते थे। इन योजनाओं के लाभार्थियों की सफलता की कहानियों को भी वीडियो क्लिप के माध्यम से प्रदर्शित किया गया, जिसने दर्शकों को प्रेरित और प्रोत्साहित किया।
विभाग ने जनभागीदारी को बढ़ावा देने के लिए एक फीडबैक तंत्र भी स्थापित किया था। आगंतुकों को राज्य के विकास के लिए अपने सुझाव देने का अवसर मिला, जिन्हें विभाग द्वारा भविष्य की योजनाओं में शामिल करने पर विचार किया जाएगा। योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के सचिव, श्री आर.के. वर्मा ने बताया, "हमारा उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि नागरिकों को राज्य के विकास प्रक्रिया का सक्रिय भागीदार बनाना भी है। इस स्टॉल के माध्यम से हमने जनता और सरकार के बीच एक सीधा संवाद स्थापित करने का प्रयास किया है।" यह पहल दर्शाती है कि कैसे सरकार पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ काम कर रही है।
भविष्य की दिशा और प्रेरणा
योजना विभाग के स्टॉल ने न केवल वर्तमान उपलब्धियों को प्रदर्शित किया, बल्कि भविष्य के लिए राज्य की आकांक्षाओं और रणनीतियों पर भी प्रकाश डाला। छत्तीसगढ़ विजन 2030 दस्तावेज़ के मुख्य अंशों को प्रदर्शित किया गया, जिसमें हरित ऊर्जा, डिजिटल साक्षरता, ग्रामीण उद्यमिता और पर्यटन विकास जैसे क्षेत्रों में आगामी लक्ष्यों और कार्ययोजनाओं का विवरण था। इस स्टॉल ने यह संदेश दिया कि छत्तीसगढ़ एक गतिशील और प्रगतिशील राज्य है, जो अपने नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। विशेष रूप से, युवाओं को राज्य के विकास में अपनी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया।
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने स्वयं इस स्टॉल का दौरा किया और विभाग के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा, "योजना विभाग का यह स्टॉल छत्तीसगढ़ की विकास गाथा को जीवंत करता है। यह हमारे नागरिकों को यह समझने में मदद करता है कि हम किस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं और उनके जीवन में क्या सकारात्मक बदलाव आ रहे हैं। ऐसे प्रयास जनता में विश्वास बढ़ाते हैं और उन्हें राज्य के लक्ष्यों के साथ जोड़ते हैं।" यह स्टॉल शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों और नीति विश्लेषकों के लिए भी एक महत्वपूर्ण संसाधन साबित हुआ, जिन्होंने राज्य के विकास मॉडल का अध्ययन करने के लिए यहां उपलब्ध आंकड़ों और सूचनाओं का उपयोग किया। यह स्टॉल वास्तव में छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 का एक अविस्मरणीय और प्रेरणादायक हिस्सा रहा, जिसने राज्य की प्रगति की एक स्पष्ट और व्यापक तस्वीर पेश की।
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