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वॉलीबॉल के ‘अकरम भैया’ को राज्य खेल अलंकरण, हजारों खिलाड़ियों को दी नई पहचान | Raipur News Today

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वॉलीबॉल के ‘अकरम भैया’ को राज्य खेल अलंकरण, हजारों खिलाड़ियों को दी नई पहचान | Raipur News Today
रायपुर

आज की रायपुर खबर के अनुसार... रायपुर। वॉलीबॉल के मैदान से शुरू हुआ सफर जब हजारों खिलाड़ियों के सपनों को आकार देने तक पहुंचा, तो राष्ट्रीय खेल दिवस पर मोहम्मद अकरम खान के वर्षों के समर्पण को राज्य खेल अलंकरण समारोह 2026 में सम्मान मिला। छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के संयुक्त सचिव और वॉलीबॉल खेल के लिए लंबे समय से सक्रिय अकरम खान को उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

वॉलीबॉल के ‘अकरम भैया’ को राज्य खेल अलंकरण, हजारों खिलाड़ियों को दी नई पहचान
वॉलीबॉल के ‘अकरम भैया’ को राज्य खेल अलंकरण, हजारों खिलाड़ियों को दी नई पहचान

पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मुख्य आतिथ्य में प्रदेश के खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और खेल प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। तीन वित्तीय वर्षों 2023-24, 2024-25 और 2025-26 के कुल 125 खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और निर्णायकों को पुरस्कार दिए गए। इनमें वॉलीबॉल के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले अकरम खान भी शामिल रहे।

12 साल की उम्र में शुरू हुआ वॉलीबॉल का सफर

मोहम्मद अकरम खान ने करीब 12 वर्ष की उम्र में वॉलीबॉल खेलना शुरू किया था। समय के साथ यह खेल उनके लिए सिर्फ प्रतियोगिता नहीं, बल्कि जीवन का मिशन बन गया। खिलाड़ी के रूप में मैदान पर उतरने के बाद उन्होंने नई प्रतिभाओं को तलाशने और उन्हें प्रशिक्षित करने की दिशा में काम शुरू किया।

उन्होंने वर्षों तक बच्चों और युवाओं को वॉलीबॉल की तकनीक सिखाने के साथ प्रतियोगिताओं के लिए तैयार किया। उनके मार्गदर्शन में तैयार हुए अनेक खिलाड़ियों ने विभिन्न स्तरों पर छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व किया है।

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हजारों खिलाड़ियों को दिखाई सफलता की राह

अकरम खान का योगदान केवल व्यक्तिगत उपलब्धियों तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने अपना समय नई प्रतिभाओं को पहचानने और उन्हें आगे बढ़ाने में लगाया। रायपुर सहित प्रदेश के कई हिस्सों में वॉलीबॉल को मजबूत आधार देने में उनकी भूमिका को खेल जगत से जुड़े लोग महत्वपूर्ण मानते हैं।

खिलाड़ियों के बीच उनके सहज व्यवहार और सहयोगी रवैये के कारण उन्हें प्यार से ‘अकरम भैया’ कहा जाता है। वे खिलाड़ियों के लिए प्रशिक्षक और पदाधिकारी के साथ-साथ बड़े भाई की तरह मार्गदर्शन देने वाले व्यक्ति के रूप में पहचान रखते हैं।

अकरम खान बोले—यह खिलाड़ियों की मेहनत का सम्मान

सम्मान मिलने पर अकरम खान ने राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वॉलीबॉल उनके जीवन का अभिन्न हिस्सा है और वे आगे भी प्रदेश की नई खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए काम करते रहेंगे।

उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को सम्मान और प्रोत्साहन मिलने से नई पीढ़ी का खेलों के प्रति विश्वास बढ़ता है। ऐसे प्रयास छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं को आगे आने के लिए प्रेरित करेंगे।

खेल जगत ने बताया वर्षों के समर्पण का सम्मान

अमोल गरुड़ी ने कहा कि अकरम खान ने अपना जीवन वॉलीबॉल के लिए समर्पित किया है। उन्होंने केवल खिलाड़ियों को प्रशिक्षण नहीं दिया, बल्कि हजारों बच्चों में खिलाड़ी बनने का सपना जगाया।

नितिन पांडे ने कहा कि खिलाड़ियों की सफलता ही अकरम खान की सबसे बड़ी पहचान है। उनके अनुसार, खिलाड़ियों को खेल से जोड़ना और उन्हें आगे बढ़ाना आसान काम नहीं है, लेकिन अकरम खान ने इसे अपने जीवन का उद्देश्य बनाया।

हरमेश चावड़ा ने कहा कि वॉलीबॉल के क्षेत्र में अकरम खान का योगदान लंबे समय तक याद किया जाएगा। खिलाड़ियों के बीच बड़े भाई जैसी भूमिका निभाने के कारण ही उन्हें ‘अकरम भैया’ के नाम से विशेष सम्मान मिलता है।

राष्ट्रीय खेल दिवस पर मिला यह सम्मान अकरम खान के लंबे खेल सफर और वॉलीबॉल के प्रति उनके समर्पण की महत्वपूर्ण उपलब्धि बन गया है।

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