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दिल्ली का बड़ा फैसला: महिलाओं-ट्रांसजेंडर्स को मिलेंगे 1,300 ई-ऑटो परमिट

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दिल्ली का बड़ा फैसला: महिलाओं-ट्रांसजेंडर्स को मिलेंगे 1,300 ई-ऑटो परमिट
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दिल्ली सरकार ने 31 अगस्त, 2026 को महिलाओं और ट्रांसजेंडर्स के सशक्तिकरण और हरित गतिशीलता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सरकार ने 'दुर्गा' (Driving Upliftment and Rozgar for Women/Transgender Green e-Auto) नामक एक विशेष योजना के तहत 1,300 इलेक्ट्रिक ऑटो परमिट जारी करने का निर्णय लिया है। यह पहल राजधानी के 13 जिलों में से प्रत्येक में 100 ई-ऑटो परमिट प्रदान करके इन समुदायों के लिए रोजगार और आय के स्थायी अवसर सुनिश्चित करेगी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य स्वरोजगार को बढ़ावा देना, आजीविका में सुधार करना और दिल्ली में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के विस्तार को गति देना है।

'दुर्गा' योजना का विस्तृत खाका और वितरण

'दुर्गा' योजना का नाम अपने आप में इसके उद्देश्य को दर्शाता है – महिलाओं और ट्रांसजेंडर्स के लिए रोजगार और आजीविका को बढ़ावा देना। इस योजना के तहत कुल 1,300 ई-ऑटो परमिट वितरित किए जाएंगे, जिसमें से 90% परमिट महिलाओं के लिए आरक्षित होंगे, जबकि शेष 10% परमिट ट्रांसजेंडर समुदाय के सदस्यों को दिए जाएंगे। यह वितरण सुनिश्चित करता है कि योजना का लाभ समाज के दोनों महत्वपूर्ण वर्गों तक समान रूप से पहुंचे। दिल्ली के प्रत्येक जिले के लिए 100 ई-ऑटो परमिट आवंटित किए गए हैं, जिससे राजधानी के सभी क्षेत्रों में लाभार्थियों को अवसर मिल सके। चुने गए आवेदकों को इलेक्ट्रिक ऑटो चलाने के लिए 'लेटर ऑफ इंटेंट' जारी किया जाएगा, जो उन्हें अपने ई-ऑटो व्यवसाय को शुरू करने की दिशा में पहला कदम होगा। यह पहल न केवल आर्थिक स्वतंत्रता प्रदान करेगी बल्कि पर्यावरण के अनुकूल परिवहन को भी बढ़ावा देगी, जो दिल्ली जैसे महानगर के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

पात्रता मानदंड और पारदर्शी आवेदन प्रक्रिया

इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत आवेदन करने के लिए कुछ विशिष्ट पात्रता मानदंड निर्धारित किए गए हैं। आवेदक की आयु 20 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए, चाहे वह महिला हो या ट्रांसजेंडर। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को प्राथमिकता देने के लिए, आवेदकों की सालाना आय 5 लाख रुपये से कम होनी चाहिए, या उनके पास कोई थ्री-व्हीलर नहीं होना चाहिए। यह शर्त सुनिश्चित करती है कि परमिट उन लोगों तक पहुंचे जिन्हें वास्तव में इसकी आवश्यकता है। इसके अतिरिक्त, प्रत्येक परिवार से केवल एक महिला ही इस योजना के लिए पात्र होगी, जिससे अधिक से अधिक परिवारों को लाभ मिल सके। आवेदन प्रक्रिया को पारदर्शी और सुलभ बनाने के लिए, दिल्ली सरकार एक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन आमंत्रित करने की योजना बना रही है। आवेदनों की अंतिम सूची का चयन एक लॉटरी प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा, जो निष्पक्षता सुनिश्चित करेगा और सभी पात्र उम्मीदवारों को समान अवसर प्रदान करेगा।

कैबिनेट की मंजूरी और भविष्य की संभावनाएं

फिलहाल, इस महत्वपूर्ण योजना का मसौदा दिल्ली सरकार की कैबिनेट के सामने मंजूरी के लिए पेश किया जाना है। सरकारी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, कैबिनेट इस मसौदे पर विचार करेगी और उसकी मंजूरी के बाद ही इस योजना की औपचारिक घोषणा की जाएगी। कैबिनेट की हरी झंडी मिलते ही, आवेदन प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है, जिससे हजारों महिलाओं और ट्रांसजेंडर्स के जीवन में सकारात्मक बदलाव आ सके। यह योजना केवल रोजगार के अवसर पैदा करने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह महिलाओं और ट्रांसजेंडर समुदाय को समाज में एक गरिमापूर्ण स्थान दिलाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इलेक्ट्रिक ऑटो के उपयोग को बढ़ावा देकर, दिल्ली सरकार वायु प्रदूषण को कम करने और हरित परिवहन को अपनाने की अपनी प्रतिबद्धता को भी मजबूत कर रही है। यह कदम अन्य राज्यों के लिए भी एक मिसाल कायम कर सकता है, जिससे पूरे देश में इसी तरह की समावेशी और पर्यावरण-अनुकूल पहल को बढ़ावा मिले। यह दिल्ली के शहरी परिवहन परिदृश्य में एक क्रांति लाने और सामाजिक समानता की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो सकती है।

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