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PM मोदी ने सराही स्मित मछार की बहादुरी, फ्लाईदुबई विमान को बचाया

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PM मोदी ने सराही स्मित मछार की बहादुरी, फ्लाईदुबई विमान को बचाया
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में फ्लाईदुबई के जांबाज भारतीय कैप्टन स्मित मछार से वीडियो कॉल के माध्यम से बात की और उनकी असाधारण बहादुरी के लिए उन्हें सराहा। स्मित मछार ने अपनी जान की परवाह न करते हुए एक विमान को हाईजैक होने और दुर्घटनाग्रस्त होने से बचाया था, जिससे उसमें सवार 180 लोगों की जिंदगी सुरक्षित रही। इस दौरान उन्हें गंभीर चोटें भी आईं, और फिलहाल उनका इलाज संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में चल रहा है। प्रधानमंत्री ने इस दौरान स्मित मछार से घटना की विस्तृत जानकारी ली और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

अदम्य साहस: फ्लाईदुबई विमान की घटना

यह घटना तब घटी जब भारतीय कैप्टन स्मित मछार फ्लाईदुबई की एक उड़ान का संचालन कर रहे थे। उड़ान के दौरान, ओमान के एक सह-पायलट ने विमान को हाईजैक करने और उसे क्रैश करने का प्रयास किया। इस अप्रत्याशित और खतरनाक स्थिति में, स्मित मछार ने अविश्वसनीय धैर्य और सूझबूझ का परिचय दिया। हमलावर सह-पायलट के सीधे हमले के बावजूद, स्मित ने अपनी जान दांव पर लगाकर विमान का नियंत्रण बनाए रखा। वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और अपनी अदम्य इच्छाशक्ति से विमान को सुरक्षित लैंड कराने में सफल रहे। उनकी इस बहादुरी और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता के कारण विमान में सवार 180 यात्रियों और चालक दल के सदस्यों की जान बच गई, जिससे एक संभावित बड़ी त्रासदी टल गई।

प्रधानमंत्री मोदी द्वारा सम्मान और सराहना

कैप्टन स्मित मछार के इस पराक्रम की जानकारी मिलने के बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने व्यक्तिगत रूप से उनसे संपर्क किया। 2 अक्टूबर, 2026 को हुई इस वीडियो कॉल में, प्रधानमंत्री ने स्मित की बहादुरी को खुलकर सराहा और उन्हें देश का गौरव बताया। इससे पहले, 1 अक्टूबर को प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए भी स्मित मछार की प्रशंसा की थी। उसी दिन, यूपीएससी के शताब्दी समारोह कार्यक्रम में अपने संबोधन के दौरान भी प्रधानमंत्री ने इस घटना का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि एक हिंदुस्तानी ने '9/11' जैसी भयावह घटना को होने से बचा लिया। प्रधानमंत्री ने इस संदर्भ में इजराइल के प्रधानमंत्री के एक बयान का भी जिक्र किया, जिन्होंने कहा था कि "इस हिंदुस्तानी ने 9/11 होने से बचा लिया।" प्रधानमंत्री मोदी ने जोर देकर कहा कि स्मित का यह पराक्रम हर देशवासी को गौरव से भर देता है और भारत का मान बढ़ाता है।

विश्व पटल पर भारत का बढ़ता गौरव

कैप्टन स्मित मछार की इस जांबाजी ने न केवल 180 लोगों की जान बचाई, बल्कि विश्व पटल पर भारत के साहस और पेशेवर दक्षता का भी प्रदर्शन किया। उनकी यह कार्रवाई आतंकवाद या किसी भी प्रकार की हिंसा से विमानन सुरक्षा को बचाने के लिए एक महत्वपूर्ण मिसाल कायम करती है। यह घटना दर्शाती है कि भारतीय नागरिक किसी भी चुनौती का सामना करने में सक्षम हैं और अपनी दृढ़ता व सूझबूझ से बड़ी आपदाओं को टाल सकते हैं। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा स्मित मछार की तुलना 9/11 की घटना को टालने वाले नायक से करना, उनकी उपलब्धि के वैश्विक महत्व को रेखांकित करता है। यह भारत के लिए एक ऐसा क्षण है जब उसके नागरिकों की बहादुरी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहा जा रहा है, जिससे देश का सम्मान बढ़ा है। ऐसे समय में जब वैश्विक सुरक्षा चुनौतियां बढ़ रही हैं, स्मित जैसे नायकों की कहानियां न केवल प्रेरणा देती हैं बल्कि यह भी बताती हैं कि मानवीय साहस और त्वरित प्रतिक्रिया कितनी महत्वपूर्ण हो सकती है।

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उपचार और राष्ट्र की शुभकामनाएं

फिलहाल, कैप्टन स्मित मछार का इलाज संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में चल रहा है, जहाँ वे अपनी चोटों से उबर रहे हैं। उनकी बहादुरी के लिए देश भर से और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उन्हें शुभकामनाएं मिल रही हैं। प्रधानमंत्री मोदी की उनसे बातचीत ने यह सुनिश्चित किया है कि राष्ट्र अपने नायकों के साथ खड़ा है। स्मित मछार का यह कार्य आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणा बना रहेगा, जो उन्हें साहस, कर्तव्यनिष्ठा और देश सेवा के प्रति समर्पित रहने के लिए प्रोत्साहित करेगा। पूरा देश उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना कर रहा है और उम्मीद है कि वह जल्द ही पूरी तरह ठीक होकर अपने कर्तव्य पर लौटेंगे।

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लेखक
Dipti Das
दिप्ति दास साकार भारत की रिपोर्टर हैं। वे छत्तीसगढ़ और देश की ताज़ा खबरें, राजनीति, समाज और जनहित के विषयों पर रिपोर्ट करती हैं।

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