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SIM स्वैप स्कैम: मिनटों में कैसे खाली हो जाता है बैंक अकाउंट, जानिए पूरा खेल और बचाव

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SIM स्वैप स्कैम: मिनटों में कैसे खाली हो जाता है बैंक अकाउंट, जानिए पूरा खेल और बचाव
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डिजिटल इंडिया के दौर में जहां ऑनलाइन बैंकिंग और UPI ने जिंदगी आसान बना दी है, वहीं साइबर अपराध भी तेजी से बढ़ रहे हैं। इन्हीं खतरनाक फ्रॉड में से एक है SIM स्वैप स्कैम (SIM Swap Scam), जो कुछ ही मिनटों में आपके बैंक खाते को खाली कर सकता है। हाल के समय में इस तरह के मामलों में तेजी आई है और सरकार व टेलीकॉम विभाग भी लगातार लोगों को सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं।

क्या है SIM स्वैप स्कैम?

SIM स्वैप स्कैम एक ऐसा साइबर अपराध है, जिसमें ठग आपके मोबाइल नंबर पर कब्जा कर लेते हैं। इसके लिए वे टेलीकॉम कंपनी को धोखा देकर आपके नंबर को अपने सिम कार्ड में ट्रांसफर करवा लेते हैं।

जैसे ही आपका नंबर ठग के सिम में एक्टिव होता है, आपकी पुरानी सिम बंद हो जाती है। इसके बाद आपके नंबर पर आने वाले कॉल, मैसेज और OTP सीधे अपराधी के पास पहुंचने लगते हैं।

कैसे काम करता है यह स्कैम?

SIM स्वैप फ्रॉड कोई अचानक होने वाली घटना नहीं है, बल्कि इसके पीछे पूरी प्लानिंग होती है।

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सबसे पहले साइबर अपराधी आपकी पर्सनल जानकारी जुटाते हैं। यह जानकारी सोशल मीडिया, फिशिंग कॉल, ईमेल या डेटा लीक के जरिए हासिल की जाती है।

इसके बाद ठग टेलीकॉम कंपनी से संपर्क करते हैं और खुद को असली ग्राहक बताकर कहते हैं कि उनका फोन खो गया है या सिम खराब हो गई है। इसके आधार पर वे उसी नंबर पर नया सिम जारी करवा लेते हैं।

जैसे ही नया सिम एक्टिव होता है, असली यूजर की सिम काम करना बंद कर देती है। अब ठग के पास आपके नंबर का पूरा कंट्रोल होता है।

बैंक अकाउंट कैसे होता है खाली?

मोबाइल नंबर आज हर बैंकिंग सेवा से जुड़ा होता है। जैसे ही ठग आपके नंबर पर कब्जा कर लेते हैं, वे OTP (वन टाइम पासवर्ड) हासिल कर लेते हैं।

OTP मिलने के बाद वे आपके बैंक अकाउंट, नेट बैंकिंग, ईमेल और डिजिटल वॉलेट्स में लॉगिन कर लेते हैं। फिर पासवर्ड बदलकर आपके खाते से पैसे ट्रांसफर कर देते हैं।

इस पूरी प्रक्रिया में कुछ ही मिनट लगते हैं और कई बार पीड़ित को तब पता चलता है जब अकाउंट पूरी तरह खाली हो चुका होता है।

किन लोगों पर ज्यादा खतरा?

  • जिनका मोबाइल नंबर बैंक और सोशल मीडिया से जुड़ा है
  • जो सोशल मीडिया पर ज्यादा जानकारी शेयर करते हैं
  • जो फिशिंग कॉल या लिंक पर क्लिक कर देते हैं
  • जिनकी KYC या मोबाइल सुरक्षा कमजोर है

SIM स्वैप स्कैम के संकेत

अगर आपके साथ नीचे दिए गए संकेत दिखें, तो तुरंत सतर्क हो जाएं:।

  • अचानक मोबाइल नेटवर्क गायब हो जाना
  • कॉल और मैसेज आना बंद होना
  • बिना वजह बैंक से ट्रांजैक्शन अलर्ट आना
  • ईमेल या अकाउंट पासवर्ड बदलने के मैसेज

ये संकेत बताते हैं कि आपकी सिम पर किसी और का कंट्रोल हो सकता है।

कैसे करें बचाव?

SIM स्वैप स्कैम से बचने के लिए कुछ जरूरी सावधानियां अपनाना बेहद जरूरी है:।

  • अपनी पर्सनल जानकारी किसी के साथ शेयर न करें
  • अनजान कॉल या लिंक पर भरोसा न करें
  • मोबाइल नंबर को बैंकिंग OTP के लिए सुरक्षित रखें
  • सिम बंद या नेटवर्क गायब होते ही तुरंत टेलीकॉम कंपनी से संपर्क करें
  • बैंक अकाउंट में SMS अलर्ट और ईमेल नोटिफिकेशन चालू रखें
  • टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) का इस्तेमाल करें

सरकार और एजेंसियों की चेतावनी

दूरसंचार विभाग (DoT) ने भी लोगों को आगाह किया है कि कोई भी टेलीकॉम कंपनी या सरकारी संस्था फोन करके सिम अपडेट या KYC के नाम पर जानकारी नहीं मांगती। ऐसे कॉल पूरी तरह फर्जी होते हैं।

निष्कर्ष

SIM स्वैप स्कैम आज के समय का सबसे खतरनाक साइबर फ्रॉड बन चुका है। यह न सिर्फ आपकी डिजिटल पहचान छीन सकता है, बल्कि आपकी पूरी जमा पूंजी भी खत्म कर सकता है। इसलिए जरूरी है कि आप सतर्क रहें, अपनी जानकारी सुरक्षित रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई करें।

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