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छत्तीसगढ़ में नशे पर नकेल कसने की तैयारी: एनकोर्ड ने दिया रोडमैप का निर्देश

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छत्तीसगढ़ में नशे पर नकेल कसने की तैयारी: एनकोर्ड ने दिया रोडमैप का निर्देश
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छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में बढ़ती नशाखोरी की समस्या पर गंभीरता से संज्ञान लेते हुए, इसे नियंत्रित करने के लिए एक व्यापक और प्रभावी रणनीति तैयार करने का निर्णय लिया है। हाल ही में आयोजित एनकोर्ड (ENCORE) समिति की एक उच्च-स्तरीय बैठक में, मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को नशे के खिलाफ एक विस्तृत रोडमैप तैयार करने के सख्त निर्देश दिए हैं। यह पहल राज्य के युवाओं को नशे के चंगुल से बचाने और समाज को इसके गंभीर दुष्परिणामों से मुक्त करने के उद्देश्य से की गई है। बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि नशे के अवैध कारोबार पर लगाम कसने और नशा पीड़ितों के पुनर्वास के लिए समन्वित प्रयास किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री के सख्त निर्देश और एनकोर्ड की भूमिका

मुख्यमंत्री ने एनकोर्ड (एनफोर्समेंट, नेटवर्क डिसरप्शन, कोऑर्डिनेशन, आउटरीच, रिहैबिलिटेशन एंड एजुकेशन) समिति की बैठक में नशे के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' नीति अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि राज्य में ड्रग्स के अवैध कारोबार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे तत्काल प्रभाव से एक कार्ययोजना बनाएं जिसमें नशे के सप्लायर्स और पेडलर्स के खिलाफ कठोर कार्रवाई शामिल हो। उन्होंने पुलिस, स्वास्थ्य, समाज कल्याण और शिक्षा जैसे विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की आवश्यकता पर बल दिया ताकि नशे की समस्या को बहुआयामी तरीके से निपटाया जा सके। एनकोर्ड समिति को इस पूरी प्रक्रिया का नोडल बिंदु बनाया गया है, जो नशा मुक्ति अभियान की निगरानी और मूल्यांकन करेगी। इस बैठक में मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे, जिन्होंने मुख्यमंत्री को राज्य में नशे की वर्तमान स्थिति और चुनौतियों से अवगत कराया।

प्रस्तावित रणनीति के मुख्य बिंदु और क्रियान्वयन

नशे पर नियंत्रण के लिए तैयार किए जाने वाले रोडमैप में कई मुख्य बिंदुओं को शामिल किया जाएगा। इनमें सबसे पहले ड्रग्स की अवैध आपूर्ति श्रृंखला को तोड़ना शामिल है। इसके लिए खुफिया जानकारी जुटाने और सीमावर्ती क्षेत्रों पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। दूसरा महत्वपूर्ण बिंदु नशा मुक्ति और पुनर्वास केंद्रों को मजबूत करना है। मुख्यमंत्री ने मौजूदा केंद्रों की क्षमता बढ़ाने और नए केंद्रों की स्थापना पर जोर दिया, ताकि अधिक से अधिक नशा पीड़ितों को उपचार और समाज में फिर से स्थापित होने का मौका मिल सके। तीसरा, जन जागरूकता अभियान को तेज किया जाएगा। स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे ताकि युवा पीढ़ी को नशे के खतरों से अवगत कराया जा सके। इसमें सामाजिक संगठनों, पंचायती राज संस्थाओं और धार्मिक गुरुओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। चौथा, नशे के शिकार लोगों की पहचान और उनके लिए परामर्श सेवाओं को सुलभ बनाना भी इस रणनीति का हिस्सा होगा।

युवा पीढ़ी को बचाने पर विशेष जोर

छत्तीसगढ़ सरकार की इस पहल का मुख्य केंद्र बिंदु युवा पीढ़ी को नशे के दुष्प्रभाव से बचाना है। मुख्यमंत्री ने चिंता व्यक्त की कि नशाखोरी युवाओं के भविष्य को तबाह कर रही है और समाज के ताने-बाने को कमजोर कर रही है। इसलिए, रोडमैप में युवाओं के लिए विशेष कार्यक्रम शामिल होंगे। इसमें खेलकूद, सांस्कृतिक गतिविधियों और कौशल विकास प्रशिक्षण को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि युवाओं को रचनात्मक कार्यों में व्यस्त रखा जा सके और उन्हें नशे की ओर आकर्षित होने से रोका जा सके। शैक्षणिक संस्थानों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने परिसरों में नशा-मुक्त वातावरण सुनिश्चित करें और छात्रों के लिए नियमित परामर्श सत्र आयोजित करें। इसके अतिरिक्त, युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने पर भी ध्यान दिया जाएगा, क्योंकि बेरोजगारी को भी नशे की ओर धकेलने वाले कारकों में से एक माना जाता है। सरकार का लक्ष्य है कि राज्य के हर युवा को सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण मिले, ताकि वे अपनी पूरी क्षमता का उपयोग कर सकें।

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आगामी चुनौतियाँ और आगे की राह

नशे पर पूर्ण नियंत्रण पाना एक चुनौतीपूर्ण कार्य है, जिसके लिए लगातार निगरानी और दृढ़ इच्छाशक्ति की आवश्यकता होगी। छत्तीसगढ़ को पड़ोसी राज्यों से ड्रग्स की तस्करी रोकने के लिए अंतर-राज्यीय समन्वय को मजबूत करना होगा। साथ ही, साइबर क्राइम के माध्यम से होने वाले ड्रग्स व्यापार पर भी नकेल कसने की जरूरत है। एनकोर्ड समिति को यह सुनिश्चित करना होगा कि तैयार किया गया रोडमैप केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि उसका प्रभावी क्रियान्वयन हो। इसके लिए नियमित समीक्षा बैठकें और प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। सरकार इस अभियान को सफल बनाने के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। यह उम्मीद की जा रही है कि मुख्यमंत्री के इस निर्देश से राज्य में नशा मुक्ति अभियान को एक नई दिशा मिलेगी और छत्तीसगढ़ एक नशा-मुक्त समाज की ओर अग्रसर होगा।

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लेखक
Dipti Das
दिप्ति दास साकार भारत की रिपोर्टर हैं। वे छत्तीसगढ़ और देश की ताज़ा खबरें, राजनीति, समाज और जनहित के विषयों पर रिपोर्ट करती हैं।

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