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सरगुजा के युवा किसान अभिषेक ने 3 एकड़ में उगाया टमाटर, कमाया 5 लाख मुनाफा

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सरगुजा के युवा किसान अभिषेक ने 3 एकड़ में उगाया टमाटर, कमाया 5 लाख मुनाफा
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छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में कृषि क्षेत्र में एक नई मिसाल कायम करते हुए, अंबिकापुर ब्लॉक के ग्राम पंचायत नवापारा के युवा किसान अभिषेक गुप्ता ने महज 3 एकड़ भूमि पर टमाटर की सफल खेती करके सबको चौंका दिया है। उन्होंने अपनी सूझबूझ और कड़ी मेहनत से 1 लाख रुपये की लागत लगाकर 5 लाख रुपये तक का बंपर मुनाफा अर्जित किया है। पारंपरिक खेती के बजाय आधुनिक कृषि तकनीकों और बाजार की समझ का उपयोग करके, अभिषेक ने न केवल अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत की है, बल्कि वे क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गए हैं। उनकी यह सफलता ऐसे समय में सामने आई है जब कई किसान खेती में घाटे की शिकायत करते हैं, और यह दर्शाती है कि सही रणनीति और समर्पण से कृषि को भी एक लाभदायक व्यवसाय बनाया जा सकता है।

सफल खेती का मॉडल

अभिषेक गुप्ता ने अपनी कृषि यात्रा में एक सुनियोजित दृष्टिकोण अपनाया। उन्होंने सबसे पहले मिट्टी की जांच करवाई और 3 एकड़ भूमि को टमाटर की खेती के लिए तैयार किया। उन्होंने उच्च गुणवत्ता वाले संकर बीजों का चयन किया, जो स्थानीय जलवायु परिस्थितियों के अनुकूल थे और अधिक उपज देने की क्षमता रखते थे। खेती के दौरान, अभिषेक ने ड्रिप सिंचाई प्रणाली का उपयोग किया, जिससे पानी की बचत हुई और पौधों को पर्याप्त नमी मिलती रही। उन्होंने जैविक खाद और संतुलित रासायनिक उर्वरकों का भी प्रयोग किया, जिससे मिट्टी की उर्वरता बनी रही और टमाटर की गुणवत्ता बेहतर हुई। कीटों और बीमारियों से बचाव के लिए उन्होंने नियमित अंतराल पर कृषि विशेषज्ञों की सलाह ली और आवश्यक कीटनाशकों व फफूंदनाशकों का छिड़काव किया। मौसम की अप्रत्याशित चुनौतियों जैसे अचानक बारिश या सूखे से निपटने के लिए भी उन्होंने पूर्व-योजना बनाई। यह वैज्ञानिक कार्यप्रणाली ही इस सफलता का आधार बनी।

लागत और बंपर मुनाफा

अभिषेक गुप्ता की इस सफलता की कहानी में सबसे महत्वपूर्ण पहलू इसका लागत-लाभ अनुपात है। उन्होंने टमाटर की खेती में कुल 1 लाख रुपये का निवेश किया। इस लागत में खेत की तैयारी, बीज, खाद, कीटनाशक, सिंचाई की व्यवस्था, मजदूरी और परिवहन जैसे प्रमुख खर्च शामिल थे। अभिषेक ने अपनी उपज को सही समय पर बाजार तक पहुंचाया, जब टमाटर की कीमतें उच्च स्तर पर थीं। सरगुजा और आसपास के बाजारों में उनके टमाटरों की उत्कृष्ट गुणवत्ता के कारण उन्हें अच्छा मूल्य मिला। प्रति एकड़ लगभग 1.5 लाख से 1.7 लाख रुपये का शुद्ध मुनाफा कमाते हुए, उन्होंने कुल 3 एकड़ से 5 लाख रुपये तक का शानदार लाभ कमाया। सही बाजार विश्लेषण और समय पर फसल बेचने की रणनीति महत्वपूर्ण साबित हुई। अभिषेक ने न केवल अपनी लागत निकाली, बल्कि उस पर 400% से अधिक का मुनाफा कमाया, जो कृषि क्षेत्र में एक दुर्लभ उपलब्धि मानी जाती है।

अन्य किसानों के लिए प्रेरणा

अभिषेक गुप्ता की यह सफलता सरगुजा जिले और पूरे छत्तीसगढ़ के कृषि समुदाय के लिए एक उज्ज्वल उदाहरण बन गई है। उनकी कहानी से प्रेरित होकर, कई अन्य किसान भी अब पारंपरिक धान या मक्का की खेती से हटकर सब्जी और फल उत्पादन की ओर रुख करने पर विचार कर रहे हैं। अभिषेक ने यह साबित कर दिया है कि युवा पीढ़ी कृषि में भी अपना करियर बना सकती है और उसे एक लाभदायक उद्यम में बदल सकती है। स्थानीय कृषि विभाग और कृषि विज्ञान केंद्र भी अब अभिषेक की सफलता को एक मॉडल के रूप में पेश कर रहे हैं ताकि अन्य किसानों को आधुनिक कृषि पद्धतियों, नई किस्मों और बाजार-उन्मुख खेती के बारे में जागरूक किया जा सके। उनकी यह पहल आत्मनिर्भर भारत और वोकल फॉर लोकल जैसी सरकारी योजनाओं को भी बल देती है, जहां स्थानीय स्तर पर उत्पादन बढ़ाकर आर्थिक समृद्धि लाई जा सकती है।

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भविष्य की योजनाएं और चुनौतियाँ

अपनी वर्तमान सफलता से उत्साहित, अभिषेक गुप्ता भविष्य के लिए भी महत्वाकांक्षी योजनाएं बना रहे हैं। उनकी योजनाओं में खेती के रकबे को बढ़ाना, अन्य नकदी फसलों जैसे मिर्च या पत्तागोभी की खेती में विविधता लाना और मूल्य संवर्धन (value addition) पर विचार करना शामिल है। वे टमाटर सॉस या प्यूरी जैसे उत्पादों को बनाकर अपनी आय को और बढ़ाना चाहते हैं, जिससे उन्हें बाजार मूल्य में उतार-चढ़ाव से सुरक्षा मिल सके। हालांकि, कृषि क्षेत्र में हमेशा कुछ चुनौतियाँ मौजूद रहती हैं, जैसे मौसम की अनिश्चितता, कीटों और बीमारियों का प्रकोप, बाजार में कीमतों का उतार-चढ़ाव और कोल्ड स्टोरेज जैसी बुनियादी ढांचागत सुविधाओं की कमी। अभिषेक इन चुनौतियों से निपटने के लिए लगातार नए कृषि तकनीकों का अध्ययन कर रहे हैं और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं। उनकी दूरदर्शिता और कड़ी मेहनत निश्चित रूप से उन्हें भविष्य में भी सफलता दिलाएगी।

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लेखक
Dipti Das
दिप्ति दास साकार भारत की रिपोर्टर हैं। वे छत्तीसगढ़ और देश की ताज़ा खबरें, राजनीति, समाज और जनहित के विषयों पर रिपोर्ट करती हैं।

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