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मराठी फिल्म 'गोंधल' ने ऑस्कर 2025 में एंट्री कर रचा इतिहास, JioCinema पर उपलब्ध

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मराठी फिल्म 'गोंधल' ने ऑस्कर 2025 में एंट्री कर रचा इतिहास, JioCinema पर उपलब्ध
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मराठी सिनेमा ने हाल ही में एक अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल की है, जब निर्देशक शिवराज देवरुखकर और नम्रता देवरुखकर की समीक्षकों द्वारा प्रशंसित फिल्म 'गोंधल' को प्रतिष्ठित 97वें अकादमी पुरस्कार (ऑस्कर 2025) में 'बेस्ट पिक्चर' श्रेणी के लिए आधिकारिक तौर पर विचारार्थ भेजा गया है। यह घोषणा भारतीय फिल्म उद्योग, विशेषकर मराठी सिनेमा के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है, क्योंकि यह पहली मराठी फिल्म है जिसे सीधे इस प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय श्रेणी के लिए सबमिट किया गया है। यह कदम न केवल फिल्म निर्माताओं के लिए गर्व का विषय है, बल्कि यह मराठी कहानी कहने की क्षमता और वैश्विक मंच पर इसकी बढ़ती पहचान को भी दर्शाता है। फिल्म, जो पारंपरिक 'तमाशा' कला रूप और एक पिता-पुत्री के भावनात्मक रिश्ते के इर्द-गिर्द घूमती है, को पहले ही विभिन्न फिल्म समारोहों में सराहा जा चुका है और अब यह दुनिया के सबसे बड़े फिल्म पुरस्कारों में से एक में अपनी जगह बनाने की दौड़ में शामिल हो गई है।

ऑस्कर की दौड़ में 'गोंधल' का ऐतिहासिक कदम

'गोंधल' का 97वें अकादमी पुरस्कार की 'बेस्ट पिक्चर' श्रेणी में सीधे प्रवेश मिलना मराठी फिल्म उद्योग के लिए एक मील का पत्थर है। यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि आमतौर पर भारत से ऑस्कर के लिए फिल्में 'बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म' श्रेणी में भेजी जाती हैं, लेकिन 'गोंधल' ने सीधे मुख्य श्रेणी में अपनी दावेदारी पेश कर एक नया रास्ता खोला है। यह दर्शाता है कि फिल्म में एक सार्वभौमिक अपील और कलात्मक गुणवत्ता है जो इसे वैश्विक दर्शकों और जूरी के सामने प्रस्तुत करने के योग्य बनाती है। फिल्म के निर्देशकों शिवराज देवरुखकर और नम्रता देवरुखकर ने इस खबर पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि यह उनके लिए और पूरी मराठी फिल्म बिरादरी के लिए एक बड़ा सम्मान है। यह कदम निश्चित रूप से अन्य क्षेत्रीय फिल्म निर्माताओं को भी बड़े मंचों पर अपनी कहानियों को प्रस्तुत करने के लिए प्रेरित करेगा। 'गोंधल' ने पहले ही गोवा में आयोजित 54वें अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (IFFI) सहित कई प्रतिष्ठित फिल्म समारोहों में अपनी छाप छोड़ी है, जहाँ इसे दर्शकों और आलोचकों दोनों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली थी। इसकी कहानी की प्रामाणिकता और प्रस्तुति की संवेदनशीलता ने इसे विशेष पहचान दिलाई है, जो अब ऑस्कर जैसे बड़े मंच पर इसे एक मजबूत दावेदार बनाती है।

'गोंधल' की कहानी और कलात्मकता

'गोंधल' सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि महाराष्ट्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, विशेषकर लुप्त होती 'तमाशा' कला शैली का एक मार्मिक चित्रण है। फिल्म की कहानी एक पिता-पुत्री के संवेदनशील रिश्ते के इर्द-गिर्द बुनी गई है, जहाँ पिता अपनी बेटी को इस पारंपरिक कला रूप की विरासत को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करता है, जबकि बेटी आधुनिक दुनिया की चुनौतियों और अपनी आकांक्षाओं के बीच संतुलन बनाने की कोशिश करती है। यह संघर्ष केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि आधुनिकता और परंपरा के बीच के व्यापक द्वंद्व को भी दर्शाता है। फिल्म में मकरंद अनासपुरे ने पिता की भूमिका में जान डाल दी है, जबकि गौरी इंगवले ने बेटी के किरदार को बखूबी निभाया है। उनके साथ सुनील सुखटणकर और प्रणव रावरान जैसे प्रतिभाशाली कलाकारों ने भी महत्वपूर्ण भूमिकाएँ निभाई हैं। फिल्म का संगीत अमितराज ने दिया है, जो कहानी के भावनात्मक प्रवाह को सशक्त करता है। निर्देशक जोड़ी शिवराज देवरुखकर और नम्रता देवरुखकर ने बड़े ही सूक्ष्म तरीके से इस कहानी को दर्शकों के सामने प्रस्तुत किया है, जहाँ कला के संरक्षण की आवश्यकता, पारिवारिक बंधन और व्यक्तिगत सपनों का संगम होता है। यह फिल्म उन सभी कलाकारों और कला रूपों को एक श्रद्धांजलि है जो समय के साथ अपनी पहचान खोने के कगार पर हैं, और यह हमें अपनी जड़ों से जुड़े रहने का संदेश देती है।

ओटीटी पर 'गोंधल' कहाँ देखें

ऑस्कर में एंट्री की खबर के बाद, कई दर्शक यह जानने को उत्सुक हैं कि वे इस ऐतिहासिक फिल्म को कहाँ देख सकते हैं। 'गोंधल' वर्ष 2023 में सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी, और अब यह डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी उपलब्ध है। फिल्म को आप प्रमुख ओटीटी प्लेटफॉर्म JioCinema पर देख सकते हैं। यह दर्शकों के लिए एक शानदार अवसर है कि वे घर बैठे इस महत्वपूर्ण फिल्म का अनुभव कर सकें और मराठी सिनेमा की इस वैश्विक उपलब्धि का हिस्सा बन सकें। JioCinema पर इसकी उपलब्धता सुनिश्चित करती है कि यह फिल्म केवल महाराष्ट्र तक सीमित न रहे, बल्कि पूरे भारत और विदेशों में भी उन दर्शकों तक पहुंचे जो अच्छी कहानियों और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध सिनेमा की तलाश में हैं। इस फिल्म को देखकर आप न केवल एक बेहतरीन कहानी का आनंद लेंगे, बल्कि एक ऐसी कलाकृति का भी समर्थन करेंगे जो अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व कर रही है। फिल्म की ओटीटी पर उपलब्धता ने इसे और अधिक सुलभ बना दिया है, जिससे इसकी पहुंच का विस्तार हुआ है और यह अधिक से अधिक लोगों को इस अनूठी और प्रेरणादायक कहानी से जुड़ने का मौका दे रही है।

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लेखक
Dipti Das
दिप्ति दास साकार भारत की रिपोर्टर हैं। वे छत्तीसगढ़ और देश की ताज़ा खबरें, राजनीति, समाज और जनहित के विषयों पर रिपोर्ट करती हैं।

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