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पीएम मोदी के जन्मदिन पर MP में 3.55 करोड़ दीये, उज्जैन में विश्व रिकॉर्ड

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पीएम मोदी के जन्मदिन पर MP में 3.55 करोड़ दीये, उज्जैन में विश्व रिकॉर्ड
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 73वें जन्मदिन के अवसर पर, 17 सितंबर को मध्य प्रदेश में एक अभूतपूर्व उत्सव का आयोजन किया गया, जिसमें कुल 3.55 करोड़ दीये प्रज्वलित किए गए। इस विशाल आयोजन का मुख्य आकर्षण उज्जैन नगरी रही, जहाँ पवित्र शिप्रा नदी के तट पर एक साथ 25 लाख से अधिक दीये जलाकर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में एक नया अध्याय जोड़ा गया। यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री के दीर्घायु और स्वस्थ जीवन की कामना के साथ-साथ जनभागीदारी और सांस्कृतिक एकता का संदेश देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था, जिसमें राज्य भर से लाखों लोगों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।

उज्जैन का ऐतिहासिक विश्व रिकॉर्ड

मध्य प्रदेश के हृदय में स्थित धार्मिक नगरी उज्जैन इस भव्य आयोजन का केंद्र बिंदु रही। शिप्रा नदी के दोनों तटों पर, विशेष रूप से रामघाट और दत्त अखाड़ा घाट पर, लाखों की संख्या में स्वयंसेवकों और श्रद्धालुओं ने मिलकर 25 लाख से अधिक दीये जलाए। यह दृश्य अत्यंत मनोहारी और अलौकिक था, जिसने पूरे वातावरण को भक्ति और प्रकाश से भर दिया। इस रिकॉर्ड-ब्रेकिंग प्रयास को सुनिश्चित करने के लिए व्यापक तैयारियां की गई थीं, जिसमें हजारों वॉलंटियर्स ने महीनों तक समन्वय और प्रशिक्षण प्राप्त किया। गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के अधिकारियों की उपस्थिति में इस कीर्तिमान को आधिकारिक तौर पर दर्ज किया गया, जिससे उज्जैन ने दीये जलाने के पिछले सभी रिकॉर्डों को ध्वस्त कर एक नया बेंचमार्क स्थापित किया। यह न केवल मध्य प्रदेश के लिए बल्कि पूरे भारत के लिए गर्व का क्षण था, जो सांस्कृतिक विरासत और सामुदायिक शक्ति का अद्भुत प्रदर्शन था। इस अवसर पर धार्मिक मंत्रोच्चार और भजन-कीर्तन ने वातावरण को और भी पवित्र बना दिया, जिससे उपस्थित सभी लोग एक अविस्मरणीय अनुभव के साक्षी बने।

पूरे मध्य प्रदेश में उत्सव का माहौल

यह आयोजन सिर्फ उज्जैन तक ही सीमित नहीं था, बल्कि मध्य प्रदेश के हर कोने में प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन को एक राष्ट्रीय पर्व की तरह मनाया गया। राज्य के सभी 52 जिलों और लगभग हर ग्राम पंचायत में दीये जलाए गए, जिससे कुल संख्या 3.55 करोड़ तक पहुँच गई। राज्य सरकार ने 'एक दीया मोदी के नाम' अभियान के तहत व्यापक जनभागीदारी को प्रोत्साहित किया। इस उत्सव में सिर्फ भाजपा कार्यकर्ता ही नहीं, बल्कि विभिन्न सामाजिक संगठनों, धार्मिक समूहों और आम जनता ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों को बधाई दी और प्रधानमंत्री के दीर्घायु की कामना कीभोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर जैसे प्रमुख शहरों में भी भव्य कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहाँ स्थानीय प्रशासन और स्वयंसेवी संस्थाओं ने मिलकर दीये जलाए। इस व्यापक जनभागीदारी ने प्रधानमंत्री मोदी का जनता के बीच गहरा प्रभाव और सम्मान दर्शाया। कई स्थानों पर गरीबों को भोजन वितरण और स्वास्थ्य शिविरों का भी आयोजन किया गया, जिससे यह उत्सव और भी सार्थक बन गया।

'एक दीया मोदी के नाम' अभियान और जनभागीदारी का महत्व

'एक दीया मोदी के नाम' अभियान मध्य प्रदेश सरकार द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन को एक अद्वितीय और यादगार तरीके से मनाने की एक अनूठी पहल थी। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य न केवल प्रधानमंत्री को शुभकामनाएं देना था, बल्कि सांस्कृतिक परंपराओं को बढ़ावा देना और जनता को एक साझा उद्देश्य के लिए एकजुट करना भी था। 3.55 करोड़ दीयों का जलाया जाना एक संगठनात्मक चमत्कार था, जिसमें लाखों स्वयंसेवकों, सरकारी कर्मचारियों और स्थानीय नेताओं का अथक परिश्रम शामिल था। तेल, बाती और दीयों की व्यवस्था से लेकर उनके वितरण और प्रज्वलन तक, हर स्तर पर सूक्ष्म योजना और निष्पादन की आवश्यकता थी। इस आयोजन ने भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को भी रेखांकित किया, जहाँ प्रकाश को शुभता, ज्ञान और सकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है। मध्य प्रदेश के लोगों ने इस अभियान को अपना बनाया और अपने घरों, मंदिरों, सार्वजनिक स्थलों और घाटों पर दीये जलाकर इस भव्य उत्सव का हिस्सा बने। यह आयोजन केवल एक राजनीतिक व्यक्ति के जन्मदिन का जश्न नहीं था, बल्कि यह सामुदायिक भावना, राष्ट्रीय गौरव और सांस्कृतिक पुनरुत्थान का एक सशक्त प्रतीक बन गया। यह दिखाता है कि एकजुट प्रयास से क्या कुछ हासिल किया जा सकता है, और भविष्य के लिए प्रेरणा का स्रोत बनता है।*

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लेखक
Dipti Das
दिप्ति दास साकार भारत की रिपोर्टर हैं। वे छत्तीसगढ़ और देश की ताज़ा खबरें, राजनीति, समाज और जनहित के विषयों पर रिपोर्ट करती हैं।

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