ओडिशा में पर्यटन को बूस्ट: सीएम माझी ने किया निवेश का आह्वान
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ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने पिछले शनिवार को भुवनेश्वर में आयोजित ‘ओडिशा ट्रैवल बाजार’ के सातवें संस्करण का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने भारत और विदेशों के निवेशकों, आतिथ्य ब्रांडों और पर्यटन हितधारकों से राज्य में पर्यटन की अपार संभावनाओं का लाभ उठाने और इस क्षेत्र में बड़ा निवेश करने का जोरदार आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि राज्य सरकार पर्यटन के विकास को गति देने और इसे एक प्रमुख उद्योग के रूप में स्थापित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है, जिसके तहत कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। उनका यह संबोधन राज्य को एक आकर्षक पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
पर्यटन प्रोत्साहन के लिए ऐतिहासिक घोषणाएँ
पर्यटन सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री माझी ने राज्य में पर्यटन और आतिथ्य उद्योग को बढ़ावा देने के लिए कई प्रमुख और दूरगामी घोषणाएँ कीं, जो निवेशकों के लिए विशेष रूप से लाभकारी होंगी। सबसे पहले, स्टार श्रेणी के होटलों के लिए न्यूनतम कमरों की आवश्यकता को 50 से घटाकर अब केवल 10 कर दिया गया है। यह निर्णय छोटे और मध्यम आकार के निवेशकों को आकर्षित करने के उद्देश्य से लिया गया है, जिससे राज्य में होटल उद्योग का विस्तार हो सके। दूसरा, पर्यटन परियोजनाओं के लिए पूंजीगत सब्सिडी की सीमा में भारी बढ़ोतरी की गई है; इसे ₹20 करोड़ से बढ़ाकर अभूतपूर्व ₹120 करोड़ कर दिया गया है। यह बड़ी वृद्धि निवेशकों को बड़े पैमाने पर परियोजनाओं में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित करेगी, जिससे पर्यटन बुनियादी ढांचे का विकास तेज होगा। इसके अतिरिक्त, वर्ष 2026-31 के दौरान पर्यटन बुनियादी ढांचे के विकास के लिए ₹1,500 करोड़ का एक विशाल बजट और 5,500 एकड़ का एक विस्तृत लैंड बैंक भी स्वीकृत किया गया है। यह दर्शाता है कि राज्य सरकार पर्यटन को उच्च प्राथमिकता दे रही है और इस क्षेत्र में दीर्घकालिक विकास के लिए दृढ़ता से प्रतिबद्ध है।
पर्यटकों की सुरक्षा और सुविधा पर विशेष ध्यान
राज्य सरकार ने पर्यटकों के अनुभव को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए भी कई नई पहलें की हैं। इन पहलों का उद्देश्य न केवल पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है बल्कि उन्हें विश्व स्तरीय अनुभव प्रदान करना भी है। इन महत्वपूर्ण कदमों में से एक है 29 प्रमुख पर्यटन स्थलों पर ‘टूरिस्ट पुलिस’ की व्यवस्था। यह विशेष पुलिस बल पर्यटकों की सहायता के लिए समर्पित होगा, जिससे उन्हें किसी भी अप्रिय घटना से बचाया जा सके और उनकी यात्रा अधिक सुखद बन सके। इसके अलावा, तटीय और वॉटर-स्पोर्ट्स क्षेत्रों में ‘ओस्वाली’ (OSWALI) के माध्यम से 1,000 प्रशिक्षित लाइफगार्ड तैनात किए जाएंगे। यह कदम पानी से संबंधित गतिविधियों में सुरक्षा सुनिश्चित करेगा, जो ओडिशा के मनमोहक समुद्र तटों और जल क्रीड़ा स्थलों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। अधिक भीड़भाड़ वाले पर्यटन स्थलों पर ‘डेस्टिनेशन मैनेजर’ नियुक्त किए जाएंगे, जो भीड़ प्रबंधन, पर्यटक मार्गदर्शन और समग्र अनुभव को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। ये सभी पहलें मिलकर ओडिशा को एक सुरक्षित, सुव्यवस्थित और आकर्षक पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करेंगी।
ओडिशा में पर्यटन की अपार संभावनाएँ और भविष्य की राह
ओडिशा अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, प्राचीन मंदिरों, मनमोहक समुद्र तटों, हरी-भरी पहाड़ियों और विविध वन्यजीव अभयारण्यों के लिए जाना जाता है। कोणार्क का सूर्य मंदिर, पुरी का जगन्नाथ मंदिर और भुवनेश्वर के लिंगराज मंदिर जैसे स्थल पर्यटकों को अध्यात्म और इतिहास का अद्वितीय अनुभव प्रदान करते हैं। इसके अलावा, चिल्का झील जैसे वेटलैंड और भीतरकनिका राष्ट्रीय उद्यान जैसे वन्यजीव अभयारण्य प्रकृति प्रेमियों और पारिस्थितिक पर्यटन के शौकीनों के लिए खास आकर्षण हैं। मुख्यमंत्री माझी की घोषणाएं इन अपार संभावनाओं को वास्तविकता में बदलने के लिए एक मजबूत नींव तैयार करती हैं। पूंजीगत सब्सिडी में वृद्धि और लैंड बैंक की उपलब्धता से आधुनिक पर्यटन अवसंरचना जैसे रिसॉर्ट्स, कन्वेंशन सेंटर और मनोरंजन पार्क विकसित किए जा सकेंगे। ‘टूरिस्ट पुलिस’ और लाइफगार्ड की तैनाती पर्यटकों में विश्वास पैदा करेगी, जिससे राज्य में आने वाले पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है।
राज्य सरकार का लक्ष्य पर्यटन को केवल एक उद्योग के रूप में नहीं, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने वाले एक व्यापक माध्यम के रूप में देखना है। पर्यटन क्षेत्र में निवेश से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, स्थानीय व्यवसायों को बढ़ावा मिलेगा और कारीगरों तथा सांस्कृतिक कलाकारों को एक नया मंच मिलेगा। मुख्यमंत्री माझी ने सभी हितधारकों से इस निवेश-अनुकूल माहौल का लाभ उठाने और ओडिशा को भारत के शीर्ष पर्यटन स्थलों में से एक बनाने में सहयोग करने का आह्वान किया। यह दृष्टिकोण ओडिशा के लिए दीर्घकालिक विकास और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करेगा, जिससे राज्य की पहचान एक विश्व स्तरीय पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित हो सकेगी।
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