विजय शंकर ने IPL और घरेलू क्रिकेट से लिया संन्यास, नया अध्याय शुरू
भारतीय क्रिकेट के जाने-माने ऑलराउंडर विजय शंकर ने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) और घरेलू क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लेने की घोषणा कर दी है। 33 वर्षीय शंकर ने यह फैसला अपने सोशल मीडिया हैंडल के माध्यम से साझा किया, जिससे उनके प्रशंसकों और क्रिकेट जगत में थोड़ी हैरानी है। तमिलनाडु के इस खिलाड़ी ने 2019 विश्व कप में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया था और अपनी बहुमुखी प्रतिभा के लिए जाने जाते थे। उन्होंने अपने करियर में कई महत्वपूर्ण पारियां खेलीं और गेंद व बल्ले दोनों से योगदान दिया। उनके इस फैसले के पीछे व्यक्तिगत कारणों और भविष्य की नई संभावनाओं को मुख्य वजह माना जा रहा है, हालांकि उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि क्रिकेट हमेशा उनकी जिंदगी का एक अहम हिस्सा रहेगा।
एक सफल करियर का अंत
विजय शंकर ने अपने क्रिकेट करियर की शुरुआत तमिलनाडु के लिए की थी और जल्द ही अपनी प्रतिभा से सबका ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने जनवरी 2018 में श्रीलंका के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय में पदार्पण किया। इसके बाद, उन्होंने 2019 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय में भी पदार्पण किया। शंकर अपनी मध्यम गति की गेंदबाजी और निचले क्रम में ताबड़तोड़ बल्लेबाजी के लिए जाने जाते थे। उन्हें अक्सर एक 'थ्री-डाइमेंशनल' खिलाड़ी के रूप में देखा जाता था, जो टीम को संतुलन प्रदान करते थे।
उनके करियर का सबसे बड़ा क्षण तब आया जब उन्हें 2019 क्रिकेट विश्व कप के लिए भारतीय टीम में चुना गया। यह चयन उस समय काफी चर्चा का विषय बना था क्योंकि उन्हें अंबाती रायडू जैसे अनुभवी खिलाड़ी के ऊपर तरजीह दी गई थी। चयनकर्ताओं ने शंकर को उनकी 'थ्री-डी' (बैटिंग, बॉलिंग, फील्डिंग) क्षमताओं के कारण चुना था। विश्व कप में उन्होंने कुछ मैचों में हिस्सा लिया, जिसमें पाकिस्तान के खिलाफ अपने पहले ही ओवर में इमाम-उल-हक का विकेट लेना शामिल है। हालांकि, दुर्भाग्यवश, टूर्नामेंट के बीच में ही उन्हें पैर की उंगली में चोट लग गई और उन्हें विश्व कप से बाहर होना पड़ा, जिससे उनके अंतरराष्ट्रीय करियर को बड़ा झटका लगा। इस चोट ने उनकी वापसी की राह को काफी मुश्किल बना दिया। उन्होंने भारत के लिए 12 वनडे और 9 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले, जिनमें क्रमशः 223 रन और 101 रन बनाए, साथ ही 4 और 5 विकेट भी लिए।
IPL में योगदान और घरेलू प्रदर्शन
आईपीएल में विजय शंकर ने कई फ्रेंचाइजी के लिए खेला, जिनमें चेन्नई सुपर किंग्स, सनराइजर्स हैदराबाद, दिल्ली डेयरडेविल्स और गुजरात टाइटंस शामिल हैं। उन्होंने अपने आईपीएल करियर में 62 मैच खेले और कुल 712 रन बनाए, जिसमें 3 अर्धशतक शामिल हैं। उनकी बल्लेबाजी अक्सर टीम को मध्यक्रम में स्थिरता प्रदान करती थी। गेंदबाजी में भी उन्होंने आईपीएल में 9 विकेट हासिल किए, अपनी धीमी गति की गेंदों का प्रभावी ढंग से उपयोग करते हुए। 2022 और 2023 में वह गुजरात टाइटंस का हिस्सा थे, जहां उन्होंने कुछ प्रभावशाली प्रदर्शन किए और टीम को कुछ मैचों में जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई।
घरेलू क्रिकेट में, विजय शंकर तमिलनाडु के लिए एक प्रमुख खिलाड़ी रहे हैं। उन्होंने रणजी ट्रॉफी, विजय हजारे ट्रॉफी और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में अपनी टीम का नेतृत्व किया। उनका प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 50 से अधिक के औसत से 3000 से अधिक रन और 40 से अधिक विकेट का रिकॉर्ड उनकी ऑलराउंड क्षमता को दर्शाता है। अपने संन्यास की घोषणा में, शंकर ने अपने सभी कोचों, टीम के साथियों और परिवार का हार्दिक आभार व्यक्त किया है, जिन्होंने उनके पूरे करियर में उनका समर्थन किया।
भविष्य की राह और क्रिकेट से जुड़ाव
विजय शंकर ने अपने संन्यास के बाद क्रिकेट से पूरी तरह अलग न होने के संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा है कि क्रिकेट उनकी जिंदगी का अहम हिस्सा रहा है और वह भविष्य में किसी न किसी रूप में खेल से जुड़े रहेंगे। यह संभावना है कि वह कोचिंग, मेंटरशिप या कमेंट्री जैसे क्षेत्रों में अपनी नई पारी शुरू कर सकते हैं। उनका अनुभव, विशेषकर एक ऑलराउंडर के रूप में, युवा खिलाड़ियों के लिए काफी मूल्यवान हो सकता है।
संन्यास का यह फैसला खिलाड़ियों के जीवन में एक सामान्य पड़ाव है। विजय शंकर के लिए यह एक नए अध्याय की शुरुआत है, जहां वह शायद क्रिकेट के मैदान के बाहर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। उनके प्रशंसकों को उम्मीद है कि वह भविष्य में भी किसी न किसी रूप में खेल को अपना योगदान देते रहेंगे और अपने अनुभव से नई पीढ़ी को प्रेरित करेंगे। क्रिकेट जगत ने उनके योगदान की सराहना की है और उन्हें उनके भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं दी हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि वह आगे कौन सी नई भूमिका चुनते हैं और किस तरह से खेल के साथ अपना जुड़ाव बनाए रखते हैं।