सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के MSME ऋण आउटरीच कार्यक्रम में 87 करोड़ के ऋण स्वीकृत, विशिष्ट अतिथि बने तरणजीत सिंह होरा | Raipur News Today
आज की रायपुर खबर के अनुसार... रायपुर। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया द्वारा देशभर में आयोजित किए जा रहे एमएसएमई (MSME) ऋण आउटरीच कार्यक्रम के तहत शुक्रवार को रायपुर के होटल मयूरा में एक भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) क्षेत्र से जुड़े उद्यमियों को बैंक की नवीनतम ऋण योजनाओं और वित्तीय सुविधाओं की जानकारी उपलब्ध कराना तथा पात्र हितग्राहियों को ऋण स्वीकृति प्रदान करना था।
कार्यक्रम में लगभग 100 उद्यमियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौरान बैंक अधिकारियों ने एमएसएमई क्षेत्र के लिए उपलब्ध विभिन्न ऋण उत्पादों, नई योजनाओं, कार्यशील पूंजी सहायता और अन्य वित्तीय सुविधाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उद्यमियों ने बैंकिंग प्रक्रियाओं से संबंधित अपने सुझाव और समस्याएं भी अधिकारियों के समक्ष रखीं, जिन पर सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया गया।
इस आयोजन के मुख्य अतिथि योगेश कुमार, सहायक निदेशक, एमएसएमई डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट, रायपुर रहे। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष तरणजीत सिंह होरा तथा राजाराम फूड प्रोडक्ट प्राइवेट लिमिटेड के वाइस प्रेसिडेंट दीपक यादव उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के मुंबई मुख्यालय से मुख्य महाप्रबंधक सोहेल अहमद तथा रायपुर अंचल के अंचल प्रमुख राकेश भूतड़ा की विशेष उपस्थिति रही। उन्होंने उद्यमियों से संवाद करते हुए बैंक की उद्यम प्रोत्साहन नीतियों और एमएसएमई क्षेत्र के लिए उपलब्ध वित्तीय सहायता के महत्व पर प्रकाश डाला।
आयोजन के दौरान रायपुर अंचल के 87 हितग्राहियों को लगभग 87 करोड़ रुपये के एमएसएमई ऋण स्वीकृत किए गए। बैंक अधिकारियों ने बताया कि एमएसएमई क्षेत्र रोजगार सृजन, स्थानीय उद्योगों के विकास और आर्थिक प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया उद्यमियों को आसान, पारदर्शी और समयबद्ध वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
अधिकारियों ने यह भी कहा कि बैंक भविष्य में भी इस प्रकार के आउटरीच कार्यक्रमों का आयोजन कर नए उद्यमियों, स्टार्टअप्स और स्थानीय उद्योगों को प्रोत्साहित करता रहेगा। कार्यक्रम में मौजूद उद्यमियों ने बैंक की पहल की सराहना करते हुए इसे उद्योग और बैंकिंग क्षेत्र के बीच बेहतर समन्वय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।