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मुख्यमंत्री निवास में गणेश प्रतिमा स्थापित, कौशल्या साय ने की पूजा

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मुख्यमंत्री निवास में गणेश प्रतिमा स्थापित, कौशल्या साय ने की पूजा
छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री निवास की बगिया में गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित की गई। इस शुभ अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने पूरे विधि-विधान और श्रद्धा भाव से पूजा-अर्चना की। उन्होंने पूरे प्रदेश की सुख-समृद्धि, खुशहाली और निरंतर प्रगति की कामना करते हुए विघ्नहर्ता से आशीर्वाद मांगा। यह आयोजन मुख्यमंत्री निवास में एक भक्तिमय और उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ, जिसमें परिवार के सदस्यों और कुछ प्रमुख अधिकारियों की उपस्थिति रही। यह परंपरा राज्य के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक मूल्यों को दर्शाती है, जहां सार्वजनिक जीवन में भी धार्मिक आस्था का सम्मान किया जाता है।

भक्तिमय वातावरण में स्थापना और पूजा

गणेश चतुर्थी के शुभ मुहूर्त पर, मुख्यमंत्री निवास परिसर में स्थित बगिया को विशेष रूप से सजाया गया था। यहां एक सुंदर और मनमोहक गणेश प्रतिमा स्थापित की गई, जिसे रंग-बिरंगे फूलों और आकर्षक रोशनी से सजाया गया था। श्रीमती कौशल्या साय ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान गणेश की प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा की और फिर पूरे भक्तिभाव से पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने दूर्वा, मोदक, लड्डू और अन्य पारंपरिक पूजन सामग्री अर्पित की। परिवार के अन्य सदस्यों ने भी इस पूजा में भाग लिया, जिससे निवास परिसर में एक अत्यंत ही सकारात्मक और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हुआ। पंडितों द्वारा विशेष आरती का आयोजन किया गया, जिसमें सभी उपस्थित लोगों ने श्रद्धापूर्वक भाग लिया। इस अवसर पर भजन-कीर्तन का भी आयोजन किया गया, जिसने पूरे वातावरण को और भी अधिक भक्तिमय बना दिया।

प्रदेश की सुख-समृद्धि हेतु विशेष प्रार्थना

पूजा-अर्चना के उपरांत, श्रीमती कौशल्या साय ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि उन्होंने भगवान गणेश से छत्तीसगढ़ राज्य और यहां के निवासियों की सुख-समृद्धि, खुशहाली और शांति के लिए विशेष प्रार्थना की है। उन्होंने कहा कि भगवान गणेश सभी विघ्नों को हरने वाले हैं और वे उम्मीद करती हैं कि उनके आशीर्वाद से प्रदेश प्रगति के पथ पर निरंतर अग्रसर होगा। उन्होंने सभी प्रदेशवासियों को गणेश चतुर्थी की शुभकामनाएं भी दीं और उनसे आग्रह किया कि वे भी अपने घरों में सद्भाव और प्रेम के साथ इस पर्व को मनाएं। यह आयोजन न केवल एक धार्मिक अनुष्ठान था, बल्कि यह मुख्यमंत्री परिवार की ओर से प्रदेश की जनता के प्रति उनकी शुभकामनाओं और कल्याण की भावना का भी प्रतीक था। उन्होंने प्रदेश में व्याप्त सभी समस्याओं के निराकरण और जन-कल्याणकारी योजनाओं की सफलता के लिए भी प्रार्थना की।

मुख्यमंत्री निवास में परंपरा का निर्वहन

मुख्यमंत्री निवास में इस तरह के धार्मिक आयोजनों का होना राज्य की सांस्कृतिक जड़ों और परंपराओं के प्रति सम्मान को दर्शाता है। यह पहला अवसर नहीं है जब मुख्यमंत्री निवास में किसी प्रमुख त्योहार को इतनी श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया हो। ऐसी परंपराएं जनता और नेतृत्व के बीच एक भावनात्मक जुड़ाव स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। श्रीमती कौशल्या साय ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भी ऐसी धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करते हैं। इस प्रकार के आयोजन न केवल परिवार के भीतर बल्कि पूरे राज्य में एक सकारात्मक संदेश देते हैं। यह दर्शाता है कि सत्ता के शीर्ष पर बैठे लोग भी अपनी सांस्कृतिक और धार्मिक मान्यताओं से जुड़े हुए हैं और वे जनभावनाओं का सम्मान करते हैं। यह परंपरा आने वाली पीढ़ियों के लिए भी एक प्रेरणा का स्रोत बनेगी, जो उन्हें अपनी संस्कृति और त्योहारों के महत्व को समझने में मदद करेगी।

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सामाजिक सद्भाव और उत्सव का संदेश

गणेश चतुर्थी का यह पर्व पूरे भारत में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है, और मुख्यमंत्री निवास में इसका आयोजन छत्तीसगढ़ में सामाजिक सद्भाव और एकता का संदेश देता है। यह दर्शाता है कि सभी धर्मों और समुदायों के लोग एक साथ मिलकर त्योहारों का आनंद ले सकते हैं और एक-दूसरे की खुशियों में शरीक हो सकते हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री परिवार ने राज्य के विभिन्न वर्गों के लोगों से भी मुलाकात की और उन्हें शुभकामनाएं दीं, जिससे एक समावेशी माहौल बना। यह धार्मिक आयोजन केवल एक निजी अनुष्ठान नहीं था, बल्कि यह राज्य के सांस्कृतिक ताने-बाने को मजबूत करने और एकजुटता की भावना को बढ़ावा देने का एक मंच भी था। श्रीमती कौशल्या साय ने उम्मीद जताई कि भगवान गणेश का आशीर्वाद पूरे छत्तीसगढ़ पर बना रहेगा और प्रदेश विकास के नए आयाम स्थापित करेगा।

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