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विधायक भावना बोहरा ने पूरी की 151 KM पदयात्रा, भोरमदेव में जलाभिषेक

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विधायक भावना बोहरा ने पूरी की 151 KM पदयात्रा, भोरमदेव में जलाभिषेक
छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ की तेजतर्रार विधायक भावना बोहरा ने हाल ही में अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति और जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता का प्रदर्शन करते हुए सात दिवसीय 151 किलोमीटर की एक ऐतिहासिक पदयात्रा सफलतापूर्वक पूरी की। यह पदयात्रा कबीरधाम जिले के विभिन्न गांवों और कस्बों से होते हुए प्राचीन और आस्था के केंद्र भोरमदेव बाबा मंदिर तक पहुंची, जहाँ उन्होंने भगवान शिव का जलाभिषेक कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि और शांति की कामना की। इस कठिन और लंबी पदयात्रा का मुख्य उद्देश्य जनता से सीधा संवाद स्थापित करना, उनकी समस्याओं को करीब से समझना और क्षेत्र के समग्र विकास के लिए उनकी अपेक्षाओं को जानना था। भावना बोहरा ने इस दौरान हजारों लोगों से मुलाकात की और उनकी पीड़ा को सुना, जिससे यह पदयात्रा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान न रहकर जनसंपर्क का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन गई।

जनसेवा का संकल्प और पदयात्रा का मार्ग

विधायक भावना बोहरा ने अपनी इस 151 किलोमीटर की पदयात्रा का संकल्प जनता के बीच रहकर उनकी वास्तविक स्थिति को समझने और उनकी आवाज़ बनने के उद्देश्य से लिया था। यह पदयात्रा केवल शारीरिक श्रम नहीं, बल्कि जनता के प्रति एक गहरा भावनात्मक जुड़ाव स्थापित करने का प्रयास था। पदयात्रा की शुरुआत कबीरधाम जिले के एक छोर से हुई और यह प्रतिदिन लगभग 20 से 25 किलोमीटर की दूरी तय करती रही। इस दौरान बोहरा ने कई सुदूर और दुर्गम गांवों से भी होकर गुज़रीं, जहाँ अक्सर जनप्रतिनिधियों का पहुंचना मुश्किल होता ह। उन्होंने रास्ते में पड़ने वाले छोटे-छोटे गाँवों में रुककर स्थानीय लोगों से बातचीत की, उनकी समस्याओं को धैर्यपूर्वक सुना और उन्हें यह आश्वासन दिया कि उनकी मांगों को सरकार तक पहुँचाया जाएगास्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, पानी और रोजगार जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठाए गए, जिन पर विधायक ने तत्काल समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों से संपर्क करने का वादा किया। यह पदयात्रा उनका जमीनी स्तर पर जनता से जुड़ने का एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई, जिसने उन्हें क्षेत्र की वास्तविक चुनौतियों और संभावनाओं से रूबरू कराया।

जनता से सीधा संवाद और अपार समर्थन

पदयात्रा के दौरान विधायक भावना बोहरा को जनता का अभूतपूर्व समर्थन और प्यार मिला। रास्ते भर ग्रामवासियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया, फूलों की वर्षा की और आरती उतारकर उन्हें आशीर्वाद दियाकई स्थानों पर स्थानीय महिलाएँ और बुजुर्ग अपनी समस्याओं को लेकर उनसे मिलने आए और अपनी आपबीती सुनाईबोहरा ने प्रत्येक व्यक्ति से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की, उनकी बातों को ध्यान से सुना और उन्हें हर संभव मदद का आश्वासन दियायुवाओं ने भी इस पदयात्रा में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और विधायक के साथ कदम से कदम मिलाकर चले। यह दृश्य दर्शाता था कि जनता अपने जनप्रतिनिधि को अपने बीच पाकर कितना प्रसन्न महसूस कर रही थी। भावना बोहरा ने इस दौरान कई जनसभाओं को भी संबोधित किया, जहाँ उन्होंने अपनी सरकार की योजनाओं और भविष्य की विकासपरक नीतियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने जनता को विश्वास दिलाया कि वे उनकी आवाज बनकर विधानसभा में उनके हितों की रक्षा करेंगीसात दिनों तक चली यह पदयात्रा राजनीतिक सरगर्मियों से परे एक मानवीय और सामाजिक जुड़ाव का प्रतीक बन गई, जिसने विधायक और उनके क्षेत्र की जनता के बीच एक मजबूत सेतु का निर्माण किया।

भोरमदेव मंदिर में जलाभिषेक और आस्था का महापर्व

सात दिनों की कठिन और प्रेरणादायक पदयात्रा का समापन कबीरधाम जिले के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के भोरमदेव बाबा मंदिर में हुआ। यह मंदिर छत्तीसगढ़ का खजुराहो के नाम से भी विख्यात है और भगवान शिव को समर्पित है। पदयात्रा के अंतिम दिन, भावना बोहरा ने भारी संख्या में समर्थकों और श्रद्धालुओं के साथ मंदिर परिसर में प्रवेश कियामंदिर में पहुंचने पर उन्होंने सबसे पहले पवित्र सरोवर में स्नान किया और फिर विधि-विधान से भोरमदेव बाबा का जलाभिषेक किया। पुजारी ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना संपन्न कराई, जिसमें भावना बोहरा ने पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ भाग लिया। उन्होंने क्षेत्र की खुशहाली, समृद्धि और शांति के लिए विशेष प्रार्थना की। इस अवसर पर बोहरा ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि यह पदयात्रा उनके लिए एक अविस्मरणीय अनुभव रहा है और उन्हें जनता का जो प्यार और समर्थन मिला है, वह उन्हें भविष्य में और अधिक ऊर्जा के साथ काम करने के लिए प्रेरित करेगा। उन्होंने संकल्प लिया कि वे जनता की सेवा के लिए हमेशा तत्पर रहेंगी और क्षेत्र के विकास के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेंगीभोरमदेव में हुए इस जलाभिषेक ने पदयात्रा के धार्मिक और सामाजिक दोनों पहलुओं को एक पवित्र समापन दिया, जिससे यह घटना कबीरधाम के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय बन गई।

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