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यमुना एक्सप्रेसवे बस आग: 9 की मौत पर राष्ट्रपति, PM, CM ने जताया दुख

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यमुना एक्सप्रेसवे बस आग: 9 की मौत पर राष्ट्रपति, PM, CM ने जताया दुख
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उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेसवे पर बुधवार, 23 सितंबर 2026 की देर रात एक निजी स्लीपर एसी बस में भीषण आग लगने से कम से कम 9 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। यह हृदयविदारक घटना रात करीब 12 बजे घटी, जब बस में लगभग 35 यात्री सवार थे। आग इतनी भयावह थी कि यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई, और कई लोगों ने अपनी जान बचाने के लिए खिड़कियों से कूदकर बाहर निकलने की कोशिश की। इस दुखद हादसे पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित देश के शीर्ष नेताओं ने गहरा दुख व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री ने मृतकों के परिजनों और घायलों के लिए मुआवजे की भी घोषणा की है।

भीषण आग और भयावह मंजर

यमुना एक्सप्रेसवे पर हुई यह दुर्घटना एक भयावह मंजर प्रस्तुत करती है, जहां एक चलती हुई बस अचानक आग के गोले में तब्दील हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग इतनी तेजी से फैली कि यात्रियों को संभलने का मौका भी नहीं मिला। बस के भीतर चीख-पुकार मच गई और धुएं तथा लपटों के बीच लोग जान बचाने के लिए संघर्ष करते दिखे। कई यात्री अपनी सूझबूझ और हिम्मत दिखाते हुए बस की खिड़कियों से कूदकर बाहर निकलने में कामयाब रहे, लेकिन 9 लोग आग की चपेट में आकर जिंदा जल गए। स्थानीय पुलिस और अग्निशमन दल को आग बुझाने और बचाव कार्य शुरू करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। कई घंटों के अथक प्रयास के बाद आग पर काबू पाया जा सका, लेकिन तब तक बड़ा नुकसान हो चुका था। इस घटना ने एक बार फिर लंबी दूरी की यात्रा करने वाली बसों में सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बचाव दल ने घटनास्थल से शवों को निकालने और घायलों को नजदीकी अस्पतालों में पहुंचाने का कार्य किया। घायलों में से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।

राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और शीर्ष नेताओं ने जताया दुख

इस दुखद घटना पर पूरे देश में शोक की लहर है, और देश के शीर्ष नेताओं ने अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, 'उत्तर प्रदेश में यमुना एक्सप्रेस-वे पर एक बस में आग लगने से लोगों की मृत्यु का समाचार अत्यंत पीड़ादायक है। मैं शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करती हूं। इस दुर्घटना में घायल हुए लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करती हूं।'

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए लिखा, 'ग्रेटर नोएडा, उत्तर प्रदेश में एक बस में आग लगने से हुई मौतों के बारे में सुनकर दुख हुआ। जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खो दिया है, उनके प्रति संवेदना। घायलों के जल्दी ठीक होने की प्रार्थना करता हूं।' पीएम मोदी ने इस दुखद घड़ी में प्रभावित परिवारों के लिए सहायता की घोषणा भी की। उन्होंने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से प्रत्येक मृतक के परिजनों को ₹2 लाख रुपये और इस दुर्घटना में घायल हुए लोगों को ₹50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि (एक्स-ग्रेसिया) देने का ऐलान किया है।

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रक्षा मंत्री और लखनऊ से सांसद राजनाथ सिंह ने भी इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा, 'ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेसवे पर स्लीपर बस में आग लगने से हुई यात्रियों की मृत्यु अत्यंत दुःखद एवं हृदयविदारक है। इस दर्दनाक हादसे में अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। ईश्वर उनके शोकाकुल परिजनों को यह अपार दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।'

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस भीषण दुर्घटना पर दुख व्यक्त करते हुए कहा, 'यमुना एक्सप्रेस-वे पर एक बस में दुर्भाग्यपूर्ण अग्नि दुर्घटना में हुई जनहानि अत्यंत दुःखद एवं हृदय विदारक है। मेरी संवेदनाएं शोकाकुल परिजनों के साथ हैं। प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्माओं को अपने श्री चरणों में स्थान तथा घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें।' सभी नेताओं ने इस त्रासदी पर एकजुट होकर दुख प्रकट किया, जो दिखाता है कि यह घटना कितनी गंभीर और हृदय विदारक है।

जांच और भविष्य की सुरक्षा चिंताएं

इस भीषण बस आग की घटना के बाद, स्थानीय प्रशासन ने तुरंत मामले की जांच के आदेश दिए हैं। प्रारंभिक जांच में आग लगने के कारणों का पता लगाया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, शॉर्ट सर्किट, या बस के इंजन में तकनीकी खराबी, या ईंधन रिसाव जैसे विभिन्न संभावित कारणों की जांच की जा रही है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, बस की फिटनेस, रखरखाव और सुरक्षा प्रोटोकॉल की गहन समीक्षा की जाएगी। परिवहन विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि वह सभी निजी और सार्वजनिक यात्री बसों की सुरक्षा जांच को कड़ा करे, खासकर लंबी दूरी की स्लीपर बसों की, जिनमें अक्सर यात्री क्षमता से अधिक होते हैं और आपातकालीन निकास मार्गों की अनदेखी की जाती है। इस हादसे ने देश के प्रमुख एक्सप्रेसवे पर यात्रा सुरक्षा के महत्व को एक बार फिर रेखांकित किया है। सरकार और परिवहन नियामकों पर दबाव है कि वे ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाएं, ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और ऐसी दुखद घटनाओं से बचा जा सके।

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लेखक
Dipti Das
दिप्ति दास साकार भारत की रिपोर्टर हैं। वे छत्तीसगढ़ और देश की ताज़ा खबरें, राजनीति, समाज और जनहित के विषयों पर रिपोर्ट करती हैं।

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