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राष्ट्रीय छात्रवृत्ति परीक्षा 2026-27 की तिथि बदली, अब 03 जनवरी को

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राष्ट्रीय छात्रवृत्ति परीक्षा 2026-27 की तिथि बदली, अब 03 जनवरी को
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छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल, रायपुर ने राष्ट्रीय साधन सह-प्रावीण्य छात्रवृत्ति परीक्षा 2026-27 की आयोजन तिथि में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। पहले यह परीक्षा 12 दिसंबर 2026 को होनी तय थी, लेकिन अब इसे 03 जनवरी 2027 रविवार को प्रदेश के सभी निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर आयोजित किया जाएगा। यह संशोधन केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा 12 और 13 दिसंबर 2026 को केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (CTET) के आयोजन की अधिसूचना को ध्यान में रखते हुए किया गया है, ताकि छात्रों को दोनों महत्वपूर्ण परीक्षाओं में शामिल होने में कोई असुविधा न हो। मंडल के सचिव द्वारा इस संबंध में एक संशोधित अधिसूचना जारी कर दी गई है और सभी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

संशोधित परीक्षा तिथि और कारण

छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल, रायपुर ने राष्ट्रीय साधन सह-प्रावीण्य छात्रवृत्ति परीक्षा 2026-27 की तिथि में बदलाव का निर्णय छात्रों के व्यापक हित को ध्यान में रखते हुए लिया है। पहले यह परीक्षा दिसंबर 12, 2026 को आयोजित होनी थी, लेकिन अब इसकी नई तिथि जनवरी 03, 2027 (रविवार) निर्धारित की गई है। इस परिवर्तन का मुख्य कारण केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (CTET) है, जिसे CBSE द्वारा दिसंबर 12 और 13, 2026 को आयोजित किया जाना है। चूंकि कई छात्र राष्ट्रीय साधन सह-प्रावीण्य छात्रवृत्ति और CTET दोनों परीक्षाओं में बैठने की योजना बना सकते थे, इसलिए तिथियों के टकराव से बचने और उन्हें दोनों अवसरों का लाभ उठाने देने के लिए यह कदम उठाया गया है। इस संशोधन से उन छात्रों को राहत मिलेगी जो एक ही समय पर दो महत्वपूर्ण परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे। मंडल ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा का आयोजन अब 03 जनवरी 2027 को ही होगा।

राष्ट्रीय साधन सह-प्रावीण्य छात्रवृत्ति: उद्देश्य एवं पात्रता

राष्ट्रीय साधन सह-प्रावीण्य छात्रवृत्ति योजना (National Means-cum-Merit Scholarship Scheme - NMMS) भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मेधावी छात्रों को प्रोत्साहित करना है। यह योजना विशेष रूप से कक्षा 8 के बाद स्कूली शिक्षा छोड़ने वाले छात्रों की संख्या को कम करने और उन्हें माध्यमिक तथा उच्च माध्यमिक स्तर की शिक्षा पूरी करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने पर केंद्रित है। छात्रवृत्ति के तहत चयनित छात्रों को उनकी पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रति वर्ष एक निश्चित राशि प्रदान की जाती है, जो आमतौर पर कक्षा 9 से 12 तक दी जाती है। इस छात्रवृत्ति के लिए पात्र होने के लिए, छात्रों को आमतौर पर कक्षा 8 में अध्ययनरत होना चाहिए और उनके अभिभावकों की वार्षिक आय एक निर्धारित सीमा (जैसे 1.5 लाख रुपये या 3.5 लाख रुपये, यह राज्य और समय के अनुसार भिन्न हो सकती है) से कम होनी चाहिए। साथ ही, उन्हें पिछली कक्षा में न्यूनतम निर्धारित प्रतिशत अंक प्राप्त करना भी आवश्यक होता है। यह योजना देश भर के लाखों छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच बनाने में मदद करती है, जिससे वे अपने भविष्य को उज्ज्वल बना सकें।

मंडल के निर्देश और छात्रों के लिए महत्वपूर्ण सलाह

छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल ने संशोधित परीक्षा तिथि के संबंध में प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों और संबंधित अधिकारियों को विस्तृत निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों में यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि संशोधित परीक्षा तिथि की जानकारी सभी परीक्षार्थियों तक समय पर पहुंचे। अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि 03 जनवरी 2027 को परीक्षा के सुचारु संचालन के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं, जैसे परीक्षा केंद्रों की उपलब्धता, पर्यवेक्षकों की नियुक्ति और सुरक्षा प्रोटोकॉल, पूरी कर ली जाएं। छात्रों के लिए यह महत्वपूर्ण है कि वे इस संशोधित तिथि को ध्यान में रखते हुए अपनी तैयारी की रणनीति बनाएं। उन्हें अतिरिक्त समय का सदुपयोग अपनी कमजोरियों पर काम करने और मजबूत विषयों को और बेहतर बनाने के लिए करना चाहिए। छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की आधिकारिक वेबसाइट और अपने संबंधित विद्यालयों के संपर्क में रहें ताकि प्रवेश पत्र, परीक्षा केंद्र में किसी भी बदलाव या अन्य महत्वपूर्ण घोषणाओं से अपडेट रह सकें। किसी भी प्रकार की शंका या जानकारी के लिए अपने विद्यालय के प्रधानाचार्य या जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से संपर्क करना उचित होगा।

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आगामी चुनौतियाँ और शिक्षा का महत्व

परीक्षा तिथि में बदलाव कभी-कभी छात्रों के लिए थोड़ी चुनौती पैदा कर सकता है, क्योंकि उन्हें अपनी तैयारी के कार्यक्रम को फिर से समायोजित करना पड़ता है। हालांकि, इस मामले में, यह बदलाव छात्रों के हित में है और उन्हें CTET जैसी अन्य महत्वपूर्ण परीक्षाओं में शामिल होने का अवसर प्रदान करता है। यह छात्रवृत्ति केवल आर्थिक सहायता प्रदान नहीं करती, बल्कि यह उन छात्रों के सपनों को पंख देती है जो अपनी प्रतिभा के बावजूद वित्तीय बाधाओं के कारण शिक्षा से वंचित रह सकते हैं। राष्ट्रीय साधन सह-प्रावीण्य छात्रवृत्ति जैसी योजनाएं देश के सामाजिक और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। यह सुनिश्चित करना शिक्षा अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि ऐसी महत्वपूर्ण योजनाओं की जानकारी हर पात्र छात्र तक पहुंचे, विशेषकर दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों में, जहां सूचना का अभाव हो सकता है। यह छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित करेगा और उन्हें भविष्य में देश के जिम्मेदार नागरिक बनने में मदद करेगा।

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लेखक
Dipti Das
दिप्ति दास साकार भारत की रिपोर्टर हैं। वे छत्तीसगढ़ और देश की ताज़ा खबरें, राजनीति, समाज और जनहित के विषयों पर रिपोर्ट करती हैं।

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