छत्तीसगढ़ 7 मिनट पढ़ें

छत्तीसगढ़ के चार विकासखंड टीबी मुक्त: खड़गवां में JOSH टीम लॉन्च

इस खबर की वेब स्टोरी देखें
6 व्यूज़
छत्तीसगढ़ के चार विकासखंड टीबी मुक्त: खड़गवां में JOSH टीम लॉन्च
छत्तीसगढ़

गुरुवार, 8 अक्टूबर, 2026 को छत्तीसगढ़ के सार्वजनिक स्वास्थ्य क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की गई, जब राज्य के चार विकासखंडों को टीबी (तपेदिक) मुक्त घोषित किया गया। यह घोषणा मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) जिले के खड़गवां विकासखंड में आयोजित एक राज्य स्तरीय कार्यक्रम में की गई, जहाँ स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की गरिमामयी उपस्थिति में नेशनल JOSH (ज्वाइंट स्क्वाड फॉर हेल्थ) टीम का भी शुभारंभ किया गया। इस ऐतिहासिक अवसर पर, खड़गवां के साथ-साथ सोनहत, सरगुजा जिले के बतौली और रायगढ़ जिले के घरघोड़ा विकासखंडों को टीबी मुक्त घोषित कर 'टीबी मुक्त भारत अभियान' की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया। इस पहल का उद्देश्य देश से टीबी रोग का समूल उन्मूलन करना है, जिसके लिए सामुदायिक सहभागिता और सक्रिय स्वास्थ्य सेवा वितरण को प्राथमिकता दी जा रही है।

टीबी मुक्त विकासखंडों का सम्मान और JOSH टीम का महत्व

टीबी मुक्त घोषित किए गए चार विकासखंडों ने राज्य और केंद्र सरकार के 'टीबी मुक्त भारत अभियान' के लक्ष्यों को प्राप्त करने में अनुकरणीय प्रदर्शन किया है। टीबी मुक्त होने का अर्थ है कि इन क्षेत्रों में तपेदिक के नए मामलों की संख्या राष्ट्रीय मानकों द्वारा निर्धारित एक निश्चित सीमा से काफी कम हो गई है, जो प्रभावी निगरानी, निदान और उपचार प्रोटोकॉल का परिणाम है। इन विकासखंडों में स्वास्थ्यकर्मियों, स्थानीय प्रशासन और समुदाय के अथक प्रयासों से टीबी के प्रसार को नियंत्रित किया जा सका है। इस अवसर पर, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) जिले के खड़गवां विकासखंड में नेशनल JOSH टीम का शुभारंभ एक रणनीतिक कदम है। JOSH टीम का मुख्य उद्देश्य टीबी के मरीजों की सक्रियता से पहचान करना है, विशेषकर उन दूरदराज के इलाकों में जहाँ स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच सीमित है। यह टीम घर-घर जाकर सर्वेक्षण करेगी, संभावित मरीजों की जांच करवाएगी और उन्हें उचित उपचार से जोड़ेगी। इसके अतिरिक्त, यह सामुदायिक स्तर पर टीबी के बारे में जागरूकता बढ़ाने और बीमारी से जुड़े सामाजिक कलंक को कम करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यह पहल टीबी उन्मूलन के प्रयासों को और गति प्रदान करेगी।

स्वास्थ्य मंत्री का संबोधन और अभियान की रूपरेखा

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने टीबी मुक्त घोषित हुए विकासखंडों को बधाई दी और इस उपलब्धि के लिए सभी संबंधित हितधारकों की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह सफलता राज्य सरकार की प्रतिबद्धता और स्वास्थ्य विभाग के समर्पित प्रयासों का परिणाम है। मंत्री जायसवाल ने जोर देकर कहा कि टीबी एक लाइलाज बीमारी नहीं है और सही समय पर पहचान व नियमित उपचार से इसे पूरी तरह ठीक किया जा सकता है। उन्होंने जनभागीदारी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जब तक समाज का हर वर्ग इस अभियान में सक्रिय रूप से शामिल नहीं होगा, तब तक 'टीबी मुक्त भारत' का सपना साकार नहीं हो सकता। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ाने और मरीजों को सहायता प्रदान करने में अग्रणी भूमिका निभाएं। 'राज्य स्तरीय टीबी मुक्त भारत अभियान' के तहत निःक्षय पोषण योजना जैसे कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं, जो टीबी मरीजों को पौष्टिक आहार के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करते हैं, जिससे उनके उपचार और स्वास्थ्य लाभ की प्रक्रिया में सुधार होता है।

टीबी उन्मूलन में चुनौतियाँ और आगे की राह

टीबी उन्मूलन के मार्ग में कई चुनौतियाँ हैं, जिनमें जागरूकता की कमी, दूरदराज के आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच का अभाव, और मरीजों द्वारा दवा का अधूरा कोर्स लेना प्रमुख हैं। मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इन चुनौतियों को स्वीकार करते हुए कहा कि सरकार इन बाधाओं को दूर करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि भविष्य में टीबी की जांच और उपचार सुविधाओं का और विस्तार किया जाएगा, जिसमें मोबाइल मेडिकल यूनिट्स की संख्या बढ़ाना और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को सुदृढ़ करना शामिल है। जागरूकता अभियानों को अधिक प्रभावी बनाने के लिए स्थानीय भाषाओं और पारंपरिक माध्यमों का उपयोग किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, निजी चिकित्सकों और अस्पतालों को भी टीबी उन्मूलन कार्यक्रम से जोड़ने पर जोर दिया जाएगा, ताकि सभी मरीजों को गुणवत्तापूर्ण उपचार मिल सके। सरकार का लक्ष्य है कि अन्य विकासखंडों को भी जल्द से जल्द टीबी मुक्त किया जाए और 2025 तक देश को टीबी मुक्त बनाने के राष्ट्रीय लक्ष्य की प्राप्ति में छत्तीसगढ़ एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाए। यह व्यापक रणनीति सहयोग और समन्वय पर आधारित है, जिसमें स्वास्थ्य विभाग, स्थानीय प्रशासन, गैर-सरकारी संगठन और समुदाय सभी एक साथ मिलकर काम करेंगे।

उत्पाद लोड हो रहे हैं…

टैग्स

और पढ़ें

लेखक
Dipti Das
दिप्ति दास साकार भारत की रिपोर्टर हैं। वे छत्तीसगढ़ और देश की ताज़ा खबरें, राजनीति, समाज और जनहित के विषयों पर रिपोर्ट करती हैं।

आपकी प्रतिक्रिया