मधुपुर में हेल्पेज और IEX ने लगाया मुफ्त स्वास्थ्य शिविर, 750 को लाभ
इस खबर की वेब स्टोरी देखें
हाल ही में, झारखंड के मधुपुर गांव में हेल्पेज इंडिया और इंडियन एनर्जी एक्सचेंज (IEX) के संयुक्त तत्वावधान में एक विशाल मुफ्त स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। इस पहल का उद्देश्य 750 से अधिक स्थानीय ग्रामीणों, विशेषकर बुजुर्गों और वंचित तबके के लोगों को प्राथमिक स्वास्थ्य जांच, विशेषज्ञ परामर्श और आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराना था। यह आयोजन ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच में सुधार लाने और समुदाय के स्वास्थ्य स्तर को ऊपर उठाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह शिविर पिछले सप्ताह के अंत में, रविवार को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक मधुपुर के सामुदायिक भवन में आयोजित किया गया था, जिसमें स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग का भी सहयोग रहा।
स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तृत कवरेज
इस स्वास्थ्य शिविर में विभिन्न चिकित्सा विशेषज्ञ जैसे सामान्य चिकित्सक, नेत्र रोग विशेषज्ञ, दंत चिकित्सक और स्त्री रोग विशेषज्ञ उपस्थित थे। शिविर में आने वाले मरीजों की रक्तचाप, मधुमेह, हीमोग्लोबिन स्तर, आंखों की जांच और सामान्य शारीरिक जांच सहित कई मूलभूत जांचें की गईं। हेल्पेज इंडिया की टीम ने स्वास्थ्य शिक्षा और जागरूकता सत्र भी आयोजित किए, जिसमें व्यक्तिगत स्वच्छता, पोषण और विभिन्न बीमारियों की रोकथाम के तरीकों पर जानकारी दी गई। विशेष रूप से, ग्रामीण क्षेत्रों में आम बीमारियां जैसे जोड़ों का दर्द, श्वसन संबंधी समस्याएं, त्वचा रोग, रक्त की कमी और पाचन संबंधी विकार पर विशेष ध्यान दिया गया। लगभग 750 लोगों ने इस शिविर का लाभ उठाया, जिनमें 300 से अधिक बुजुर्ग और 250 महिलाएं शामिल थीं। गंभीर मामलों को आगे के उपचार के लिए निकटवर्ती सरकारी अस्पतालों में रेफर किया गया, जिसके लिए हेल्पेज इंडिया ने फॉलो-अप सहायता का आश्वासन दिया। यह सुनिश्चित किया गया कि कोई भी लाभार्थी बिना चिकित्सा सलाह या आवश्यक दवा के वापस न जाए, और सभी को उनकी जरूरतों के अनुसार उचित देखभाल मिले।
सामाजिक उत्तरदायित्व और सामुदायिक कल्याण
यह शिविर हेल्पेज इंडिया और इंडियन एनर्जी एक्सचेंज (IEX) के बीच सहयोग का परिणाम था। हेल्पेज इंडिया, जो कि भारत में बुजुर्गों के कल्याण के लिए समर्पित एक प्रमुख गैर-लाभकारी संगठन है, ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य पहुंच में सुधार के लिए लगातार काम कर रहा है। इंडियन एनर्जी एक्सचेंज (IEX), जो भारत का प्रमुख ऊर्जा बाजार है, अपने कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) पहल के तहत इस परियोजना में शामिल हुआ। IEX का मानना है कि स्वस्थ समुदाय ही एक मजबूत राष्ट्र की नींव होते हैं, और इसलिए वे स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण विकास जैसे क्षेत्रों में निवेश करते हैं। इस साझेदारी के माध्यम से, दोनों संगठनों ने मधुपुर गांव के निवासियों को उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा देखभाल प्रदान करने में सफलता प्राप्त की, जो अन्यथा उनके लिए दुर्गम होती। हेल्पेज इंडिया के क्षेत्रीय प्रबंधक, श्री आलोक कुमार ने बताया कि ऐसी पहलें दूरदराज के क्षेत्रों में स्वास्थ्य संबंधी असमानताओं को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं और यह सहयोग एक मिसाल कायम करता है। उन्होंने भविष्य में भी ऐसे ही सार्थक सहयोग की उम्मीद जताई।
ग्रामीणों के लिए आशा की किरण और सतत प्रयास
शिविर में आए ग्रामीणों ने इस पहल की दिल खोलकर सराहना की। मधुपुर की 72 वर्षीय वृद्धा, श्रीमती शांति देवी ने बताया, "मुझे कई महीनों से आंखों में परेशानी थी, लेकिन पैसे की कमी और अस्पताल की दूरी के कारण मैं डॉक्टर के पास नहीं जा पा रही थी। आज यहां मेरी जांच हुई और मुफ्त दवाएं भी मिलीं। यह हमारे लिए भगवान का आशीर्वाद है।” एक अन्य लाभार्थी, श्री रामेश्वर सिंह, जो पेशे से किसान हैं, ने कहा, "इस कैंप से हमें न केवल मुफ्त इलाज मिला, बल्कि स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी बढ़ी है। हमें उम्मीद है कि ऐसे शिविर भविष्य में भी लगते रहेंगे, क्योंकि यहां प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की सुविधा काफी सीमित है और हमें अक्सर छोटे-मोटे इलाज के लिए भी शहर जाना पड़ता है।” हेल्पेज इंडिया और इंडियन एनर्जी एक्सचेंज के प्रतिनिधियों ने बताया कि यह शिविर उनकी व्यापक सीएसआर रणनीति का हिस्सा है और वे भविष्य में भी इसी तरह के कार्यक्रमों का आयोजन करने की योजना बना रहे हैं। उनका लक्ष्य देश के विभिन्न हिस्सों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच का विस्तार करना है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां चिकित्सा सुविधाएं सीमित हैं और स्वास्थ्य कर्मियों की कमी है। यह पहल सार्वजनिक-निजी भागीदारी के महत्व को भी रेखांकित करती है, जो सामाजिक कल्याण के लक्ष्यों को प्राप्त करने में सहायक हो सकती है और दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकती है। इस तरह के आयोजन ग्रामीण समुदायों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए एक मजबूत मॉडल प्रस्तुत करते हैं और सरकार तथा गैर-सरकारी संगठनों के बीच समन्वय की आवश्यकता पर बल देते हैं।
और पढ़ें
- देश न्यूज़
- ताज़ा खबरें
- वंदे भारत स्लीपर: मुंबई-बेंगलुरु, दिल्ली-वाराणसी रूट पर नई सेवाएँ
- यमुना में क्रूज सफारी का ट्रायल रन शुरू, बदलेगा दिल्ली का नजारा
- मुरादाबाद में विश्व शांति व खुशहाली हेतु महायज्ञ संपन्न: आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार
- 'दृश्यम 3': बॉलीवुड की दूसरी सबसे प्रॉफिटेबल थ्रीक्वल, 250 करोड़ का मुनाफा