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नेतन्याहू ने पीएम मोदी को इज़राइल स्वतंत्रता मशाल जलाने का न्योता दिया

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नेतन्याहू ने पीएम मोदी को इज़राइल स्वतंत्रता मशाल जलाने का न्योता दिया
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इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हाल ही में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इज़राइल के आगामी स्वतंत्रता दिवस समारोह में एक मशाल प्रज्वलित करने के लिए आमंत्रित किया है। यह निमंत्रण गुरुवार, 22 अक्टूबर, 2026 को नेतन्याहू द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के माध्यम से सार्वजनिक किया गया, जिसमें उन्होंने इस ऐतिहासिक क्षण में भारतीय पायलट स्मित मच्छर के साथ मोदी के शामिल होने की बात कही। प्रधानमंत्री मोदी ने इस निमंत्रण के लिए नेतन्याहू का आभार व्यक्त किया और दोनों देशों के बीच "जमीन और हवा में" आतंकवाद के खिलाफ चल रही साझा लड़ाई पर जोर दिया। उन्होंने भारत और इज़राइल के बीच दशकों पुराने मजबूत संबंधों की भी सराहना की, जो रणनीतिक साझेदारी के एक नए युग की शुरुआत का संकेत देता है।

ऐतिहासिक संबंधों का नया अध्याय

भारत और इज़राइल के संबंध पिछले कुछ वर्षों में एक रणनीतिक साझेदारी में विकसित हुए हैं, जिसमें रक्षा, कृषि, प्रौद्योगिकी और जल प्रबंधन जैसे विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग शामिल है। प्रधानमंत्री नेतन्याहू द्वारा प्रधानमंत्री मोदी को इज़राइल के स्वतंत्रता दिवस पर मशाल जलाने का यह निमंत्रण दोनों देशों के बीच बढ़ते विश्वास और सम्मान का प्रतीक है। यह पहली बार है जब किसी भारतीय नेता को इस तरह के प्रतिष्ठित इज़राइली राष्ट्रीय समारोह में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है, जो द्विपक्षीय संबंधों में एक अभूतपूर्व मील का पत्थर है। यह निमंत्रण केवल एक औपचारिक जेस्चर नहीं है, बल्कि यह इस बात का भी प्रमाण है कि इज़राइल भारत को एक महत्वपूर्ण वैश्विक भागीदार के रूप में देखता है। दोनों देशों ने 1992 में पूर्ण राजनयिक संबंध स्थापित किए थे, और तब से, उनके संबंध लगातार मजबूत हुए हैं, जिसमें उच्च-स्तरीय यात्राओं और विभिन्न समझौतों के माध्यम से महत्वपूर्ण प्रगति देखी गई है। यह निमंत्रण इन संबंधों को और गहरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

आतंकवाद के विरुद्ध साझा संघर्ष

प्रधानमंत्री मोदी की टिप्पणी कि "जमीन और हवा में, भारत और इज़राइल आतंकवाद से एक साथ लड़ रहे हैं," दोनों देशों के सामने मौजूद साझा सुरक्षा चुनौतियों और उनके संयुक्त प्रयासों को रेखांकित करती है। दोनों राष्ट्र लंबे समय से आतंकवाद के शिकार रहे हैं और उन्होंने इस वैश्विक खतरे से निपटने के लिए खुफिया जानकारी साझा करने, रक्षा प्रौद्योगिकी सहयोग और संयुक्त सैन्य अभ्यास सहित कई मोर्चों पर सहयोग किया है। इज़राइल अपनी उन्नत रक्षा प्रणालियों और आतंकवाद विरोधी विशेषज्ञता के लिए जाना जाता है, जबकि भारत भी सीमा पार आतंकवाद का सामना कर रहा है। ऐसे में, यह साझा दृष्टिकोण दोनों देशों को अपनी सुरक्षा क्षमताओं को मजबूत करने और क्षेत्रीय तथा वैश्विक स्थिरता में योगदान करने में मदद करता है। हाल ही में, दोनों देशों ने साइबर सुरक्षा और सीमा सुरक्षा में सहयोग बढ़ाने के लिए कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं, जो आतंकवाद के खिलाफ उनकी एकजुटता को और मजबूत करते हैं। यह साझा लड़ाई न केवल सैन्य सहयोग तक सीमित है, बल्कि इसमें विचारों का आदान-प्रदान और रणनीतिक योजना भी शामिल है ताकि आतंकवाद के मूल कारणों को संबोधित किया जा सके।

स्वतंत्रता दिवस मशाल का प्रतीकात्मक महत्व

इज़राइल में स्वतंत्रता दिवस (यॉम हा'अत्ज़माउत) समारोह का एक महत्वपूर्ण हिस्सा मशाल प्रज्वलन समारोह है, जिसमें उन 12 व्यक्तियों को सम्मानित किया जाता है जिन्होंने इज़राइली समाज और राष्ट्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। प्रधानमंत्री मोदी और भारतीय पायलट स्मित मच्छर को इस समारोह में शामिल होने के लिए आमंत्रित करना अत्यंत प्रतीकात्मक है। यह न केवल भारत के नेताओं और उसके लोगों के प्रति इज़राइल के सम्मान को दर्शाता है, बल्कि यह भी स्वीकार करता है कि भारत एक वैश्विक शक्ति के रूप में उभरा है। भारतीय पायलट स्मित मच्छर की भागीदारी विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह भारत के सैन्य कौशल और रक्षा क्षेत्र में दोनों देशों के गहरे सहयोग को उजागर करती है। यह जेस्चर दोनों देशों के बीच लोगों से लोगों के संबंधों को भी मजबूत करता है, जो कूटनीति से परे जाकर आम नागरिकों को जोड़ता है। यह मशाल प्रज्वलन समारोह इज़राइल के संघर्ष और उसकी स्वतंत्रता की कहानी का प्रतीक है, और इसमें एक विदेशी नेता को शामिल करना अंतर्राष्ट्रीय एकजुटता का एक शक्तिशाली संदेश देता है।

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भविष्य की साझेदारी की दिशा

यह निमंत्रण भारत-इज़राइल संबंधों के भविष्य के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोलता है। यह संकेत देता है कि दोनों देश न केवल साझा चुनौतियों का सामना करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, बल्कि वे एक दूसरे की राष्ट्रीय पहचान और महत्वपूर्ण अवसरों का सम्मान करते हुए अपनी साझेदारी को एक नए स्तर पर ले जाना चाहते हैं। आने वाले समय में, यह उम्मीद की जा सकती है कि दोनों देश रक्षा सौदों, कृषि नवाचार, जल संरक्षण प्रौद्योगिकियों और स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र में सहयोग को और बढ़ाएंगे। प्रधानमंत्री मोदी का इस समारोह में शामिल होना द्विपक्षीय संबंधों को एक अद्वितीय राजनयिक बढ़ावा देगा और वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती भूमिका को भी रेखांकित करेगा। यह जेस्चर क्षेत्रीय स्थिरता और समृद्धि के लिए दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है, जिससे भविष्य में और अधिक सहयोग और समन्वय की उम्मीद है।

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लेखक
Dipti Das
दिप्ति दास साकार भारत की रिपोर्टर हैं। वे छत्तीसगढ़ और देश की ताज़ा खबरें, राजनीति, समाज और जनहित के विषयों पर रिपोर्ट करती हैं।

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