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यमुना सफाई का महत्वाकांक्षी 2029 लक्ष्य: अमित शाह ने बताई रणनीति

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यमुना सफाई का महत्वाकांक्षी 2029 लक्ष्य: अमित शाह ने बताई रणनीति
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हाल ही में मंगलवार को दिल्ली में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में 2029 तक यमुना नदी को पूरी तरह से साफ करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया। यह घोषणा ‘किशाऊ मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट’ समझौते पर हस्ताक्षर के दौरान की गई, जिसमें उन्होंने यमुना के पर्यावरणीय प्रवाह की ऐतिहासिक उपेक्षा को स्वीकार करते हुए इसे सुधारने की दिशा में 25 प्रतिशत अतिरिक्त जल उपलब्धता का आश्वासन दिया। इस महत्वपूर्ण बैठक में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली और हरियाणा के मुख्यमंत्री भी उपस्थित थे, जो इस राष्ट्रीय महत्व की परियोजना के लिए अंतर-राज्यीय सहयोग को दर्शाता है। शाह ने इस बात पर जोर दिया कि यमुना को स्वच्छ और अविरल बनाना केवल एक लक्ष्य नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय प्रतिबद्धता है जिसके लिए सभी संबंधित राज्य मिलकर काम करेंगे।

किशाऊ परियोजना: यमुना पुनर्जीवन की आधारशिला

अमित शाह ने स्पष्ट किया कि यमुना के जल बंटवारे की पुरानी नीतियों में एक बड़ी खामी रही है। उनके अनुसार, यमुना के ‘एनवायरनमेंटल फ्लो’ यानी नदी के पारिस्थितिकीय संतुलन को बनाए रखने के लिए आवश्यक न्यूनतम जल प्रवाह का कोई हिसाब नहीं लगाया गया था। उन्होंने बताया कि नदी का पूरा पानी राज्यों के बीच बांट दिया गया, जिससे यमुना का प्राकृतिक स्वरूप बिगड़ गया और वह एक प्रदूषित नाले में तब्दील हो गई। यह एक गंभीर चूक थी जिसकी कीमत नदी और उसके किनारे रहने वाले लाखों लोगों को चुकानी पड़ी। किशाऊ मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट समझौते से अब 25 प्रतिशत अतिरिक्त पानी उपलब्ध होगा, जो न केवल दिल्ली जैसे घनी आबादी वाले शहरों की जल आवश्यकताओं को पूरा करेगा बल्कि यमुना के पुनर्जीवन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि यह परियोजना पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को भी बल देगी और नदी के पारिस्थितिकी तंत्र को बहाल करने में मदद करेगी।

अंतर-राज्यीय सहयोग और नेतृत्व की भूमिका

इस महत्वपूर्ण बैठक में देश के कई प्रमुख राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल हुए, जिनमें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी प्रमुख थे। यह उच्चस्तरीय भागीदारी इस बात का स्पष्ट संकेत है कि यमुना सफाई अभियान एक सामूहिक प्रयास है जिसमें सभी हितधारक राज्य मिलकर काम करने को प्रतिबद्ध हैं। अमित शाह ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में यमुना की सफाई के लिए किए जा रहे प्रयासों की विशेष रूप से सराहना की, जिससे इस लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में एक नई गति मिली है। उन्होंने कहा कि ऐसे बड़े लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए राज्यों के बीच समन्वय और केंद्र का समर्थन अत्यंत आवश्यक है।

2029 का लक्ष्य और भविष्य की विस्तृत रणनीति

केंद्रीय गृह मंत्री ने 2029 तक यमुना को स्वच्छ बनाने के लक्ष्य को एक दृढ़ संकल्प के साथ प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि यह केवल एक घोषणा नहीं, बल्कि एक विस्तृत कार्ययोजना का हिस्सा है जिसमें तकनीकी समाधान, अंतर-राज्यीय समन्वय और सार्वजनिक भागीदारी को प्राथमिकता दी जाएगी। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सीवेज उपचार संयंत्रों (STPs) की क्षमता बढ़ाने, औद्योगिक अपशिष्टों के शोधन और नदी के किनारों पर अतिक्रमण हटाने जैसे कई मोर्चों पर एक साथ काम किया जाएगा। किशाऊ परियोजना से मिलने वाला अतिरिक्त पानी यमुना के पारिस्थितिकीय स्वास्थ्य को बहाल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, जिससे नदी में पर्याप्त जल प्रवाह सुनिश्चित हो सकेगा और प्रदूषण का स्तर कम होगा। शाह ने यह भी बताया कि प्रौद्योगिकी का उपयोग कर वास्तविक समय में प्रदूषण के स्तर की निगरानी की जाएगी और जवाबदेही तय की जाएगी।

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पर्यावरणीय प्रवाह का महत्व और स्थायी समाधान

अमित शाह ने पर्यावरणीय प्रवाह के महत्व पर जोर देते हुए बताया कि नदी का जीवित रहना उसके स्वयं के पारिस्थितिकी तंत्र के लिए आवश्यक है। उन्होंने स्वीकार किया कि दशकों से इस पहलू की अनदेखी की गई, जिसके कारण यमुना का जल स्तर लगातार गिरा और प्रदूषण बढ़ा, जिससे यह जीवनदायिनी नदी धीरे-धीरे एक प्रदूषित जलधारा में बदल गई। किशाऊ परियोजना के माध्यम से इस ऐतिहासिक गलती को सुधारा जा रहा है, जिससे यमुना को उसका खोया हुआ गौरव वापस मिल सकेगा। यह न केवल दिल्ली और आसपास के राज्यों के लिए स्वच्छ पानी सुनिश्चित करेगा बल्कि नदी के जैव-विविधता और समग्र पारिस्थितिकी तंत्र को भी पुनर्जीवित करेगा। उन्होंने कहा कि यह एक स्थायी समाधान है जो भविष्य की पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ और स्वस्थ यमुना सुनिश्चित करेगा।

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लेखक
Dipti Das
दिप्ति दास साकार भारत की रिपोर्टर हैं। वे छत्तीसगढ़ और देश की ताज़ा खबरें, राजनीति, समाज और जनहित के विषयों पर रिपोर्ट करती हैं।

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