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पुंछ में दुर्घटनावश गोली चलने से सैन्यकर्मी घायल, अस्पताल में भर्ती

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पुंछ में दुर्घटनावश गोली चलने से सैन्यकर्मी घायल, अस्पताल में भर्ती
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जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले के मेंढर इलाके के बोलनोई सेक्टर में बुधवार रात (3 जून, 2026) को एक सैन्यकर्मी अपनी ड्यूटी पर तैनात था। इस दौरान उसकी सर्विस राइफल से दुर्घटनावश गोली चल गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना की सूचना मिलते ही सेना के अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई की और घायल जवान को प्राथमिक उपचार के बाद तत्काल अस्पताल पहुंचाया। उसे फिलहाल इलाज के लिए राजौरी के एक विशेष सैन्य अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है और वह खतरे से बाहर है। यह घटना उस समय हुई जब जवान नियंत्रण रेखा के समीप सीमावर्ती क्षेत्र में अपनी नियमित गश्त पर था। सेना ने मामले की उच्चस्तरीय जाँच शुरू कर दी है ताकि घटना के सटीक कारणों का पता लगाया जा सके और भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोका जा सके।

घटना का विस्तृत विवरण

अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना बुधवार रात को मेंढर के बोलनोई सेक्टर में घटी। घायल सैन्यकर्मी एक महत्वपूर्ण सीमावर्ती चौकी पर अपनी ड्यूटी निभा रहा था जब उसकी सर्विस राइफल से अचानक गोली चल गई। सुरक्षा प्रोटोकॉल और सख्त प्रशिक्षण के बावजूद, ऐसी दुर्घटनाएं कभी-कभी हो जाती हैं, जो ड्यूटी पर तैनात जवानों के लिए जोखिम को दर्शाती हैं। घटना के तुरंत बाद, आसपास मौजूद अन्य जवानों ने घायल सैनिक को देखा और इसकी सूचना अपने वरिष्ठ अधिकारियों को दी। तत्काल चिकित्सा सहायता टीम मौके पर पहुंची और प्राथमिक उपचार प्रदान किया।

यह क्षेत्र पाकिस्तान से सटी नियंत्रण रेखा (एलओसी) के करीब है, जहाँ सु...

यह क्षेत्र पाकिस्तान से सटी नियंत्रण रेखा (एलओसी) के करीब है, जहाँ सुरक्षा बल 24 घंटे हाई अलर्ट पर रहते हैं। पुंछ जिला अपनी दुर्गम भौगोलिक स्थिति और अक्सर होने वाली घुसपैठ की कोशिशों के कारण हमेशा संवेदनशील रहा है। ऐसे माहौल में, जवानों को अत्यधिक सतर्कता बरतनी पड़ती है, और उनकी सर्विस राइफलें हर समय लोड रहती हैं। यह घटना इस बात की याद दिलाती है कि हमारे सैनिक कितने जोखिम भरे माहौल में काम करते हैं, जहाँ एक छोटी सी चूक भी गंभीर परिणाम दे सकती है। सेना के सूत्रों ने बताया कि शुरुआती जाँच से पता चला है कि यह एक विशुद्ध रूप से आकस्मिक घटना थी, जिसमें किसी बाहरी हस्तक्षेप या शत्रुतापूर्ण गतिविधि का कोई संकेत नहीं मिला है। विस्तृत जाँच जारी है।

तत्काल राहत और उपचार

घायल सैन्यकर्मी को तत्काल राहत और उपचार प्रदान करने में सेना के अधिकारियों ने कोई देरी नहीं की। घटना के बाद, उसे तुरंत क्षेत्र से निकाला गया और राजौरी के सैन्य अस्पताल में ले जाया गया। अस्पताल पहुंचने पर, डॉक्टरों की एक टीम ने तुरंत उसका इलाज शुरू कर दिया। चिकित्सा कर्मियों ने पुष्टि की है कि जवान की हालत स्थिर है और उसकी चोटों का उचित इलाज किया जा रहा है। उम्मीद है कि वह जल्द ही पूरी तरह से ठीक हो जाएगा। सेना ने घायल जवान के परिवार को भी घटना के बारे में सूचित कर दिया है, और उन्हें हर संभव भावनात्मक और वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है।

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सेना हमेशा अपने जवानों के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है

सेना हमेशा अपने जवानों के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। इस तरह की दुर्घटनाओं के बाद, घायल जवानों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधाएँ प्रदान की जाती हैं। राजौरी का सैन्य अस्पताल इस क्षेत्र में सबसे उन्नत चिकित्सा सुविधाओं में से एक है, जो गंभीर चोटों का इलाज करने में सक्षम है। डॉक्टरों ने बताया कि गोली लगने से हुई चोट गंभीर नहीं है और समय रहते विशेषज्ञ उपचार मिलने से उसकी जान बच गई। जवान के ठीक होने तक उसे गहन निगरानी में रखा जाएगा और आवश्यकतानुसार मानसिक परामर्श भी दिया जाएगा।

सुरक्षा प्रोटोकॉल और आंतरिक जाँच

इस तरह की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए, सेना ने मामले की आंतरिक जाँच शुरू कर दी है। जाँच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि सर्विस राइफल से दुर्घटनावश गोली क्यों चली और क्या इसमें किसी सुरक्षा प्रोटोकॉल का उल्लंघन हुआ था। सेना के अधिकारी *घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर रहे हैं और संबंधित सैन्यकर्मी के सहयोगियों

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