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लुधियाना: जनगणना ड्यूटी पर सख्ती, पेड़ों की भी गणना शुरू

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लुधियाना: जनगणना ड्यूटी पर सख्ती, पेड़ों की भी गणना शुरू
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लुधियाना नगर निगम ने शहर में दो महत्वपूर्ण गणना प्रक्रियाओं को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। एक ओर जहाँ जनगणना ड्यूटी में लगे कर्मचारियों पर अभूतपूर्व सख्ती बरती जा रही है, वहीं दूसरी ओर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के निर्देशों के अनुपालन में महानगर में पेड़ों की गणना भी शुरू कर दी गई है। मानव जनगणना को 13 जून तक हर हाल में पूरा करने के लक्ष्य के मद्देनजर, ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों को अब छुट्टी के दिनों में भी स्टेशन छोड़ने की अनुमति नहीं होगी, जिससे अनुपस्थित रहने वालों पर पुलिस कार्रवाई और वेतन रोकने जैसे कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। यह कदम जनगणना के आंकड़ों की सटीकता और समय पर संग्रह सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है, जबकि पेड़ों की गणना अवैध कटाई पर अंकुश लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

जनगणना ड्यूटी पर कड़ा रुख

लुधियाना नगर निगम द्वारा जनगणना ड्यूटी में लगे कर्मचारियों के प्रति बढ़ती सख्ती अब नए स्तर पर पहुँच गई है। उन कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है जो अपनी ड्यूटी से लगातार गैरहाजिर चल रहे थे। ऐसे मामलों में प्रशासन ने न केवल पुलिस केस दर्ज करवाने की चेतावनी दी है, बल्कि उनके वेतन को रोकने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है, ताकि जनगणना के महत्वपूर्ण कार्य में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त न की जा सके।

नवीनतम आदेशों के अनुसार, जनगणना ड्यूटी में लगे किसी भी कर्मचारी को छुट्टी वाले दिन भी स्टेशन लीव नहीं मिलेगी। इस संबंध में जारी आदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि जनगणना का काम 13 जून तक हर हाल में पूरा किया जाना है, जिसके लिए सभी कर्मचारियों की निरंतर उपस्थिति अनिवार्य है। यह फरमान उन सभी मुलाजिमों पर लागू होगा जिनकी छुट्टियाँ उनके विभाग द्वारा पहले से मंजूर की गई थीं या जिन्होंने विदेश यात्रा के लिए आवेदन किया हुआ है। अब ऐसे कर्मचारियों को भी स्टेशन छोड़ने से पहले संबंधित अधिकारी से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) लेना अनिवार्य होगा। इस सर्कुलर की प्रतियाँ डीसी, डीईओ और उन सभी विभागों के प्रमुखों को भेजी गई हैं जिनके कर्मचारी जनगणना ड्यूटी में तैनात हैं, ताकि निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जा सके।

लक्ष्य की पूर्ति हेतु अभूतपूर्व सख्ती

नगर निगम का यह कदम जनगणना जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्य को समय पर और त्रुटिरहित ढंग से संपन्न कराने की उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। 13 जून की अंतिम तिथि को ध्यान में रखते हुए, प्रशासन किसी भी ढिलाई को रोकने के लिए सख्त से सख्त उपाय अपना रहा है। यह पहली बार है जब जनगणना ड्यूटी को लेकर इतनी कड़ाई बरती जा रही है, जो सरकार की डेटा संग्रह की गुणवत्ता और गति को लेकर कोई समझौता न करने की मंशा को दर्शाता है। जनगणना के आंकड़े देश की नीतियों और विकास योजनाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं, और इनकी सटीकता ही भविष्य के निर्णयों का आधार बनती है।

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इस सख्ती का उद्देश्य केवल अनुपस्थिति को रोकना नहीं है, बल्कि सभी कर्मचारियों को उनकी जिम्मेदारियों के प्रति अधिक गंभीर बनाना भी है। अनापत्ति प्रमाण पत्र की अनिवार्यता यह सुनिश्चित करेगी कि कोई भी कर्मचारी बिना उचित कारण और पूर्व अनुमति के शहर से बाहर न जाए, जिससे कार्यबल की निरंतर उपलब्धता बनी रहे। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि जनगणना कार्य में लगे सभी विभागों के प्रमुख अपने कर्मचारियों की उपस्थिति और प्रदर्शन पर कड़ी नजर रखें ताकि निर्धारित समय-सीमा के भीतर लक्ष्य को सफलतापूर्वक प्राप्त किया जा सके।

महानगर में पेड़ों की गणना का शुभारंभ

मानव जनगणना की सख्ती के साथ ही, लुधियाना महानगर में एक और महत्वपूर्ण गणना प्रक्रिया का भी शुभारंभ हो गया है – पेड़ों की जनगणना। यह पहल नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) द्वारा जारी किए गए विशेष निर्देशों को लागू करने के लिए अपनाई गई है। शहर में आए दिन सामने आ रहे पेड़ों की अवैध कटाई के मामलों को लेकर एनजीटी में एक महत्वपूर्ण केस चल रहा है। इस मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए, एनजीटी ने पहले पेड़ों की सटीक गिनती करवाने की हिदायत दी थी।

नगर निगम ने इस महत्वपूर्ण कार्य को एक निजी कंपनी को सौंपा है, जिसने अब पेड़ों की गणना का काम शुरू कर दिया है। इस प्रक्रिया के तहत, बागवानी शाखा ने पंजाब ट्री प्रोटेक्शन एक्ट के तहत सार्वजनिक नोटिस जारी कर दिया हैपेड़ों की यह गणना न केवल शहर के हरित आवरण का सटीक मानचित्रण करेगी, बल्कि भविष्य में शहरी नियोजन और पर्यावरण संरक्षण नीतियों के लिए एक महत्वपूर्ण डेटाबेस भी प्रदान करेगी। यह कदम लुधियाना के पर्यावरणीय संतुलन को बनाए रखने और अवैध कटाई पर प्रभावी ढंग से अंकुश लगाने की दिशा में एक दूरगामी प्रयास है।

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