अश्विन का सीएसके पर कड़ा प्रहार: 'यह धोनी की टीम नहीं'
पूर्व भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने आईपीएल 2026 अभियान में चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) के बेहद निराशाजनक प्रदर्शन के बाद टीम को एक कड़ा संदेश दिया है। 21 मई को अहमदाबाद में गुजरात टाइटंस के हाथों 89 रन की करारी हार के साथ सीएसके का सीज़न समाप्त होने के बाद, अश्विन ने टीम की कमजोरियों को उजागर करते हुए यह स्पष्ट कर दिया कि फ्रेंचाइजी अब एमएस धोनी के नेतृत्व वाले युग में सफलता दिलाने वाले पुराने तरीकों पर निर्भर नहीं रह सकती। इस सीज़न में छह जीत और आठ हार के साथ 12 अंकों पर समाप्त करने वाली टीम को लेकर, अश्विन ने आगामी वर्षों के लिए टीम निर्माण, संतुलन और समग्र गुणवत्ता में पूर्ण बदलाव की आवश्यकता पर बल दिया है।
रणनीति में बदलाव की आवश्यकता
अपने यूट्यूब चैनल पर बोलते हुए, अश्विन ने स्पष्ट रूप से कहा कि चेन्नई सुपर किंग्स को अब गुणवत्तापूर्ण क्रिकेटरों में निवेश करना होगा। उन्होंने जोर देकर कहा, "ईमानदारी से, मैं यह खुले तौर पर कहूंगा, सीएसके को गुणवत्ता में निवेश करना होगा। उन्हें गुणवत्तापूर्ण क्रिकेटरों में निवेश करना होगा। मेरा मतलब है, एक गुणवत्तापूर्ण टीम बनाएं। अनुभव के साथ। गेंदबाजी अनुभव के साथ। तेज गेंदबाजों में विविधता। स्पिनरों में विविधता। एक टीम को अच्छे तरीके से बनाना होगा।" दिग्गज ऑफ स्पिनर ने इस बात पर जोर दिया कि जहां युवा खिलाड़ी उत्साह और ऊर्जा लाते हैं, वहीं एक लंबे और चुनौतीपूर्ण आईपीएल सीज़न में अनुभव भी उतना ही महत्वपूर्ण होता है। उनका मानना है कि आदर्श संयोजन युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का मिश्रण है। अश्विन ने सीधे शब्दों में कहा, "युवा प्रतिभा, युवाओं का जोश, जैसा कि रवि (शास्त्री) भाई कहते हैं, यह उत्साहित करता है। लेकिन उसके साथ, अगर आपकी टीम में अनुभव है, तो यह एक घातक संयोजन है। यह धोनी की चेन्नई सुपर किंग्स नहीं है। बिल्कुल नहीं। वह समय बदल गया है। और आपको ध्यान रखना होगा कि सफलता मिलेगी। लेकिन यह धीरे-धीरे आएगी।"
चेपॉक की परिस्थितियों के अनुकूल टीम की कमी
अश्विन ने इस बात पर भी चिंता व्यक्त की कि क्या सीएसके ने ऐसी टीम तैयार की थी जो उनके घरेलू मैदान, चेपॉक की परिस्थितियों के अनुकूल हो, एक ऐसा स्थान जो कभी उनकी सबसे बड़ी ताकत माना जाता था। उन्होंने बताया कि चेन्नई में बल्लेबाजी के लिए लगातार बड़े शॉट लगाने के बजाय धैर्य और अनुकूलनशीलता की आवश्यकता होती है। अश्विन ने स्वीकार किया, "शिवम दुबे की बल्लेबाजी चेन्नई के लिए बहुत सकारात्मक थी। लेकिन मेरा एक अवलोकन है। मुझे लगता है कि जो टीम अपने घरेलू खेल, चेपॉक में खेलने के लिए चुनी गई है, मुझे लगता है कि यह उनके अनुकूल नहीं है।" उनका मानना है कि वर्तमान टीम का संयोजन चेपॉक की धीमी और टर्निंग पिचों पर अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पा रहा है, जहां बल्लेबाजों को पारी बनाने और विकेट पर टिकने की कला आनी चाहिए।
ऐतिहासिक बल्लेबाजों से तुलना और अट्रीशनल बल्लेबाजी
सीएसके के पिछले कुछ वर्षों के सबसे सफल बल्लेबाजों को याद करते हुए, अश्विन ने समझाया कि चेन्नई की पिचों पर अक्सर अधिक 'अट्रीशनल' (संघर्षपूर्ण) दृष्टिकोण की आवश्यकता क्यों होती है। उन्होंने कहा, "जब भी मैं बद्रीनाथ, सुरेश रैना, अंबाती रायडू, शेन वॉटसन, माइकल हसी जैसे खिलाड़ियों के बारे में सोचता हूं, तो मुझे लगता है कि चेपॉक की परिस्थितियों में बल्लेबाजी के लिए आपको थोड़ा अट्रीशनल बल्लेबाजी करनी पड़ती है। आपको ऐसी विकेट नहीं मिलती जहां आप सीधे बल्ले से शॉट लगा सकें।" अश्विन ने स्पष्ट किया कि इन बल्लेबाजों ने परिस्थितियों को समझा और उसके अनुसार अपनी बल्लेबाजी को ढाला, जिससे टीम को लगातार सफलता मिली। वर्तमान टीम में ऐसे खिलाड़ियों की कमी दिखती है जो धीमी गति से रन बनाने और विकेट बचाने की रणनीति को प्रभावी ढंग से लागू कर सकें। तेज-तर्रार बल्लेबाजी पर अत्यधिक निर्भरता ने टीम को उन पिचों पर कमजोर कर दिया जहां धैर्य और तकनीक की आवश्यकता होती है। अश्विन की ये टिप्पणियां सीएसके टीम प्रबंधन के लिए भविष्य की नीलामी और टीम चयन में महत्वपूर्ण निर्णयों की ओर इशारा करती हैं, ताकि वे अपनी खोई हुई पहचान वापस पा सकें।