पुणे की NIBE ने 300 किमी रेंज की सूर्यस्त्र रॉकेट का सफल परीक्षण किया
भारतीय रक्षा क्षमताओं को एक बड़ा बढ़ावा देते हुए, पुणे स्थित NIBE लिमिटेड नामक भारतीय कंपनी ने हाल ही में ओडिशा के चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण रेंज (ITR) से अपनी उन्नत "सूर्यस्त्र" रॉकेट प्रणाली का सफल परीक्षण किया है। 18 और 19 मई को लगातार किए गए इन परीक्षणों में 150 किमी रेंज वाली EXTRA और 300 किमी रेंज वाली Predator Hawk रॉकेट शामिल थीं। कंपनी के अनुसार, सभी मिशन उद्देश्यों को असाधारण सटीकता के साथ पूरा किया गया, जिससे भारत की स्वदेशी रक्षा प्रौद्योगिकी में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर स्थापित हुआ है। यह उपलब्धि भारतीय सेना को लंबी दूरी के लक्ष्यों को सटीकता से निशाना बनाने की एक नई क्षमता प्रदान करेगी और 'आत्मनिर्भर भारत' पहल को मजबूत करेगी।
परीक्षण की सफलता और असाधारण सटीकता
NIBE लिमिटेड द्वारा जारी एक बयान में बताया गया कि 18 और 19 मई को किए गए लगातार परीक्षणों में सूर्यस्त्र रॉकेटों ने मिशन के सभी उद्देश्यों को सफलतापूर्वक प्राप्त किया। अधिकारियों के अनुसार, परीक्षणों के दौरान दोनों रॉकेटों ने बेहद सटीक लक्ष्य भेदन किया, जिसमें मिसाइल सटीकता का एक मानक माप, सर्कुलर एरर प्रोबेबल (CEP), EXTRA रॉकेट के लिए मात्र 1.5 मीटर और Predator Hawk के लिए 2 मीटर रहा। यह सटीकता 300 किमी तक की दूरी पर 2 मीटर से कम के CEP को प्राप्त करना सूर्यस्त्र को विश्व स्तर पर सबसे सटीक लंबी दूरी की रॉकेट आर्टिलरी प्रणालियों में से एक बनाती है। यह भारतीय सेना को न्यूनतम संपार्श्विक क्षति के साथ उच्च मूल्य वाले लक्ष्यों को निष्प्रभावी करने में सक्षम बनाती है।
इस असाधारण सटीकता का अर्थ है कि भारतीय सेना युद्ध के मैदान में एक निर्णायक लाभ प्राप्त कर सकती है, जिससे उसे सटीक और प्रभावी हमले करने में मदद मिलती है। परीक्षणों ने सूर्यस्त्र की लंबी दूरी की सटीक मारक क्षमता को पूरी तरह से मान्य कर दिया है, जो इसे पारंपरिक तोपखाने और भारी बैलिस्टिक मिसाइलों के बीच एक महत्वपूर्ण अंतर को पाटने वाली प्रणाली बनाती है। यह उपलब्धि न केवल भारत की सैन्य शक्ति को बढ़ाती है, बल्कि वैश्विक रक्षा बाजार में स्वदेशी प्रौद्योगिकियों की प्रतिस्पर्धात्मकता को भी दर्शाती है। NIBE लिमिटेड ने इस सफल परीक्षण के माध्यम से अपनी इंजीनियरिंग कौशल और नवाचार क्षमता का प्रदर्शन किया है।
सूर्यस्त्र: भारत की पहली स्वदेशी, सार्वभौमिक प्रणाली
सूर्यस्त्र भारत की पहली स्वदेशी, सार्वभौमिक मल्टी-कैलिबर रॉकेट लॉन्चर प्रणाली है, जिसे शत्रु लक्ष्यों के खिलाफ सटीक सतह से सतह पर गहरे हमले करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह पारंपरिक फील्ड आर्टिलरी और भारी बैलिस्टिक मिसाइलों के बीच की खाई को पाटता है, सशस्त्र बलों को एक अत्यधिक लचीली, तीव्र-प्रतिक्रिया वाली और लागत प्रभावी सटीक हथियार प्रणाली प्रदान करता है। इसकी सार्वभौमिकता इसे विभिन्न प्रकार के रॉकेटों को बिना किसी हार्डवेयर परिवर्तन के लॉन्च करने की अनुमति देती है, जो मॉड्यूलर लॉन्चर प्लेटफॉर्म का उपयोग करती है। यह सुविधा सेना को विभिन्न सामरिक आवश्यकताओं के अनुसार अपनी मारक क्षमता को अनुकूलित करने में सक्षम बनाती है, जिससे परिचालन लचीलापन बढ़ता है।
यह प्रणाली एक ऑल-टेरेन टैक्टिकल ट्रक चेसिस पर निर्मित है, जिसमें "शूट-एंड-स्कूट" क्षमताएं हैं। यह विशेषता प्रणाली को एक साथ कई रॉकेट दागने और जवाबी बैटरी फायर से बचने के लिए तुरंत अपना स्थान बदलने में सक्षम बनाती है। यह युद्ध के मैदान में प्रणाली की उत्तरजीविता को बढ़ाता है और दुश्मन को प्रतिक्रिया करने का कम समय देता है। NIBE लिमिटेड का यह नवाचार भारतीय सेना की परिचालन क्षमताओं को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाएगा और बाहरी निर्भरता को कम करेगा। इस प्रणाली का विकास भारतीय रक्षा अनुसंधान और विकास संगठनों तथा निजी उद्योगों के बीच बढ़ते सहयोग का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।
सेना का बढ़ता विश्वास और आत्मनिर्भर भारत को बल
इस वर्ष जनवरी में, NIBE लिमिटेड को भारतीय सेना से सूर्यस्त्र सार्वभौमिक रॉकेट लॉन्चर और रॉकेट की आपूर्ति के लिए आपातकालीन खरीद के तहत एक खरीद आदेश प्राप्त हुआ था। यह खरीद आदेश उन्नत हथियार प्रणालियों के विकास में निजी भारतीय फर्मों में सेना के बढ़ते विश्वास को दर्शाता है। यह सरकार की 'आत्मनिर्भर भारत' पहल को भी एक बड़ा बढ़ावा देता है, जिसका उद्देश्य देश को रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाना है। यह दर्शाता है कि भारत अब केवल हथियार आयात करने वाला देश नहीं, बल्कि अत्याधुनिक रक्षा प्रणालियों का निर्माता भी बन रहा है।
भारतीय निजी क्षेत्र द्वारा ऐसी परिष्कृत रक्षा प्रौद्योगिकियों का विकास देश की औद्योगिक और तकनीकी क्षमताओं का प्रमाण है। यह न केवल भारत की रक्षा जरूरतों को पूरा करता है, बल्कि निर्यात के अवसरों को भी खोल सकता है, जिससे भारत एक वैश्विक रक्षा निर्माता के रूप में उभरेगा। NIBE लिमिटेड की यह सफलता भारत के रक्षा पारिस्थितिकी तंत्र में निजी क्षेत्र की बढ़ती भूमिका का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जो भविष्य में और अधिक नवाचारों का मार्ग प्रशस्त करती है। यह उपलब्धि देश की सुरक्षा और संप्रभुता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो भारत को एक मजबूत और आत्मनिर्भर राष्ट्र के रूप में स्थापित करती है।