सरगुजा में भारी बारिश से नदी-नाले उफने, गाज गिरने से मौत, यलो अलर्ट जारी
उत्तरी छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले और आसपास के क्षेत्रों में पिछले 24 घंटों से जारी मूसलाधार मानसूनी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। लगातार तेज वर्षा के कारण क्षेत्र की प्रमुख नदियाँ और नाले उफान पर आ गए हैं, जिससे कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। इस दौरान, अंबिकापुर के पास गाज गिरने से एक व्यक्ति की दुखद मौत हो गई है, जिसने क्षेत्र में चिंता बढ़ा दी है। मौसम विभाग ने आज भी सरगुजा और इसके पड़ोसी जिलों के लिए 'यलो अलर्ट' जारी किया है, जिसमें भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है, जिससे स्थानीय प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
सरगुजा में मूसलाधार बारिश का कहर
सरगुजा संभाग में मानसून की सक्रियता ने पिछले कुछ दिनों से जोरदार दस्तक दी है, लेकिन बीते 24 घंटों में हुई बारिश ने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। अंबिकापुर शहर में ही सुबह से शाम तक 150 मिलीमीटर से अधिक बारिश दर्ज की गई है, जबकि मैनपाट और सीतापुर जैसे पहाड़ी और ग्रामीण अंचलों में यह आंकड़ा और भी अधिक हो सकता है। तेज बारिश के कारण अंबिकापुर से गुजरने वाली रेहर नदी और बैंकट नाला अपने खतरे के निशान से ऊपर बह रहे हैं। शहर के कई प्रमुख चौक-चौराहों पर पानी भर गया है, जिससे यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। गांधी चौक, घड़ी चौक और प्रतीक्षा बस स्टैंड के आसपास की सड़कों पर एक से डेढ़ फुट तक पानी जमा हो गया, जिसके चलते राहगीरों और वाहन चालकों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। निचले रिहायशी इलाकों जैसे गंगापुर और नवापारा में घरों में पानी घुसने की खबरें भी सामने आई हैं, जिससे लोगों को अपने सामान को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने के लिए मजबूर होना पड़ा। ग्रामीण क्षेत्रों में भी स्थिति गंभीर है, जहाँ कई छोटे पुल-पुलिया पानी में डूब गए हैं, जिससे गाँव से संपर्क टूट गया है।
जनजीवन प्रभावित, प्रशासन अलर्ट
मूसलाधार बारिश ने सिर्फ जलभराव ही नहीं किया है, बल्कि पूरे सरगुजा संभाग के जनजीवन को भी बुरी तरह प्रभावित किया है। स्कूलों और कॉलेजों में छात्रों की उपस्थिति कम रही, वहीं कई व्यावसायिक प्रतिष्ठान भी आधे दिन तक बंद रहे। दैनिक मजदूरों और छोटे व्यापारियों को काम न मिल पाने के कारण आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा। बिजली आपूर्ति भी कई इलाकों में बाधित रही, जिससे लोगों की मुश्किलें और बढ़ गईं। जिला प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सभी संबंधित विभागों को अलर्ट पर रखा है। कलेक्टर गौरव द्विवेदी ने आपात बैठक बुलाई और अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे लगातार जलस्तर की निगरानी करें और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहें। बाढ़ संभावित क्षेत्रों में टीमों को तैनात किया गया है और लोगों को नदी-नालों से दूर रहने की सख्त हिदायत दी गई है। आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं ताकि प्रभावित लोग सहायता प्राप्त कर सकें। पड़ोसी जिले जैसे जशपुर, बलरामपुर, कोरिया और सूरजपुर में भी इसी तरह की बारिश और जलभराव की खबरें हैं, जिसके चलते इन जिलों में भी प्रशासन सतर्क है।
गाज गिरने से मौत और मौसम विभाग की चेतावनी
बारिश के साथ-साथ बिजली गिरने की घटनाएँ भी सामने आ रही हैं, जो जानलेवा साबित हो रही हैं। अंबिकापुर के पास बिलासपुर रोड पर स्थित परसा गाँव में खेत में काम कर रहे रामलाल साहू (उम्र 45 वर्ष) की गाज गिरने से मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना दोपहर करीब 2 बजे हुई, जब तेज बारिश के साथ बिजली कड़क रही थी। परिवार और गाँव में शोक का माहौल है। स्थानीय पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मौसम विभाग ने बताया है कि बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र और सक्रिय मानसून ट्रफ के कारण उत्तरी छत्तीसगढ़ में भारी बारिश हो रही है। मौसम वैज्ञानिकों ने अगले 24 घंटों के लिए सरगुजा, जशपुर, बलरामपुर, कोरिया और सूरजपुर जिलों में 'यलो अलर्ट' जारी किया है, जिसमें कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश (यानी 65 से 115 मिलीमीटर तक) की संभावना जताई गई है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे खराब मौसम के दौरान घरों में रहें, पेड़ों के नीचे या खुले स्थानों पर आश्रय न लें और बिजली के खंभों से दूर रहें। पहाड़ी क्षेत्रों, विशेषकर मैनपाट में भूस्खलन का खतरा भी बढ़ गया है, जिसके लिए स्थानीय प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है।