महतारी अँगना में महिला कांग्रेस का सावन उत्सव: सांसद फूलो देवी नेताम संग मना हरेली-तीज
महतारी अँगना में महिला कांग्रेस द्वारा हाल ही में एक भव्य सावन उत्सव और हरेली-तीज का आयोजन किया गया, जिसने पूरे परिसर को उत्सव के रंगों से सराबोर कर दिया। इस गरिमामयी आयोजन में राज्यसभा सांसद फूलो देवी नेताम की उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा और बढ़ा दी। महिला कांग्रेस की पदाधिकारी, सक्रिय सदस्य, स्थानीय महिलाएँ, युवतियाँ और बच्चियाँ बड़ी संख्या में उपस्थित रहीं, जिन्होंने छत्तीसगढ़ की समृद्ध पारंपरिक रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भरपूर आनंद लिया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सावन के पावन माह में छत्तीसगढ़ के महत्वपूर्ण पारंपरिक त्योहार हरेली-तीज को धूमधाम से मनाना, नारी शक्ति को एकजुट करना और राज्य की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित व प्रोत्साहित करना था। यह आयोजन महिलाओं को एक मंच प्रदान करने और उनके बीच आपसी सौहार्द व भाईचारे की भावना को मजबूत करने का भी एक सफल प्रयास रहा, जहाँ सभी ने एक साथ मिलकर खुशियों का उत्सव मनाया।
पारंपरिक रंगों में रंगी नारी शक्ति
महतारी अँगना का परिसर सावन के हरे और तीज के लाल रंगों से सजा हुआ था, जिसने एक मनमोहक वातावरण का सृजन किया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी महिलाएँ रंग-बिरंगी पारंपरिक वेशभूषा, विशेषकर सुंदर साड़ियाँ और पारंपरिक गहने पहने हुए थीं, जो छत्तीसगढ़ी संस्कृति की झलक प्रस्तुत कर रहा था। महिलाओं ने सावन के लोकगीतों पर मनमोहक लोकनृत्य प्रस्तुत किए, जिनकी ताल पर पूरा परिसर झूम उठा। मेहंदी लगाने के स्टॉल पर युवतियों और महिलाओं की लंबी कतारें देखी गईं, जहाँ वे अपने हाथों पर सुंदर डिज़ाइन बनवा रही थीं। चूड़ियाँ खरीदने और पहनने के लिए भी विशेष स्टॉल लगाए गए थे, जहाँ महिलाओं ने अपनी पसंद की चूड़ियाँ खरीदीं। बच्चों और युवतियों ने झूलों का आनंद लिया, जिससे वातावरण में खुशी और उल्लास का संचार हो रहा था। यह उत्सव न केवल मनोरंजन का एक बेहतरीन माध्यम बना, बल्कि इसने महिलाओं को अपनी प्रतिभा और रचनात्मकता प्रदर्शित करने का एक मूल्यवान अवसर भी प्रदान किया। इस दौरान पारंपरिक गीतों और नृत्यों ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया, जिससे उपस्थित सभी लोग छत्तीसगढ़ की मिट्टी की सुगंध से सराबोर हो गए।
सांसद फूलो देवी नेताम का प्रेरणादायक संदेश
राज्यसभा सांसद फूलो देवी नेताम ने कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति से सभी का उत्साह बढ़ाया। महिला कांग्रेस की सदस्यों और स्थानीय महिलाओं ने उनका गर्मजोशी से अभिनंदन किया। अपने संबोधन में सांसद नेताम ने महिलाओं के महत्व और समाज में उनकी भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा, "ऐसे आयोजन हमारी समृद्ध संस्कृति और परंपराओं को जीवंत रखते हैं और नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़े रखने में सहायक होते हैं। महिलाएँ समाज की आधारशिला हैं और उन्हें आत्मनिर्भर बनकर हर क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। एकजुट होकर ही हम समाज और देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।" उन्होंने उपस्थित सभी महिलाओं और बच्चियों को हरेली-तीज की शुभकामनाएँ दीं और उनसे अपनी संस्कृति व परंपराओं को सहेजने का आह्वान किया। नेताम ने उपस्थित महिलाओं के साथ आत्मीय बातचीत की और उनके साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं, जिससे वहाँ मौजूद सभी लोगों का मनोबल बढ़ा। उनकी सादगी और कार्यक्रम में उनकी सक्रिय सहभागिता ने उपस्थित सभी लोगों का दिल जीत लिया और उन्हें प्रेरणा दी।
छत्तीसगढ़ी संस्कृति का अनूठा संगम और स्वादिष्ट व्यंजन
यह सावन उत्सव और हरेली-तीज का आयोजन छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति का एक अनूठा संगम था। हरेली-तीज छत्तीसगढ़ का एक महत्वपूर्ण कृषि पर्व है, जो प्रकृति के प्रति प्रेम और आभार व्यक्त करता है। कार्यक्रम में पारंपरिक छत्तीसगढ़ी व्यंजनों, जैसे फरा, चीला, ठेठरी, खुरमी आदि के विशेष स्टॉल लगाए गए थे, जहाँ उपस्थित लोगों ने इन स्वादिष्ट व्यंजनों का भरपूर स्वाद लिया। इन व्यंजनों ने उत्सव के माहौल को और भी खुशनुमा बना दिया। इस तरह के आयोजन छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति और पारंपरिक खान-पान को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जिससे हमारी युवा पीढ़ी भी अपनी संस्कृति से परिचित होती है। महतारी अँगना जैसे सामुदायिक केंद्रों की भूमिका ऐसे सांस्कृतिक आयोजनों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि वे समाज को एक साथ लाने का मंच प्रदान करते हैं। यह आयोजन केवल एक उत्सव नहीं था, बल्कि छत्तीसगढ़ की गौरवशाली परंपराओं और समृद्ध विरासत का एक जीवंत प्रदर्शन था, जिसने सभी को अपनी संस्कृति पर गर्व महसूस कराया।
सामाजिक समरसता और भविष्य की प्रेरणा
इस भव्य आयोजन ने सामाजिक समरसता और एकजुटता का एक सशक्त संदेश दिया। विभिन्न पृष्ठभूमि की महिलाओं ने एक साथ मिलकर त्योहार मनाया, जिससे उनके बीच आपसी सहयोग और सौहार्द की भावना मजबूत हुई। यह कार्यक्रम महिला कांग्रेस की इस प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है कि वे केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक मोर्चे पर भी सक्रिय रूप से संलग्न हैं। ऐसे आयोजनों की निरंतरता अत्यंत आवश्यक है, ताकि हमारी परंपराएं जीवित रहें और महिलाएँ सशक्त व आत्मविश्वासी महसूस करें। यह उत्सव एक यादगार अनुभव रहा, जिसने सभी के दिलों में खुशियों के रंग भर दिए और उन्हें भविष्य में ऐसे और आयोजनों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया। यह कार्यक्रम दर्शाता है कि कैसे सांस्कृतिक उत्सवों के माध्यम से समुदाय को एकजुट किया जा सकता है और सामाजिक मूल्यों को बढ़ावा दिया जा सकता है।
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