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भिलाई में “मातृ वंदन प्रेरणा महोत्सव–2026” का भव्य आयोजन, माताओं के सम्मान और शिक्षा के संदेश से गूंजा समाज भवन

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भिलाई में “मातृ वंदन प्रेरणा महोत्सव–2026” का भव्य आयोजन, माताओं के सम्मान और शिक्षा के संदेश से गूंजा समाज भवन
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भिलाई, 17 मई 2026। श्री नीलकंठेश्वर चैतन्य सेवा समिति, भिलाई द्वारा समाज भवन स्थित श्री बालकनाथ मंदिर, खुर्सीपार में आयोजित “मातृ वंदन प्रेरणा महोत्सव–2026” भावनात्मक, सांस्कृतिक और प्रेरणादायक माहौल के बीच संपन्न हुआ। इस आयोजन ने मातृत्व सम्मान, संस्कार, शिक्षा और सामाजिक एकता का ऐसा संदेश दिया, जिसने उपस्थित लोगों को भावुक करने के साथ-साथ प्रेरित भी किया।

कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि इसमें माताओं को केंद्र में रखकर आयोजन किया गया। समाज के बच्चों ने अपनी माताओं के प्रति प्रेम, सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करते हुए उन्हें अपने हाथों से उपहार भेंट किए। यह दृश्य उपस्थित लोगों के लिए अत्यंत भावुक और यादगार बन गया। बच्चों और माताओं के बीच स्नेह और सम्मान का यह अद्भुत क्षण पूरे आयोजन का आकर्षण रहा।

कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और भारत माता वंदन के साथ हुई। इसके बाद समाज की वरिष्ठ माताओं का सम्मान किया गया। इस सम्मान समारोह का उद्देश्य समाज में मातृत्व के महत्व को रेखांकित करना और नई पीढ़ी को संस्कारों से जोड़ना रहा। आयोजन के दौरान बार-बार यह संदेश उभरकर सामने आया कि माँ केवल परिवार की धुरी नहीं बल्कि समाज और राष्ट्र निर्माण की आधारशिला भी होती है।

मुख्य अतिथि श्रीमती बी. पोलम्मा ने अपने प्रेरणादायक संबोधन में कहा कि “माँ ही समाज की सबसे बड़ी शक्ति है, जो अपने संस्कारों और शिक्षा के माध्यम से आने वाली पीढ़ियों का निर्माण करती है। एक शिक्षित और सशक्त माँ ही मजबूत समाज और राष्ट्र की नींव रखती है।”

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उन्होंने महिला सशक्तिकरण, शिक्षा और सामाजिक सहभागिता के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि आज के समय में माताओं की भूमिका केवल परिवार तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि वे समाज को दिशा देने का कार्य भी कर रही हैं।

कार्यक्रम का एक विशेष और प्रेरणादायक क्षण उस समय देखने को मिला जब के. देवाशीष, जिन्हें NIT रायपुर के इन्फॉर्मेशन एंड टेक्नोलॉजी शाखा में प्रवेश प्राप्त हुआ है, को सम्मानित किया गया। उन्हें मुख्य अतिथि श्रीमती बी. पोलम्मा द्वारा मोमेंटो प्रदान कर सम्मानित किया गया।

के. देवाशीष, जो के. जयप्रकाश और माता के. मोहनी के पुत्र हैं, की इस उपलब्धि को समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बताया गया। समिति ने कहा कि ऐसे विद्यार्थियों का सम्मान अन्य बच्चों को शिक्षा के प्रति प्रेरित करने और उत्कृष्टता की दिशा में आगे बढ़ाने के उद्देश्य से किया जाता है।

आयोजन में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने भी सभी का मन मोह लिया। संगीत प्रस्तुतियों के माध्यम से कार्यक्रम को भावनात्मक और सांस्कृतिक रंग मिला। श्रीमती बी. मीना, श्रीमती एम. पदमा तथा मास्टर्स एम. दिनेश ने अपनी मधुर गायन प्रस्तुतियों से उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनकी प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में सांस्कृतिक ऊर्जा और आत्मीयता का वातावरण निर्मित किया।

समिति के पदाधिकारियों ने क्या बताया

समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि “मातृ वंदन प्रेरणा महोत्सव–2026” का मुख्य उद्देश्य समाज में माताओं के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करना, संस्कारों को बढ़ावा देना, शिक्षा के महत्व को स्थापित करना तथा सामाजिक एकता को सुदृढ़ करना है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को जोड़ने और सकारात्मक संदेश देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने एक स्वर में कहा — “माँ का सम्मान ही समाज का उत्थान है।” यह संदेश पूरे आयोजन की मूल भावना बनकर सामने आया।

इस सफल आयोजन को संपन्न कराने में समिति के सभी पदाधिकारियों, सदस्यों और सहयोगकर्ताओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा। कार्यक्रम के सफल संचालन और व्यवस्थाओं की सभी ने सराहना की।

जारीकर्ता एवं समिति के महासचिव के. जयप्रकाश ने सभी अतिथियों, माताओं, बच्चों और सहयोगकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भविष्य में भी समाजहित और संस्कार आधारित कार्यक्रमों का आयोजन जारी रहेगा।

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