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शनिवार को करें ये अचूक उपाय, शनिदेव की कृपा से दूर होंगे कष्ट | Raipur News Today

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शनिवार को करें ये अचूक उपाय, शनिदेव की कृपा से दूर होंगे कष्ट | Raipur News Today
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आज की रायपुर खबर के अनुसार... हिंदू धर्म में शनिवार का दिन न्याय के देवता भगवान शनिदेव को समर्पित माना जाता है। मान्यता है कि शनिदेव व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार फल प्रदान करते हैं। यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में शनि की अशुभ स्थिति हो या शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या या अन्य प्रभाव चल रहा हो, तो जीवन में आर्थिक, मानसिक और पारिवारिक चुनौतियां बढ़ सकती हैं। वास्तु गुरु राणा सिकंदर के अनुसार शनिवार के दिन कुछ विशेष उपाय करने से शनिदेव की कृपा प्राप्त हो सकती है और नकारात्मक प्रभावों में कमी आ सकती है।

राणा सिकंदर बताते हैं कि शनिवार को प्रातः स्नान के बाद शनिदेव के मंदिर में जाकर सरसों के तेल का दीपक जलाना शुभ माना जाता है। यदि मंदिर जाना संभव न हो तो घर के पूजा स्थल में शनिदेव का ध्यान कर तेल का दीपक जलाया जा सकता है।

उनके अनुसार पीपल के वृक्ष की पूजा भी अत्यंत फलदायी मानी जाती है। शनिवार की शाम पीपल के वृक्ष के नीचे तिल के तेल का दीपक जलाकर सात बार परिक्रमा करने से शनि दोष शांत होने की मान्यता है।

ये उपाय भी माने जाते हैं लाभकारी

  • शनिवार को काले तिल, उड़द की दाल, लोहे की वस्तु, काला वस्त्र या सरसों का तेल जरूरतमंद व्यक्ति को दान करें।
  • हनुमान चालीसा का पाठ करें, क्योंकि पौराणिक मान्यता के अनुसार हनुमान जी की उपासना से शनि के कष्ट कम होते हैं।
  • कौओं और काले कुत्तों को भोजन कराना भी शुभ माना जाता है।
  • अनावश्यक विवाद, क्रोध, छल और अन्याय से बचें, क्योंकि शनिदेव कर्म और न्याय के प्रतीक माने जाते हैं।

वास्तु गुरु राणा सिकंदर का कहना है कि केवल उपाय करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि सत्य, ईमानदारी, अनुशासन और परिश्रम का पालन करना भी आवश्यक है। शनिदेव ऐसे लोगों पर विशेष कृपा करते हैं जो अपने कर्मों में निष्ठावान होते हैं और दूसरों के साथ न्यायपूर्ण व्यवहार करते हैं।

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जो लोग लंबे समय से आर्थिक बाधाओं, कार्यों में रुकावट, मानसिक तनाव या बार-बार असफलता का सामना कर रहे हैं, वे शनिवार के दिन श्रद्धा और नियमपूर्वक इन उपायों को अपनाकर सकारात्मक परिवर्तन का अनुभव कर सकते हैं।

नोट: धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताएं व्यक्तिगत आस्था पर आधारित होती हैं। किसी भी उपाय को अपनाने से पहले अपनी श्रद्धा और परिस्थितियों के अनुसार निर्णय लें।

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