विश्व आदिवासी दिवस: पारंपरिक शिल्प और आभूषणों की धूम, मोरपंख की विशेष मांग
विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर, देशभर में विभिन्न स्थानों पर आदिवासी संस्कृति और परंपराओं का जश्न मनाने के लिए विशेष आयोजन हुए। इस महत्वपूर्ण दिन पर, आदिवासी समुदायों द्वारा अपनी समृद्ध विरासत को प्रदर्शित करने के लिए पारंपरिक वस्तुओं की दुकानें और स्टॉल लगाए गए, जहाँ आभूषण, पोशाक, हस्तशिल्प, और कलाकृतियाँ प्रमुखता से बेची जा रही थीं। इन दुकानों पर खासकर मुर्गा मोर पंख आभूषणों व पारंपरिक सजावटी सामानों की मांग बढ़ी। यह आयोजन न केवल आदिवासियों की अद्वितीय कला और शिल्प कौशल को बढ़ावा देता है, बल्कि सांस्कृतिक पहचान व आर्थिक सशक्तिकरण का मंच है।
आदिवासी संस्कृति का जीवंत प्रदर्शन
विश्व आदिवासी दिवस प्रतिवर्ष 9 अगस्त को मनाया जाता है, जो परंपराओं, भाषाओं व सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण पर जोर देता है। इस वर्ष भी, देशभर में, खासकर जनजातीय क्षेत्रों व बड़े शहरों में सांस्कृतिक मेलों का आयोजन किया गया। इन मेलों में सजी दुकानें कला दीर्घा
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