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जशपुर के रानीसती तालाब का करोड़ों से होगा जीर्णोद्धार

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जशपुर के रानीसती तालाब का करोड़ों से होगा जीर्णोद्धार
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छत्तीसगढ़ के जशपुर शहर के हृदय स्थल में स्थित ऐतिहासिक रानीसती उद्यान तालाब और पार्क का करोड़ों रुपये की लागत से जीर्णोद्धार किया जाएगा। राज्य सरकार ने इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए 4.17 करोड़ रुपये की तकनीकी स्वीकृति प्रदान कर दी है, जिसके बाद नगर पालिका परिषद ने निर्माण कार्य के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश और उपमुख्यमंत्री अरुण साव की सक्रिय स्वीकृति के उपरांत यह पहल की जा रही है। शहरवासियों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करते हुए, छठ पूजा संपन्न होने के ठीक बाद तालाब के जीर्णोद्धार का कार्य शुरू करने की तैयारी है, जिससे इस धार्मिक और सामाजिक महत्व के स्थल को नया जीवन मिलेगा।

दशकों पुरानी पहचान को नया जीवन

जशपुर में सती उद्यान तालाब को स्थानीय लोग 'डोंगा तालाब' के नाम से भी जानते हैं, जो शहर की पहचान का एक अभिन्न अंग रहा है। धार्मिक और सामाजिक आयोजनों का केंद्र होने के बावजूद, पिछले कई दशकों से इसकी समुचित साफ-सफाई और रखरखाव नहीं हो पाया था। इस उपेक्षा के कारण तालाब में जलीय खरपतवारों का अत्यधिक फैलाव हो गया था, जिससे इसकी जलधारण क्षमता गंभीर रूप से प्रभावित हुई थी और इसका प्राकृतिक सौंदर्य भी बिगड़ गया था। तालाब की सतह पर फैली जलकुंभी और गाद ने इसके ऐतिहासिक स्वरूप को पूरी तरह से ढक दिया था, जिससे यह एक उपेक्षित जल निकाय जैसा प्रतीत हो रहा था। शहर के नागरिकों द्वारा लगातार इस तालाब के जीर्णोद्धार की मांग की जा रही थी, जिसे देखते हुए नगर पालिका परिषद ने एक विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर राज्य सरकार को भेजा था। यह जीर्णोद्धार न केवल तालाब की पारिस्थितिकी को सुधारेगा, बल्कि शहर के सौंदर्य और पर्यावरण संतुलन में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा।

विस्तृत कार्ययोजना और लागत

रानीसती तालाब के जीर्णोद्धार की प्रक्रिया कई चरणों में पूरी की जाएगी। नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद भगत के अनुसार, इस परियोजना के लिए प्रस्ताव तैयार करने से पहले सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी की गईं। विशेष रूप से, यह तालाब राज परिवार की निजी संपत्ति के अधीन आता था, जिसके चलते विकास कार्यों के लिए राज्य महिला आयोग की सदस्य प्रियांवदा सिंह जूदेव ने नगर पालिका परिषद को अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी किया। इस महत्वपूर्ण चरण के बाद ही पालिका ने शासन को प्रस्ताव भेजा, जिसे 4.17 करोड़ रुपये की तकनीकी स्वीकृति मिली। स्वीकृति मिलने के तुरंत बाद, नगर पालिका ने निर्माण कार्य के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिससे परियोजना को जल्द से जल्द धरातल पर उतारा जा सके। यह वित्तीय स्वीकृति और प्रशासनिक अनुमोदन इस बात का प्रमाण है कि राज्य सरकार जशपुर के शहरी विकास और पर्यावरण संरक्षण के प्रति गंभीर है।

तालाब और पार्क का कायाकल्प

जीर्णोद्धार परियोजना के तहत तालाब और उससे लगे पार्क दोनों का व्यापक स्तर पर सौंदर्यीकरण किया जाएगा। तालाब के कायाकल्प के लिए सबसे पहले इसका पानी पूरी तरह से खाली किया जाएगा। इसके बाद इसमें जमा जलीय खरपतवारों और गाद की गहन सफाई की जाएगी। सफाई के उपरांत तालाब का गहरीकरण किया जाएगा, जिससे इसकी जलधारण क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और यह भविष्य में सूखे जैसी स्थितियों का सामना करने में अधिक सक्षम होगा। भविष्य में जलीय खरपतवारों के अत्यधिक फैलाव को रोकने के लिए आवश्यक उपचार और प्रबंधन की व्यवस्था भी प्रस्तावित है। तालाब के साथ ही पार्क के सौंदर्यीकरण पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। पार्क परिसर में हाईमास्ट लाइट के साथ-साथ सोलर स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएंगी, जो ऊर्जा दक्षता और सुरक्षा दोनों सुनिश्चित करेंगी। इसके अतिरिक्त, रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम और वाटर फिल्टर की व्यवस्था भी प्रस्तावित है, जो जल संरक्षण और स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता में सहायक होगी।

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स्थानीय निवासियों के लिए नई उम्मीद

रानीसती तालाब और पार्क का यह जीर्णोद्धार जशपुर के निवासियों के लिए एक नई उम्मीद लेकर आया है। दशकों से उपेक्षित रहा यह स्थल अब एक आधुनिक और सुंदर मनोरंजक केंद्र के रूप में विकसित होगा। यह परियोजना न केवल एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में उभरेगी, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए एक स्वच्छ और शांत वातावरण भी प्रदान करेगी। तालाब का गहरीकरण और जल शुद्धिकरण भूजल स्तर को बढ़ाने में मदद करेगा, जबकि पार्क का सौंदर्यीकरण नागरिकों को सुबह की सैर, शाम की चहलकदमी और सामाजिक समारोहों के लिए एक आदर्श स्थान प्रदान करेगा। नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद भगत ने बताया कि छठ पूजा संपन्न होने के बाद काम शुरू कर दिया जाएगा, और उम्मीद है कि कुछ ही समय में जशपुर को उसकी एक खोई हुई पहचान वापस मिल जाएगी, जो शहर के गौरव को बढ़ाएगी और निवासियों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाएगी।

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लेखक
Dipti Das
दिप्ति दास साकार भारत की रिपोर्टर हैं। वे छत्तीसगढ़ और देश की ताज़ा खबरें, राजनीति, समाज और जनहित के विषयों पर रिपोर्ट करती हैं।

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