छत्तीसगढ़: बालोद में भीषण सड़क हादसा, धुमाल पार्टी के 6 सदस्यों की मौत,मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गहरा दुख व्यक्त किया
इस खबर की वेब स्टोरी देखें
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में शुक्रवार, 25 सितंबर, 2026 को दोपहर बाद एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे प्रदेश को स्तब्ध कर दिया। पुरूर थाना क्षेत्र से होकर गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 30 पर स्थित मरकाटोला घाट के पास, अनाज से भरे एक तेज रफ्तार ट्रक ने एक धुमाल पार्टी के वाहन को रौंद दिया। यह हादसा उस वक्त हुआ जब कवर्धा से जगदलपुर धुमाल बजाने जा रहे कलाकारों की गाड़ी खराब हो गई थी और वे उसे सुधारने का प्रयास कर रहे थे। इस दर्दनाक घटना में मौके पर ही दो युवकों ने दम तोड़ दिया, जबकि चार अन्य ने धमतरी में इलाज के दौरान दम तोड़ा, जिससे मृतकों की संख्या बढ़कर छह हो गई। हादसे में ग्यारह अन्य लोग भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका उपचार जारी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस हृदय विदारक घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए घायलों के समुचित इलाज के निर्देश दिए हैं।
हादसे का भयावह मंजर और पीड़ितों की पहचान
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना राष्ट्रीय राजमार्ग 30 पर मरकाटोला घाट के पास घटी, जो राजधानी रायपुर को सीधे बस्तर से जोड़ता है। कवर्धा के रहने वाले ये सभी मृतक और घायल जगदलपुर में एक कार्यक्रम में धुमाल बाजा बजाने जा रहे थे। रास्ते में मरकाटोला घाट के पास उनकी गाड़ी अचानक खराब हो गई। कुछ सदस्य गाड़ी को किनारे खड़ी कर सुधारने की कोशिश कर रहे थे, जबकि कुछ अन्य सदस्य मैकेनिक की तलाश में गए हुए थे। इसी दौरान, पीछे से आ रहे अनाज से भरे एक बेकाबू ट्रक ने उनकी खड़ी गाड़ी को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रक ने धुमाल पार्टी की गाड़ी को लगभग 50 मीटर तक घसीट दिया। स्थानीय लोगों ने बताया कि दोनों वाहनों के परखच्चे उड़ गए और मृतकों के शव तथा घायल लोग अनाज की बोरियों और मलबे में दबे हुए थे। दुर्घटना के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई, और आसपास के लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। यह मंजर इतना भयानक था कि देखने वालों की रूह काँप उठी।
बचाव अभियान और पुलिस की चुनौती
घटना की सूचना मिलते ही बालोद जिले के दो थानों की पुलिस टीम तत्काल राहत और बचाव कार्य के लिए मौके पर पहुंची। बालोद जिले में बीते 36 घंटों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बावजूद, पुलिस जवानों और स्थानीय लोगों ने मिलकर युद्धस्तर पर बचाव अभियान चलाया। बारिश और अंधेरे की चुनौती के बीच, जवानों ने अनाज की बोरियों और वाहनों के मलबे को हटाकर फंसे हुए लोगों को बाहर निकाला। बालोद के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) चंद्रकांत गवर्ना ने मीडिया को बताया कि हादसे में दो लोगों की मौत घटनास्थल पर ही हो गई थी, जबकि चार अन्य घायलों ने धमतरी के एक अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि कुल ग्यारह अन्य घायल लोगों का धमतरी और आसपास के अस्पतालों में उपचार किया जा रहा है, और गंभीर रूप से घायल कुछ लोगों को बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर किया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और ट्रक चालक की तलाश जारी है।
मुख्यमंत्री का संवेदना संदेश और सरकारी निर्देश
इस भीषण सड़क हादसे पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट के माध्यम से अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। मुख्यमंत्री ने लिखा, "बालोद जिले के मरकाटोला घाट में हुई भीषण सड़क दुर्घटना में कई लोगों के असामयिक निधन का समाचार अत्यंत दुःखद है। इस हृदयविदारक घटना में अपने प्रियजनों को खोने वाले शोकाकुल परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति तथा घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना करता हूं।" उन्होंने आगे कहा कि घायलों के समुचित उपचार के लिए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं और दुःख की इस घड़ी में छत्तीसगढ़ सरकार प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि घायलों को हरसंभव चिकित्सा सहायता सुनिश्चित की जाए और मृतकों के परिजनों को भी उचित सहायता प्रदान की जाए।
सड़क सुरक्षा पर गंभीर सवाल और भविष्य की चिंताएं
यह दर्दनाक हादसा एक बार फिर छत्तीसगढ़ में सड़क सुरक्षा की गंभीर स्थिति पर सवाल उठाता है। राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 30 जैसे महत्वपूर्ण मार्गों पर लगातार हो रहे हादसे चिंता का विषय हैं। मरकाटोला घाट जैसे क्षेत्र, जहां घुमावदार मोड़ और खड़ी ढलानें हैं, अक्सर दुर्घटनाओं के लिए संवेदनशील माने जाते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि भारी मालवाहक वाहनों की तेज गति, चालकों की लापरवाही और खराब मौसम भी ऐसे हादसों का प्रमुख कारण बनते हैं। इस घटना ने धुमाल पार्टी के कलाकारों और उनके परिवारों पर गहरा आघात पहुँचाया है, जिनकी रोजी-रोटी का साधन उनका संगीत था। सरकार और परिवहन विभाग को ऐसे संवेदनशील मार्गों पर सुरक्षा उपायों को मजबूत करने, गति सीमा का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने और चालकों में जागरूकता बढ़ाने की दिशा में तत्काल कदम उठाने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं को रोका जा सके।
और पढ़ें
- छत्तीसगढ़ न्यूज़
- ताज़ा खबरें
- वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण, खरोरा में 1420 लोगों ने किया सामूहिक गायन
- छत्तीसगढ़ में चक्रवात अर्नब का तांडव: जनजीवन अस्त-व्यस्त, नदियां उफान पर
- वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ पर रायपुर में नमामि भारतम, मुख्यमंत्री साय ने किया सामूहिक गायन
- जबलपुर-रायपुर 4 घंटे में: MP-छत्तीसगढ़ की लाइफलाइन का DPR तैयार