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अखिलेश का दावा: सपा सरकार में छात्राओं को 50 हजार ‘कन्या विद्याधन’

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अखिलेश का दावा: सपा सरकार में छात्राओं को 50 हजार ‘कन्या विद्याधन’
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उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव ने महिलाओं और छात्राओं को साधने के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। उन्होंने दावा किया है कि यदि उनकी पार्टी सत्ता में आती है, तो बहुचर्चित ‘कन्या विद्याधन योजना’ को एक नए स्वरूप में फिर से शुरू किया जाएगा, जिसके तहत 12वीं पास छात्राओं को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। यह घोषणा 21 सितंबर 2026 को लखनऊ में की गई, जिसका उद्देश्य प्रदेश की लाखों बेटियों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। यह कदम आगामी चुनावों के लिए पार्टी के एजेंडे को मजबूत करने का एक प्रयास है।

कन्या विद्याधन: अतीत से वर्तमान तक की यात्रा

‘कन्या विद्याधन योजना’ का इतिहास समाजवादी पार्टी से गहरा जुड़ा हुआ है। इस योजना की शुरुआत मूल रूप से मुलायम सिंह यादव के मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान हुई थी, जिसका मुख्य लक्ष्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में मदद करना था। बाद में, जब अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री का पद संभाला, तो उन्होंने इस योजना को जारी रखा और इसकी सहायता राशि में वृद्धि की। उनके कार्यकाल में, पात्र छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए 30 हजार रुपये तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती थी। यह योजना उस समय काफी लोकप्रिय हुई थी और हजारों छात्राओं को इसका लाभ मिला था।

अब, अखिलेश यादव ने सत्ता में वापसी पर इस योजना को और अधिक आकर्षक बनाने का प्रस्ताव रखा है। उन्होंने घोषणा की है कि अगर सपा की सरकार बनती है, तो यह सहायता राशि बढ़कर सीधे 50 हजार रुपये हो जाएगी। इस वृद्धि का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि छात्राएं अपनी आगे की पढ़ाई बिना किसी आर्थिक बाधा के पूरी कर सकें और उन्हें अपने सपनों को पूरा करने का अवसर मिले। यह कदम न केवल शिक्षा को बढ़ावा देगा, बल्कि प्रदेश की ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की छात्राओं के बीच एक सकारात्मक संदेश भी देगा।

महिलाओं के लिए अन्य महत्वाकांक्षी योजनाएं

‘कन्या विद्याधन योजना’ के पुनरुद्धार के अलावा, अखिलेश यादव ने महिलाओं और युवाओं को लक्षित करते हुए कई अन्य महत्वपूर्ण घोषणाएं भी की हैं। इनमें से एक प्रमुख प्रस्ताव ‘स्त्री सम्मान-समृद्धि योजना’ है। अगस्त में की गई इस घोषणा के तहत, सपा सरकार बनने पर महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रति वर्ष 40 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने का वादा किया गया है। यह योजना सीधे तौर पर महिलाओं को सशक्त करने और उन्हें अपने छोटे उद्यम शुरू करने या घरेलू खर्चों में सहायता करने का अवसर प्रदान करेगी।

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इसके साथ ही, सपा प्रमुख ने छात्राओं के लिए तकनीकी सशक्तिकरण पर भी जोर दिया है। उन्होंने घोषणा की है कि इंटरमीडिएट पास करने वाली छात्राओं को लैपटॉप और मोबाइल फोन उपलब्ध कराने की योजना फिर से शुरू की जाएगी। यह कदम छात्राओं को आधुनिक शिक्षा और संचार के साधनों से जोड़ने में मदद करेगा। ग्रामीण क्षेत्रों की छात्राओं के लिए साइकिल वितरण का भी जिक्र किया गया है, ताकि उन्हें स्कूल और कॉलेज जाने में सुविधा हो। इसके अतिरिक्त, महिलाओं के लिए विशेष अवकाश जैसी घोषणाओं को भी पार्टी अपने प्रस्तावित एजेंडे में शामिल कर रही है, जो कार्यस्थल पर महिलाओं के लिए बेहतर वातावरण बनाने की दिशा में एक कदम होगा।

चुनावी रणनीति और सामाजिक प्रभाव

अखिलेश यादव की ये घोषणाएं आगामी 2027 विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी की चुनावी रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। महिला मतदाताओं और युवा छात्राओं का एक बड़ा वर्ग उत्तर प्रदेश की राजनीति में निर्णायक भूमिका निभाता है। इन योजनाओं के माध्यम से, सपा इन वर्गों का विश्वास जीतने और उन्हें अपने पाले में लाने का प्रयास कर रही है। ‘कन्या विद्याधन’ और ‘स्त्री सम्मान-समृद्धि योजना’ जैसे कार्यक्रम सीधे तौर पर परिवारों की आर्थिक स्थिति को प्रभावित करते हैं, जिससे पार्टी को व्यापक जनसमर्थन मिलने की उम्मीद है।

इन घोषणाओं का उद्देश्य केवल चुनावी लाभ प्राप्त करना नहीं है, बल्कि प्रदेश में लैंगिक समानता और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना भी है। शिक्षा और आर्थिक स्वतंत्रता महिलाओं को समाज में अपनी पहचान बनाने और महत्वपूर्ण निर्णय लेने में सक्षम बनाती है। अखिलेश यादव का यह कदम यह भी दर्शाता है कि सपा शिक्षा, महिला कल्याण और युवाओं के भविष्य को अपने राजनीतिक एजेंडे के केंद्र में रख रही है। इन योजनाओं के माध्यम से, समाजवादी पार्टी एक प्रगतिशील और समावेशी समाज के निर्माण का संदेश देना चाहती है, जहां हर बेटी को पढ़ने और आगे बढ़ने का समान अवसर मिले और हर महिला आत्मनिर्भर बन सके।

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लेखक
Dipti Das
दिप्ति दास साकार भारत की रिपोर्टर हैं। वे छत्तीसगढ़ और देश की ताज़ा खबरें, राजनीति, समाज और जनहित के विषयों पर रिपोर्ट करती हैं।

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